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Shahjahanpur News: मजार के चबूतरे पर एक वर्ष पूर्व हुआ निर्माण जेसीबी से ढहाया
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मरेना में निर्माण गिराने के बाद चबूतरा सही कराते पुलिसकर्मी। संवाद
पुवायां (शाहजहांपुर)। गांव मरेना में मजार के चबूतरे पर एक वर्ष पूर्व शुरू बनाई गईं दीवारों और लिंटर को दोनों समुदायों की सहमति से पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से ढहा दिया गया। नए निर्माण की सूचना दिए जाने के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
गांव मरेना में इस पुरानी मजार के चबूतरे पर दीवारें खड़ी कर लिंटर डाल दिया गया था। लिंटर के बीच में गुंबद जैसे निर्माण के लिए गोल जगह छोड़ी गई थी। गांव के लोगों के एतराज पर पुलिस-प्रशासन ने काम रुकवा दिया था। एक साल से धर्मस्थल के लिंटर की शटरिंग लगी हुई थी। कुछ दिन पूर्व किसी ने धर्मस्थल पर निर्माण की फिर कोशिश किए जाने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन जांच में मामला झूठा पाया गया। मुआयने के दौरान गांव के दोनों समुदायों के लोगों ने एक साल पहले हुआ निर्माण हटवा देने पर लिखित सहमति जताई।
रविवार सुबह एसपी ग्रामीण भंवरे दीक्षा अरुण, एसडीएम चित्रा निर्वाल, सीओ प्रवीण मलिक, नायब तहसीलदार पंकज कुमार के नेतृत्व में पुवायां और सिंधौली की पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन से लिंटर, दीवारें आदि गिरवा दीं। इस दौरान गांव के अंदर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिसकर्मियों को तैनात रखा गया। इस दौरान किसी बाहरी व्यक्ति को गांव में नहीं जाने दिया गया। मौके पर सीसी कैमरा भी लगवाया गया।
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कार्रवाई की जानकारी पाकर हिंदू युवा संगठन उत्तर प्रदेश (अ) के कार्यकर्ता भी पहुंचे और चबूतरे पर हुए पुराने निर्माण को भी हटाने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि केवल एक साल पहले हुए नए निर्माण को ही हटाने पर सहमति बनी थी। पुराना निर्माण नहीं हटाया जाएगा। इसके बाद कार्यकर्ता चले गए। निर्माण के दौरान चबूतरे को भी नुकसान पहुंचाया गया था, उसे सही करा दिया गया।
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निर्माण होने पर साधे रहे चुप्पी, अब ढहाने पहुंचे अधिकारी
एक साल पहले निर्माण के समय पुलिस और प्रशासन चुप्पी साधे रहा, अब निर्माण को तोड़वाया गया। इसलिए इस पर सवाल उठ रहे हैं। गांव मरेना में दिसंबर 2024 में कुछ लोगों ने गांव में चंदा एकत्र कर चबूतरे पर दीवारें बनवाकर लिंटर डलवाया था। लिंटर पड़ने पर गांव के कुछ लोगों ने शिकायत की तब पुलिस, प्रशासन हरकत में आया और काम रुकवा दिया गया। लिंटर में पड़े लोहे के गर्डर, खपटी आदि को नहीं निकलवाने दिया गया। एक साल बाद सोशल मीडिया पर निर्माण आगे बढ़ाने की चर्चा हुई, तब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गांव के लोगों से बात की। गांव के दोनों समुदायों के लोगों ने लिखकर दे दिया कि नया निर्माण गिरवा दिया जाए, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वहां कभी कोई धार्मिक कार्यक्रम आदि हुआ ही नहीं था। सहमति बनने के बाद रविवार को निर्माण गिराया गया।
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गांव मरेना में नया निर्माण दोनों पक्षों की सहमति से हटाया गया है। चबूतरा पुराने स्वरूप में मौजूद है। अब कोई विवाद नहीं है। गांव में शांति है।
- प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां
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दोनों पक्षों की सहमति के बाद निर्माण को हटाया गया है। जब निर्माण हुआ था तब भी सभी की सहमति से हुआ था। आपत्ति के बाद मामले की जांच की गई थी।
- चित्रा निर्वाल, एसडीएम, पुवायां
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गांव मरेना में इस पुरानी मजार के चबूतरे पर दीवारें खड़ी कर लिंटर डाल दिया गया था। लिंटर के बीच में गुंबद जैसे निर्माण के लिए गोल जगह छोड़ी गई थी। गांव के लोगों के एतराज पर पुलिस-प्रशासन ने काम रुकवा दिया था। एक साल से धर्मस्थल के लिंटर की शटरिंग लगी हुई थी। कुछ दिन पूर्व किसी ने धर्मस्थल पर निर्माण की फिर कोशिश किए जाने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन जांच में मामला झूठा पाया गया। मुआयने के दौरान गांव के दोनों समुदायों के लोगों ने एक साल पहले हुआ निर्माण हटवा देने पर लिखित सहमति जताई।
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रविवार सुबह एसपी ग्रामीण भंवरे दीक्षा अरुण, एसडीएम चित्रा निर्वाल, सीओ प्रवीण मलिक, नायब तहसीलदार पंकज कुमार के नेतृत्व में पुवायां और सिंधौली की पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन से लिंटर, दीवारें आदि गिरवा दीं। इस दौरान गांव के अंदर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिसकर्मियों को तैनात रखा गया। इस दौरान किसी बाहरी व्यक्ति को गांव में नहीं जाने दिया गया। मौके पर सीसी कैमरा भी लगवाया गया।
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कार्रवाई की जानकारी पाकर हिंदू युवा संगठन उत्तर प्रदेश (अ) के कार्यकर्ता भी पहुंचे और चबूतरे पर हुए पुराने निर्माण को भी हटाने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि केवल एक साल पहले हुए नए निर्माण को ही हटाने पर सहमति बनी थी। पुराना निर्माण नहीं हटाया जाएगा। इसके बाद कार्यकर्ता चले गए। निर्माण के दौरान चबूतरे को भी नुकसान पहुंचाया गया था, उसे सही करा दिया गया।
निर्माण होने पर साधे रहे चुप्पी, अब ढहाने पहुंचे अधिकारी
एक साल पहले निर्माण के समय पुलिस और प्रशासन चुप्पी साधे रहा, अब निर्माण को तोड़वाया गया। इसलिए इस पर सवाल उठ रहे हैं। गांव मरेना में दिसंबर 2024 में कुछ लोगों ने गांव में चंदा एकत्र कर चबूतरे पर दीवारें बनवाकर लिंटर डलवाया था। लिंटर पड़ने पर गांव के कुछ लोगों ने शिकायत की तब पुलिस, प्रशासन हरकत में आया और काम रुकवा दिया गया। लिंटर में पड़े लोहे के गर्डर, खपटी आदि को नहीं निकलवाने दिया गया। एक साल बाद सोशल मीडिया पर निर्माण आगे बढ़ाने की चर्चा हुई, तब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गांव के लोगों से बात की। गांव के दोनों समुदायों के लोगों ने लिखकर दे दिया कि नया निर्माण गिरवा दिया जाए, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वहां कभी कोई धार्मिक कार्यक्रम आदि हुआ ही नहीं था। सहमति बनने के बाद रविवार को निर्माण गिराया गया।
गांव मरेना में नया निर्माण दोनों पक्षों की सहमति से हटाया गया है। चबूतरा पुराने स्वरूप में मौजूद है। अब कोई विवाद नहीं है। गांव में शांति है।
- प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां
दोनों पक्षों की सहमति के बाद निर्माण को हटाया गया है। जब निर्माण हुआ था तब भी सभी की सहमति से हुआ था। आपत्ति के बाद मामले की जांच की गई थी।
- चित्रा निर्वाल, एसडीएम, पुवायां

मरेना में निर्माण गिराने के बाद चबूतरा सही कराते पुलिसकर्मी। संवाद