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Shahjahanpur News: छात्र के अपहरण के तीन आरोपी दोषमुक्त
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शाहजहांपुर। छात्र के अपहरण के तीन आरोपियों को अदालत ने दोषमुक्त करार दिया। अदालत में छात्र ने पिता की डांट के बाद खुद घर से चले जाने का बयान दिया था।
जागेश्वर दयाल वर्मा ने बंडा थाने में 28 जून 2009 को प्रार्थनापत्र दिया था। उन्होंने बताया था कि 12 जून की शाम उनका कक्षा छह में पढ़ने वाला 11 वर्षीय बेटा अजय कुमार वर्मा कुछ सामान लेने गया था। उसके वापस न आने पर उसकी तलाश शुरू की तो वह अगले दिन रामनगर कॉलोनी में नूरी मस्जिद के पास मिला। उसके शरीर पर चोट के निशान थे।
पांच-छह दिन बाद उसने बताया कि गुरुद्वारा गली में उसे पडरिया दलेलपुर निवासी कामता, उसका बेटा सुरेंद्र और रामदयाल मिले थे। उन्होंने समोसा खिलाया और अपने साथ कहीं ले गए। दूसरे दिन उसके रोने पर उन लोगों ने उसे पीटा और उसके बेहोश होने पर मस्जिद के पास छोड़ गए। जब जागेश्वर ने उन लोगों से जानकारी ली तो उन्हें धमकाया गया।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद तीनों लोगाें के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश कुमार मिताक्षर ने कामता, सुरेंद्र और रामदयाल पर लगाए गए आरोपों को साबित होना नहीं पाया। तीनों को दोषमुक्त कर दिया। संवाद
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जागेश्वर दयाल वर्मा ने बंडा थाने में 28 जून 2009 को प्रार्थनापत्र दिया था। उन्होंने बताया था कि 12 जून की शाम उनका कक्षा छह में पढ़ने वाला 11 वर्षीय बेटा अजय कुमार वर्मा कुछ सामान लेने गया था। उसके वापस न आने पर उसकी तलाश शुरू की तो वह अगले दिन रामनगर कॉलोनी में नूरी मस्जिद के पास मिला। उसके शरीर पर चोट के निशान थे।
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पांच-छह दिन बाद उसने बताया कि गुरुद्वारा गली में उसे पडरिया दलेलपुर निवासी कामता, उसका बेटा सुरेंद्र और रामदयाल मिले थे। उन्होंने समोसा खिलाया और अपने साथ कहीं ले गए। दूसरे दिन उसके रोने पर उन लोगों ने उसे पीटा और उसके बेहोश होने पर मस्जिद के पास छोड़ गए। जब जागेश्वर ने उन लोगों से जानकारी ली तो उन्हें धमकाया गया।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद तीनों लोगाें के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश कुमार मिताक्षर ने कामता, सुरेंद्र और रामदयाल पर लगाए गए आरोपों को साबित होना नहीं पाया। तीनों को दोषमुक्त कर दिया। संवाद