फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   The wheat plants have turned yellow due to the unavailability of urea, leaving farmers worried.

Shahjahanpur News: यूरिया नहीं मिलने से गेहूं के पौधों में आया पीलापन, किसान परेशान

Sun, 14 Dec 2025 10:38 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 14 Dec 2025 10:38 PM IST
विज्ञापन
The wheat plants have turned yellow due to the unavailability of urea, leaving farmers worried.
कुर्रिया कलां में खाद की कमी से पीली पड़ी गेहूं की फसल। संवाद
कुर्रियाकलां। गेहूं की बोआई के दौरान डीएपी के संकट से परेशान रहे किसान अब अगैती गेहूं की सिंचाई के वक्त यूरिया के लिए भटक रहे हैं। प्रशासन भले ही यूरिया के भरपूर स्टॉक का दावा करे, लेकिन क्षेत्र सहकारी समितियों के गोदाम खाद नहीं होने से खाली पड़े हैं। यूरिया की कमी का असर खेतों में अंकुरित हुए गेहूं के पौधों पर पीलेपन के रूप में दिखने लगा है।
विज्ञापन

कांट ब्लॉक की सहकारी समितियों पर पिछले दो सप्ताह से खाद का संकट बना हुआ है। गांव की सहकारी समिति पर यूरिया उपलब्ध नहीं होने से किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे खेतों की नमी सूखने से पौधों में पीलापन आने लगा है। किसानों का कहना है कि टोकन मिलने के बाद भी कई दिनों से खाद के लिए समितियों पर चक्कर लगा रहे हैं। जमुनिया दौलतपुर समिति से जुड़े गांव नगला जाजू के किसान बाबू सिंह कुशवाहा ने बताया कि उनके चार एकड़ खेत में बोई गई गेहूं की फसल की सिंचाई के वक्त यूरिया की आवश्यकता है।
विज्ञापन

उनका कहना है कि कई बार समिति के गोदाम पर जाने पर भी यूरिया नहीं मिली। इस वजह से उन्होंने दुकान से महंगे दामों पर यूरिया खरीदकर खेतों में डाली। यही हाल कौढ़ा समिति का है। इस समिति से जुड़े गांव पथरा खास के किसान प्रेमपाल जाटव ने बताया कि पंद्रह दिन से यूरिया के लिए गोदाम पर जा रहे हैं, लेकिन यूरिया नहीं मिली। समिति के सचिव किसानों को आज-कल कहकर टाल रहे हैं। नतीजे में उन्हें मजबूरी में बाजार से एक बोरी यूरिया के अधिक दाम चुकाने पर भी यूरिया के साथ 300 रुपये का जाइम पैकेट भी लेना पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी क्रम में खिरिया हीर सहकारी समिति पर एक सप्ताह पूर्व यूरिया के वितरण के दौरान किसानों में विवाद हो जाने से समिति के कई सदस्य किसान यूरिया पाने से वंचित रह गए। चौहनापुर गांव के रामकिशोर त्रिपाठी के अनुसार उनके बटाईदार को कई दिन से यूरिया नहीं मिली। इस वजह से खेतों में खड़ी फसल पीली पड़ने लगी है। एआर कोऑपरेटिव अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि जल्द ही यूरिया का संकट खत्म हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed