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गंगा-रामगंगा का जलस्तर घटने के बावजूद तटीय गांवों में बाढ़ का प्रकोप
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शाहजहांपुर। नरौरा बैराज से निकाले जा रहे अतिरिक्त पानी की मात्रा घटने के साथ ही कलान के भैसार बांध पर बीते 24 घंटे के दौरान गंगा का जलस्तर 15 सेमी कम हो गया है। जैतीपुर से परौर और अल्हागंज तक रामगंगा भी 15 सेमी घट गई है। बावजूद गंगा के तटवर्ती गांवों के आसपास बाढ़ का पानी भरा है और कई रास्ते जलमग्न होने से ग्रामीण नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। इस बीच, कलान के एसडीएम सतीश चंद्रा ने प्रभारी निरीक्षक अरविंद चौहान के साथ बाढ़ प्रभावित इस्लामनगर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि दोनों नदियां उतार पर हैं। कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर घटकर 143.05 मीटर हो गया है। बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा भी नीचे उतरकर 158.42 मीटर पर आ गई है। बताया गया कि नरौरा बैराज से शुक्रवार शाम पानी की निकासी 58 हजार से घटकर 42 हजार क्यूसेक हो गई है। इसलिए शनिवार तक जलस्तर और कम होगा, लेकिन नदियां उतार पर होने के बावजूद तटीय गांवों के बाशिंदों को अभी बाढ़ से कोई राहत नहीं मिल सकी है।
जलालाबाद-शमशाबाद मार्ग, मैनपुरी-एटा स्टेट हाईवे, चौंरा-बसोला मार्ग और बांसखेड़ा व भरतपुर-पैलानी संपर्क मार्गों पर अभी पानी बह रहा है। अन्य मार्गों पर पानी कम होने से आवागमन आज शुरू हो गया है। हालांकि, बाढ़ के पानी से चौतरफा घिरे आजादनगर तक पहुंचना अभी खतरे से खाली नहीं है। ग्रामीण नाव से बाजार आ-जा रहे हैं। इस्लाम नगर का दक्षिणी भाग अभी जलमग्न है। आजादनगर से बमुश्किल एक सौ मीटर दूर बसे फर्रुखाबाद जिले के कमथरी, समेचीपुर, चितार आदि गांव भी बाढ़ से पूरी तरह घिरे हुए हैं।
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शुक्रवार को एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित इस्लामनगर के समीप कमथरी जाने वाले पक्के मार्ग की जलमग्न डिप के समीप तक जाकर बाढ़ से घिरे आजादनगर का जायजा लिया। वहां के ग्रामीणों ने एसडीएम से बाढ़ राहत दिए जाने की गुहार लगाई। इस मांग का समर्थन ग्राम प्रधान फारूक अली और समाजसेवी रिजवान अहमद ने भी किया। एसडीएम ने राहत सामग्री की व्यवस्था कराने का आश्वासन देते हुए क्षेत्रीय लेखपाल संजीव कुमार से बाढ़ की स्थिति पर पैनी नजर रखने तथा बाढ़ पीड़ितों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।
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सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि दोनों नदियां उतार पर हैं। कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर घटकर 143.05 मीटर हो गया है। बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा भी नीचे उतरकर 158.42 मीटर पर आ गई है। बताया गया कि नरौरा बैराज से शुक्रवार शाम पानी की निकासी 58 हजार से घटकर 42 हजार क्यूसेक हो गई है। इसलिए शनिवार तक जलस्तर और कम होगा, लेकिन नदियां उतार पर होने के बावजूद तटीय गांवों के बाशिंदों को अभी बाढ़ से कोई राहत नहीं मिल सकी है।
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जलालाबाद-शमशाबाद मार्ग, मैनपुरी-एटा स्टेट हाईवे, चौंरा-बसोला मार्ग और बांसखेड़ा व भरतपुर-पैलानी संपर्क मार्गों पर अभी पानी बह रहा है। अन्य मार्गों पर पानी कम होने से आवागमन आज शुरू हो गया है। हालांकि, बाढ़ के पानी से चौतरफा घिरे आजादनगर तक पहुंचना अभी खतरे से खाली नहीं है। ग्रामीण नाव से बाजार आ-जा रहे हैं। इस्लाम नगर का दक्षिणी भाग अभी जलमग्न है। आजादनगर से बमुश्किल एक सौ मीटर दूर बसे फर्रुखाबाद जिले के कमथरी, समेचीपुर, चितार आदि गांव भी बाढ़ से पूरी तरह घिरे हुए हैं।
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शुक्रवार को एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित इस्लामनगर के समीप कमथरी जाने वाले पक्के मार्ग की जलमग्न डिप के समीप तक जाकर बाढ़ से घिरे आजादनगर का जायजा लिया। वहां के ग्रामीणों ने एसडीएम से बाढ़ राहत दिए जाने की गुहार लगाई। इस मांग का समर्थन ग्राम प्रधान फारूक अली और समाजसेवी रिजवान अहमद ने भी किया। एसडीएम ने राहत सामग्री की व्यवस्था कराने का आश्वासन देते हुए क्षेत्रीय लेखपाल संजीव कुमार से बाढ़ की स्थिति पर पैनी नजर रखने तथा बाढ़ पीड़ितों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।