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सिंधौली के एडीओ पंचायत समेत तीन कर्मचारी निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Thu, 27 Apr 2017 11:49 PM IST
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प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के क्रियान्वयन में विभिन्न स्तरों पर बरती जा रही ढिलाई पर मुख्य विकास अधिकारी टीके शिबु ने कड़क रुख अपनाते हुए सिंधौली ब्लॉक कार्यालय के एडीओ पंचायत समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। साथ ही पांच अन्य खंड विकास अधिकारियों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया है।
बता दें कि सिंधौली ब्लॉक में इस योजना के तहत 620 आवास स्वीकृत किए गए थे। सीडीओ ने योजना की ब्लॉक वार समीक्षा करने पर पाया कि सिंधौली ब्लॉक में अभी तक 326 आवासों की स्वीकृति के सापेक्ष केवल 150 लाभार्थियों को आवास बनाने के लिए प्रथम किश्त दी जा सकी है, जबकि वहां के स्टाफ को गत 20 अप्रैल तक शत-प्रतिशत आवास स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए थे।
इसे गंभीर कार्यगत शिथिलता मानते हुए सिंधौली के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी धर्मेंद्र अवस्थी, पवन श्रीवास्तव और एडीओ पंचायत महाराज सिंह को निलंबित किया गया। सीडीओ के अनुसार एडीओ पंचायत को ग्राम पंचायतों में आवासों का कार्य भी आवंटित किया गया है। इसलिए कार्यगत शिथिलता के लिए उन्हें भी दोषी मानते हुए निलंबन कार्यवाही के दायरे में लिया गया।
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समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि विकास खंड जैतीपुर, निगोही, कांट, बंडा और जलालाबाद में आवासों की स्वीकृति 50 फीसदी से भी कम है। इसका प्रमुख कारण पंजीकृत लाभार्थियों का सत्यापन और जिओ टैगिंग नहीं किया जाना है। प्रथम किश्त के भुगतान में बंडा और खुदागंज ब्लॉक में क्रमश: मात्र 4.47 और 7.71 प्रतिशत प्रगति पाई गई। इस पर संबंधित खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। सीडीओ के अनुसार संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने की दशा में संबंधित बीडीओ पर भी निलंबन कार्यवाही होगी।
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बता दें कि सिंधौली ब्लॉक में इस योजना के तहत 620 आवास स्वीकृत किए गए थे। सीडीओ ने योजना की ब्लॉक वार समीक्षा करने पर पाया कि सिंधौली ब्लॉक में अभी तक 326 आवासों की स्वीकृति के सापेक्ष केवल 150 लाभार्थियों को आवास बनाने के लिए प्रथम किश्त दी जा सकी है, जबकि वहां के स्टाफ को गत 20 अप्रैल तक शत-प्रतिशत आवास स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए थे।
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इसे गंभीर कार्यगत शिथिलता मानते हुए सिंधौली के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी धर्मेंद्र अवस्थी, पवन श्रीवास्तव और एडीओ पंचायत महाराज सिंह को निलंबित किया गया। सीडीओ के अनुसार एडीओ पंचायत को ग्राम पंचायतों में आवासों का कार्य भी आवंटित किया गया है। इसलिए कार्यगत शिथिलता के लिए उन्हें भी दोषी मानते हुए निलंबन कार्यवाही के दायरे में लिया गया।
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समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि विकास खंड जैतीपुर, निगोही, कांट, बंडा और जलालाबाद में आवासों की स्वीकृति 50 फीसदी से भी कम है। इसका प्रमुख कारण पंजीकृत लाभार्थियों का सत्यापन और जिओ टैगिंग नहीं किया जाना है। प्रथम किश्त के भुगतान में बंडा और खुदागंज ब्लॉक में क्रमश: मात्र 4.47 और 7.71 प्रतिशत प्रगति पाई गई। इस पर संबंधित खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। सीडीओ के अनुसार संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने की दशा में संबंधित बीडीओ पर भी निलंबन कार्यवाही होगी।