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Shahjahanpur News: बिजली-पानी के लिए तरसे, सड़क पर बाढ़ के पानी में फंसे
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बरेली मोड़ से राजकीय मेडिकल कॉलेज तक भरे पानी के बीच से निकलते लोग। संवाद
शाहजहांपुर। गर्रा नदी का पानी बृहस्पतिवार को शहर की कॉलोनियों में घुस गया। आसपास पानी भरने से लोग घरों में कैद हो गए। बिजली काट दिए जाने के कारण लोग साफ पानी के लिए तरस गए। छोटे बच्चों के दूध के लिए लोग परेशान होते नजर आए। मकान छोड़कर थोड़ा-बहुत जरूरी सामान लेकर रिश्तेदारी में जाने के लिए निकले लोग बरेली मोड़ के आसपास भरे चार-पांच फुट पानी में फंसकर काफी परेशान हुए।
बुधवार की रात अचानक गर्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया। पानी नदी से निकलकर आसपास के क्षेत्र में फैलना शुरू हो गया। अजीजगंज से लेकर आवास विकास कॉलोनी, कांशीराम कॉलोनी, राजकीय मेडिकल कॉलेज कॉलोनी, साउथ सिटी समेत करीब 15 कॉलोनियों में पानी घुस गया।
दिन में 11 बजे जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज से लेकर बरेली मोड़ तक पूरी सड़क डूब गई। 11 बजे तक लोगों के घुटने के नीचे पानी था, लेकिन दो बजे तक लोगों की कमर तक पानी पहुंच गया। राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया। पानी का बहाव भी काफी तेज था।
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पानी में दोपहिया वाहन बंद हुए तो लोगों को खींचकर निकालना पड़ा। बड़े वाहनों के बगल से गुजरने पर उठने वाली लहर से कई लोग पानी में गिर पड़े। एसएस कॉलेज से लेकर सड़क किनारे बने सभी प्रतिष्ठानों में पानी भर गया। लोग अपने प्रतिष्ठानों का सामान बचाने का प्रयास करते दिखे।
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बिजली आपूर्ति ठप होने से पानी के लिए तरसे लोग
बाढ़ का पानी आने के बाद बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। इससे सबसे अधिक दिक्कत लोगों को पानी को लेकर आई। घरों में पानी भरने पर लोगों ने घरेलू सामान को छतों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। यहां अधिकतर लोग परिवार के साथ छतों पर आसरा लिए हुए दिखे।
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रिश्तेदारी में जाने के लिए निकले लोग बाढ़ के पानी में फंसे
पानी से मकान घिरने के बाद कोई विकल्प न होने पर लोगों ने अपने परिवार के साथ जरूरी सामान लेकर रिश्तेदारी में जाने का फैसला किया। छोटे बच्चों को कंधे पर बैठाकर लोग निकले। राजकीय मेडिकल कॉलेज के पीछे बनी कॉलोनी में भरे चार-पांच फुट पानी से निकलकर लोग किसी तरह मुख्य सड़क पर आए। बरेली मोड़ के लिए चले तो आगे रास्ते पर भी काफी जलभराव था। ऐसे में उन्होंने डिवाइडर का सहारा लिया।
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ककराकलां, न्यू सिटी ककरा और सुभाषनगर के हालात खराब
ककराकलां में कई मकानों में पानी भर गया है। लोग अपना सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। अधिकतर लोगों ने अपने परिवार की महिलाओं और बच्चों को रिश्तेदारियों में भेज दिया है। कुछ लोग छतों पर डेरा डालकर घरों की हिफाजत कर रहे हैं तो एक-दो दिन में जलस्तर घटने की उम्मीद में कुछ लोग घरों में ही आसरा लिए हुए हैं। ककरा न्यू सिटी का क्षेत्र बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसमें चार्जिंग स्टेशन, नगर निगम का निर्माणाधीन भवन आदि शामिल हैं। न्यू सिटी रोड और गर्रा नदी के पुल के पास पानी अधिक होने से सड़क आवागमन बंद है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां पर पुलिस तैनात कर दी गई है। इधर, गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से सुभाषनगर में पहले से डूबे मकानों में और पानी भर गया। बृहस्पतिवार को भी बाढ़ में फंसे लोगों को नाव की मदद से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मोहल्ले के लोगों ने लोगों को राहत सामग्री वितरित की गई।
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बुधवार की रात अचानक गर्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया। पानी नदी से निकलकर आसपास के क्षेत्र में फैलना शुरू हो गया। अजीजगंज से लेकर आवास विकास कॉलोनी, कांशीराम कॉलोनी, राजकीय मेडिकल कॉलेज कॉलोनी, साउथ सिटी समेत करीब 15 कॉलोनियों में पानी घुस गया।
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दिन में 11 बजे जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज से लेकर बरेली मोड़ तक पूरी सड़क डूब गई। 11 बजे तक लोगों के घुटने के नीचे पानी था, लेकिन दो बजे तक लोगों की कमर तक पानी पहुंच गया। राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया। पानी का बहाव भी काफी तेज था।
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पानी में दोपहिया वाहन बंद हुए तो लोगों को खींचकर निकालना पड़ा। बड़े वाहनों के बगल से गुजरने पर उठने वाली लहर से कई लोग पानी में गिर पड़े। एसएस कॉलेज से लेकर सड़क किनारे बने सभी प्रतिष्ठानों में पानी भर गया। लोग अपने प्रतिष्ठानों का सामान बचाने का प्रयास करते दिखे।
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बिजली आपूर्ति ठप होने से पानी के लिए तरसे लोग
बाढ़ का पानी आने के बाद बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। इससे सबसे अधिक दिक्कत लोगों को पानी को लेकर आई। घरों में पानी भरने पर लोगों ने घरेलू सामान को छतों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। यहां अधिकतर लोग परिवार के साथ छतों पर आसरा लिए हुए दिखे।
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रिश्तेदारी में जाने के लिए निकले लोग बाढ़ के पानी में फंसे
पानी से मकान घिरने के बाद कोई विकल्प न होने पर लोगों ने अपने परिवार के साथ जरूरी सामान लेकर रिश्तेदारी में जाने का फैसला किया। छोटे बच्चों को कंधे पर बैठाकर लोग निकले। राजकीय मेडिकल कॉलेज के पीछे बनी कॉलोनी में भरे चार-पांच फुट पानी से निकलकर लोग किसी तरह मुख्य सड़क पर आए। बरेली मोड़ के लिए चले तो आगे रास्ते पर भी काफी जलभराव था। ऐसे में उन्होंने डिवाइडर का सहारा लिया।
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ककराकलां, न्यू सिटी ककरा और सुभाषनगर के हालात खराब
ककराकलां में कई मकानों में पानी भर गया है। लोग अपना सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। अधिकतर लोगों ने अपने परिवार की महिलाओं और बच्चों को रिश्तेदारियों में भेज दिया है। कुछ लोग छतों पर डेरा डालकर घरों की हिफाजत कर रहे हैं तो एक-दो दिन में जलस्तर घटने की उम्मीद में कुछ लोग घरों में ही आसरा लिए हुए हैं। ककरा न्यू सिटी का क्षेत्र बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसमें चार्जिंग स्टेशन, नगर निगम का निर्माणाधीन भवन आदि शामिल हैं। न्यू सिटी रोड और गर्रा नदी के पुल के पास पानी अधिक होने से सड़क आवागमन बंद है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां पर पुलिस तैनात कर दी गई है। इधर, गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से सुभाषनगर में पहले से डूबे मकानों में और पानी भर गया। बृहस्पतिवार को भी बाढ़ में फंसे लोगों को नाव की मदद से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मोहल्ले के लोगों ने लोगों को राहत सामग्री वितरित की गई।

बरेली मोड़ से राजकीय मेडिकल कॉलेज तक भरे पानी के बीच से निकलते लोग। संवाद

बरेली मोड़ से राजकीय मेडिकल कॉलेज तक भरे पानी के बीच से निकलते लोग। संवाद

बरेली मोड़ से राजकीय मेडिकल कॉलेज तक भरे पानी के बीच से निकलते लोग। संवाद

बरेली मोड़ से राजकीय मेडिकल कॉलेज तक भरे पानी के बीच से निकलते लोग। संवाद

बरेली मोड़ से राजकीय मेडिकल कॉलेज तक भरे पानी के बीच से निकलते लोग। संवाद