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Shahjahanpur News: दिव्यांग युवक की हत्या में तीन भाइयों और भतीजे को उम्रकैद

Sat, 26 Jul 2025 12:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 26 Jul 2025 12:30 AM IST
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Three brothers and nephew get life imprisonment for murder of a handicapped youth
शाहजहांपुर। रास्ते के विवाद में दिव्यांग की गोली मारकर हत्या के दोषी तीन भाइयों और भतीजे को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हमलावरों की फायरिंग में पड़ोसी महिला भी गोली लगने से घायल हो गई थी।
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मिर्जापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले सोनपाल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसके गांव के ही नर सिंह उसके भाई पप्पू व सुरेश उर्फ भूरे, भूरे का बेटा आलोक बदमाश किस्म के हैं। उनके घर पर अवैध हथियार बनाने का धंधा होता है। इन लोगों से उसके परिजनों से रास्ते के निकास को लेकर पुरानी रंजिश है।
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12 मार्च 2023 को सुबह आठ बजे उसका दिव्यांग भाई ऋषिपाल (38 वर्ष) उसी रास्ते पर खड़ा था। तभी चारों लोग असलहे लेकर आ गए। उन लोगों के गालीगलौज करने पर भाई ने मना किया तो पप्पू, सुरेश ने तमंचे से फायर कर दिए। गोली उसके भाई ऋषिपाल और सात वर्ष के शैलेष को लगी।
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नर सिंह और आलोक ने भी फायरिंग की। इसमें गोली गुड्डू की पत्नी गुड्डी देवी को लग गई। शोर-शराबा होने पर गांव के लोग आ गए। सोनपाल ने बताया कि वह अपने भाई को लेकर जरीनपुर सीएचसी आया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने नर सिंह, पप्पू, सुरेश उर्फ भूरे और आलोक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र अदालत भेजा।
अदालत ने हमलावरों को दोषी माना। अदालत ने कहा कि दोषियों ने वादी के भाई ऋषिपाल की गोली मारकर हत्या कर दी। उसके पड़ोसी गुड्डू की पत्नी गुड्डी को भी दो गोलियां मारीं। दोषी काफी दबंग किस्म के हैं। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने नर सिंह उसके भाई सुरेश उर्फ भूरे और पप्पू, सुरेश के बेटे आलोक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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दहेज के लिए हत्या में पति, ससुर और सास को दस-दस वर्ष का कारावास

शाहजहांपुर। दहेज के लिए हत्या में अदालत ने पति, ससुर और सास को दस-दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
देवनारायण ने सेहरामऊ दक्षिणी थाने में प्रार्थना पत्र दिया था कि उसने अपनी बेटी जूली की शादी पंचौली गांव के कपिल से तीन वर्ष पहले की थी। ससुराल वाले उसकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। 13 सितंबर 2020 को उसे सूचना मिली कि उसकी बेटी ने फंदे से लटककर जान दे दी है। वह मौके पर पहुंचा तो शव बेड पर पड़ा मिला। उसकी बेटी को पति कपिल, सास गीता देवी, ससुर राकेश, चचिया ससुर संजय, देवर अनुराग और आदेश ने मिलकर मार डाला है।

दामाद कपिल ने बेटी के फंदा लगाने की सूचना फोन पर दी थी। पुलिस ने विवेचना के बाद कपिल, राकेश और गीता देवी के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश नेहा आनंद ने कपिल, राकेश और गीता को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। संवाद
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