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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   The video went viral... First, his son died, and then the angry father was dragged away by the police.

Shahjahanpur News: वीडियो वायरल... एक तो बेटे की मौत हो गई, ऊपर से गुस्साए पिता को घसीटकर ले गई पुलिस

Mon, 09 Feb 2026 12:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:44 AM IST
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The video went viral... First, his son died, and then the angry father was dragged away by the police.
मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद
शाहजहांपुर। मेडिकल कॉलेज में इलाज में लापरवाही से अंकित छात्र की मौत होने का आरोप लगाकर हंगामा करते परिजनों पर पुलिस ने काफी सख्ती दिखाई। एक वायरल वीडियो में अंकित के पिता विमलेश चौहान को मेडिकल कॉलेज में ही बनी चौकी तक घसीटते हुए ले जाने की बात सामने आई है। वहीं पुलिस का कहना है कि बेवजह के आरोप लगाकर हंगामा किया जा रहा था, जिससे बाकी मरीजों को भी दिक्कत हो रही थी। हंगामा के फुटेज निकलवाकर कार्रवाई की जाएगी।
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इंटरमीडिएट के छात्र अंकित की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया था। करीब एक घंटे तक विवाद चलता रहा। परिजनों ने बताया कि एक पुलिसकर्मी ने पिता विमलेश के थप्पड़ जड़ दिए और उन्हें घसीटते हुए चौकी में ले जाकर बंद कर दिया। साथ ही परिवार के दो और सदस्यों को भी बंद कर दिया गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
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विमलेश चौहान के साथ किए गए पुलिस के बर्ताव को लेकर परिजनों में काफी नाराजगी है। अंकित विमलेश का इकलौता बेटा था। उनके बुढ़ापे का सहारा था। विमलेश पर क्या बीत रही होगी, उनकी क्या मनोदशा होगी, इसका पुलिस को ध्यान रखना चाहिए था।
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पिता बोले- मोरचरी जाकर देखा तो बेटे की चल रहीं थीं सांसें
विमलेश चौहान ने बताया कि दिन में करीब डेढ़ बजे कैंट चौकी ने कॉल कर सूचना दी। बताया कि दुर्घटना में अंकित घायल हो गया है। इसके बाद भाई राजेश के साथ कैंट चौकी पहुंचे तो पता चला कि बेटे को उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। मेडिकल काॅलेज आने पर डॉक्टरों ने बताया कि अंकित की मौत हो चुकी है, शव को मोरचरी में रखवा दिया है। जब मोरचरी जाकर देखा तो बेटे की सांसें चल रही थीं। इसके बाद बेटे को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। डॉक्टरों से बेटे के जीवित होने की बात कहते हुए इलाज करने के लिए कहा, लेकिन डाॅक्टरों ने उनकी एक नहीं सुनी। आरोप है कि डॉक्टर ने कहा कि यहां क्यों तमाशा लगा रखा है। इसके बाद उनके व उनके भाई के साथ धक्का-मुक्की करते हुए कहा कि इलाज नहीं करेंगे। डॉक्टर ने कहा कि डेथ का मेमो पहले ही बना चुके हैं। पिता का आरोप है कि उनकी आंखों के सामने ही बेटे की मौत इलाज के अभाव में हुई है। इस बीच गार्डों ने उन्हें, उनके भाई व भतीजों के साथ मारपीट की और सभी को अस्पताल के बाहर कर दिया।
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सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर जांच की मांग
अंकित के नाराज परिजनों का कहना है कि अंकित का उपचार नहीं किया गया। यहां काफी लापरवाही बरती गई। जिस कारण अंकित की जान चली गई। सीसीटीवी फुटेज से सब कुछ साफ हो जाएगा। चचेरे भाई दिनेश सिंह ने बताया कि वह हादसे की सूचना पर आया था। यहां उनके साथ मारपीट की गई। उनकी अंगुलियों में काफी चोट आई है। साथ ही अंकित के पिता के साथ अभद्रता की गई। परिजनों का कहना है कि पुलिस कह रही थी कि अंकित रील बनाने के दौरान ट्रेन की चपेट में आया है, जबकि ऐसा नहीं हुआ है।
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इकलौते बेटे का शव देख बिलख पड़ी मां
राजकीय मेडिकल कॉलेज में इकलौते बेटे अंकित का शव देख उनकी मां सोनी देवी बिलख पड़ीं। बेटे के शव से लिपटकर खूब रोईं। भाई के शव को देख सिद्धी की आंख के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। परिजनों ने बताया कि मृतक के पिता खेतीबाड़ी करते हैं। अंकित काॅमर्स से पढ़ाई कर रहा था। 18 फरवरी से बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होनी थीं। वह सुबह करीब नौ बजे घर से कोचिंग के लिए निकला था।
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हंगामे के दौरान मची भगदड़, छिप गए लोग
ट्राॅमा सेंटर में हंगामे व तोड़फोड़ होने पर भगदड़ मच गई। इससे मरीजों व तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई तीमारदार अपने मरीज को गैलरी में लेकर चले गए। तोड़फोड़ के दौरान लोगों ने छिपकर खुद को बचाया। कई शौचालय तो कुछ दवा स्टोर में जाकर छिप गए। डॉक्टर अपने कक्ष में चले गए। पुलिस के पहुंचने पर सभी सामने आए, लेकिन पूछताछ में किसी ने कुछ नहीं कहा। सिर्फ मामले की जांच कराने की बात कही गई। बताते हैं कि जूनियर महिला डाॅक्टर का पहला दिन था। हंगामे के दौरान वह घबराकर चली गईं।
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घटना से चिकित्सकों में आक्रोश
ट्रॉमा सेंटर में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डाॅ. मेराज आलम के साथ हुई मारपीट और तोड़फोड़ को लेकर चिकित्सकों में आक्रोश है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमपी गंगवार ने कहा कि घटना निंदनीय है। सभी चिकित्सक इससे भयभीत हैं। आए दिन कोई न कोई वारदात होती रहती है। यह बर्दाश्त से बाहर है। सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कराए जाने के लिए एसपी को पत्र लिखा जाएगा। यदि प्रशासन की ओर से उचित कदम नहीं उठाए गए तो अग्रिम कदम उठाए जाएंगे।
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युवक की मौत के बाद ट्राॅमा सेंटर में मारपीट व तोड़फोड़ की गई है। ईएमओ ने अपनी रिपोर्ट दी है। इस मामले में चौक कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

- डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज

मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद

मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद

मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद

मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद

मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद

मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद

मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद

मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद

मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद

मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद

मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद

मारपीट का आरोप लगाते मृतक अंकित के परिजन। संवाद

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