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नहीं रहे हॉकी पुरोधा उस्ताद अच्छू खां
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Fri, 02 Dec 2016 12:00 AM IST
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अच्छू खां का फाइल फोटो।
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हॉकी के पुरोधा और जनपद रत्न से सम्मानित हाजी एजाज हसन खां उर्फ अच्छू खां का बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे इंतकाल हो गया। वह लगभग 80 वर्ष के थे। देर शाम बड़ी ईदगाह कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए- खाक किया गया। अच्छू खां के निधन का समाचार सुन डीएम राम गणेश और एसपी केबी सिंह ने उनके आवास पर जाकर भावभींनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
टाउन हाल क्लब आल इंडिया गोल्डकप प्राइजमनी हॉकी टूर्नामेंट से देशभर में पहचान बनाने वाले उस्ताद अच्छू खां पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। इस बार हॉकी टूर्नामेंट से पहले ही उन्हें डेंगू हो गया था। बेहद विनम्र और मिलनसार अच्छू खां के इंतकाल से हॉकी जगत में आई कमी को अब भरना मुश्किल है। पिछले वर्ष नवंबर में पत्नी के इंतकाल के बाद वह टूट गए थे। हॉकी टूर्नामेंट के बाद इसी सप्ताह एक मुलाकात में उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी कैंसर से पीड़ित थीं। पत्नी से उन्होंने कहा था कि वह एक साल मेें ही उनके पास पहुंच जाएंगे। बोले- अब मेरा भी अंतिम समय आ गया है। उनका कोई दोस्त दुनिया में नहीं रहा। पत्नी को याद करते हुए अच्छू खां ने कहा कि उनके हॉकी खेलने में पत्नी का बहुत बड़ा योगदान है। हॉकी मैदान की उन्होंने बच्चों की तरह देखभाल की। अच्छू खां ने पूरा जीवन हॉकी को समर्पित दिया। वह सैकड़ों बच्चों की हॉकी नर्सरी तैयार कर गए। जाट रेजीमेंट से लेकर कई टीमों के लिए उन्होंने अपना योगदान दिया और कई युवा नेशनल स्तर पर पहुंचे। अच्छू खां मोहन बागान से भी जुडे़ रहे और पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया आदि टीमों के खिलाफ भी खेले थे। वह ओसीएफ से 2001 में रिटायर हुए थे। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर 1997 में जनपद रत्न से सम्मानित किया गया था।
हमेशा याद किए जाएंगे अच्छू खां: खन्ना
भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश कुमार खन्ना ने अच्छू खां के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके निधन से खेल जगत में आई कमी को पूरा नहीं किया जा सकता।
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जिले को दी नई पहचान: तनवीर
टाउनहाल क्लब के संरक्षक चेयरमैन तनवीर खां ने शोकसंवेदना व्यक्त कर कहा कि हाजी एजाज हसन खां का इंतकाल दुखद है। उन्होंने देशभर में हॉकी के माध्यम से शाहजहांपुर का नाम रोशन किया है। क्लब अध्यक्ष रमेश चंद्र दीक्षित आदि ने अच्छू खां के इंतकाल पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
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टाउन हाल क्लब आल इंडिया गोल्डकप प्राइजमनी हॉकी टूर्नामेंट से देशभर में पहचान बनाने वाले उस्ताद अच्छू खां पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। इस बार हॉकी टूर्नामेंट से पहले ही उन्हें डेंगू हो गया था। बेहद विनम्र और मिलनसार अच्छू खां के इंतकाल से हॉकी जगत में आई कमी को अब भरना मुश्किल है। पिछले वर्ष नवंबर में पत्नी के इंतकाल के बाद वह टूट गए थे। हॉकी टूर्नामेंट के बाद इसी सप्ताह एक मुलाकात में उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी कैंसर से पीड़ित थीं। पत्नी से उन्होंने कहा था कि वह एक साल मेें ही उनके पास पहुंच जाएंगे। बोले- अब मेरा भी अंतिम समय आ गया है। उनका कोई दोस्त दुनिया में नहीं रहा। पत्नी को याद करते हुए अच्छू खां ने कहा कि उनके हॉकी खेलने में पत्नी का बहुत बड़ा योगदान है। हॉकी मैदान की उन्होंने बच्चों की तरह देखभाल की। अच्छू खां ने पूरा जीवन हॉकी को समर्पित दिया। वह सैकड़ों बच्चों की हॉकी नर्सरी तैयार कर गए। जाट रेजीमेंट से लेकर कई टीमों के लिए उन्होंने अपना योगदान दिया और कई युवा नेशनल स्तर पर पहुंचे। अच्छू खां मोहन बागान से भी जुडे़ रहे और पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया आदि टीमों के खिलाफ भी खेले थे। वह ओसीएफ से 2001 में रिटायर हुए थे। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर 1997 में जनपद रत्न से सम्मानित किया गया था।
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भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश कुमार खन्ना ने अच्छू खां के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके निधन से खेल जगत में आई कमी को पूरा नहीं किया जा सकता।
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टाउनहाल क्लब के संरक्षक चेयरमैन तनवीर खां ने शोकसंवेदना व्यक्त कर कहा कि हाजी एजाज हसन खां का इंतकाल दुखद है। उन्होंने देशभर में हॉकी के माध्यम से शाहजहांपुर का नाम रोशन किया है। क्लब अध्यक्ष रमेश चंद्र दीक्षित आदि ने अच्छू खां के इंतकाल पर गहरा दुख व्यक्त किया है।