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पति की मौत के बाद मिले थे 10-15 हजार रुपये, फिर भूल गए नेता और अधिकारी

Sat, 09 Apr 2022 12:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2022 12:27 AM IST
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Then got 10-15 thousand rupees, then no one looked back
रोजा के हथौड़ा में मिलावटी आटा खाने से मरे जलील अहमद के पजिन घटना की जानकारी देते हुए - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। 25 साल पहले मिलावट से विषाक्त हुए आटे की रोटियां खाने से 14 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में हथौड़ा गांव के जलील अहमद भी शामिल थे। रिक्शा चलाकर परिवार को पालने वाले जलील अहमद की मौत के बाद उनकी कच्ची गृहस्थी उजड़ गई। पत्नी मिस्कीना ने आगे बढ़कर परिवार को संभाला और मेहनत-मजदूरी कर बेटियों को पालकर बढ़ा दिया। कोर्ट का फैसला आने के बाद मिस्कीना और उनकी बेटियों की आंखों से आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि पति की मौत के समय 10-15 हजार रुपये मिले थे। काफी आश्वासन भी मिले थे, उसके बाद किसी ने पलटकर नहीं देखा।
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हथौड़ा गांव के एक छोटे से घर में मिस्कीना अपनी बेटियों के साथ रहती हैं। परिवार को चलाने के लिए गन्ना शोध परिषद में मेहनत-मजदूरी करती हैं। बेटियां भी परिवार का सहारा बन गईं और कालीन का काम करती हैं। मिस्कीना और उनकी बेटियां बताती हैं कि जलील अहमद पैडल वाला रिक्शा चलाते थे। कभी-कभी ईंट भट्ठा पर नौकरी भी कर लेते थे। उनकी पांच बेटियां सितारा, चंदा, हुमा, शाजिया, नाजिया उस समय काफी छोटी थीं। बड़ी बेटी सलमा की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। जलील ही परिवार की गाड़ी को खींच रहे थे। मिस्कीना ने बताया कि उस दिन जलील आटा लेकर आए थे। उसकी रोटी बनाई थीं। रोटी खाने के बाद जलील, उनकी पत्नी मिस्कीना और परिवार के अन्य सदस्यों की हालत बिगड़ गई।
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शोर-शराबा होने पर पूरे परिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां जलील की मौत हो गई। मिस्कीना को उनके अंतिम दर्शन भी नहीं मिले। काफी दिनों के बाद वह उनकी बेटियां ठीक हो पाईं थीं। मिस्कीना के मुताबिक, पति की मौत के बाद काफी संघर्ष किया और अब भी कर रहे हैं। दो बेटियों सितारा और चंदा की शादी कर दी। हुमा, नाजिया और शाजिया अविवाहित हैं। उस समय 10 से 15 हजार रुपये मिले थे। अधिकारियों और नेताओं ने हर संभव मदद का वादा किया था, लेकिन उसके बाद लौटकर नहीं आए। बताया कि सरकारी सहायता के तौर पर सिर्फ वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है। बीपीएल कार्ड तक नहीं बना है। कार्ड बनवाने के लिए काफी भागदौड़ करने के बाद भी कोई हल नहीं निकला।
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