फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   The slow pace of tree felling is causing delays in highway widening.

Shahjahanpur News: पेड़ों के कटान की सुस्त रफ्तार का अड़ंगा...हाईवे चौड़ीकरण में विलंब

Fri, 09 Jan 2026 10:56 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jan 2026 10:56 PM IST
विज्ञापन
The slow pace of tree felling is causing delays in highway widening.
कांट-जलालाबाद हाईवे पर पेड़ों के कटान के बाद पड़ी लकड़ी। संवाद
शाहजहांपुर/कांट। लिपुलेख-भिंड हाईवे के चौड़ीकरण कार्य में बाधक बने वृक्षों को काटने की रफ्तार बेहद सुस्त है। 5740 पेड़ काटने की अनुमति मिलने के पांच महीने के बाद भी मात्र 1400 पेड़ों का कटान हो सका है। हाईवे चौड़ीकरण का कार्य जनवरी 2025 में पूरा हो जाना था लेकिन हीलाहवाली से जून 2026 तक पूरा होने की संभावना है। निर्माणाधीन हाईवे पर सड़क के बीच में खड़े पेड़ों की वजह से हादसे का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन


हाईवे को बरेली मोड़ से लेकर जलालाबाद के याकूबपुर तिराहा तक चौड़ा किया जाना है। कार्य के लिए वर्ष 2022 में लगभग 294 करोड़ रुपये बजट स्वीकृत किया गया था। जनवरी 2025 तक यह परियोजना पूरी होनी थी, लेकिन विभिन्न कारणों से कार्य में रुकावटें आती रहीं। कहीं अतिक्रमण तो कहीं सड़क किनारे लगे पुराने वृक्ष बाधक बनने लगे।
विज्ञापन

प्रशासन को कई माह तक पेड़ हटाने की वन विभाग से अनुमति नहीं मिली। नगर में हाईवे के दोनों ओर के अवैध कब्जे हटाकर अतिक्रमण साफ कर दिया गया। गत वर्ष अगस्त में वन विभाग ने हाईवे के दोनों ओर लगे 5740 पेड़ों के कटान की अनुमति दे दी। इसके बावजूद यह काम रफ्तार नहीं पकड़ सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तहसील सदर क्षेत्र में पुरैना तक पेड़ों का कटान हो गया है। पेड़ों को काटे जाने की गति काफी धीमी है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक करीब 1400 पेड़ काटे जा सके हैं। वन निगम, लखीमपुर की ओर से धीमी गति से पेड़ कटान का कार्य करने के चलते देरी हो रही है। ददरौल मोड़ से कांट तक कई जगह पर अवैध कब्जे हटाकर रास्ता साफ कर दिया, लेकिन पेड़ बीच में खड़े हुए हैं।
--
मार्च में भी कार्य पूरा होना मुश्किल
अधिकारियों ने हाईवे चौड़ीकरण के लिए जून तक कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा तय की है, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस अवधि में यह काम पूरा होना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है। हालांकि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का मानना है कि अगर मार्च तक पेड़ कटान पूरा हो जाए तो वे जून तक हाईवे का चौड़ीकरण कार्य निपटा सकते हैं।
--
कई स्थानों से नहीं हटाए जा सके पेड़
नहर कोठी से जलालाबाद मार्ग के बीच पेड़ों का कटान तेजी से हो रहा है, लेकिन अन्य स्थानों के पेड़ नहीं हटाए गए। हाईवे के पश्चिमी हिस्से में कई जगह अतिक्रमण भी बरकरार है। चौड़ीकरण कार्य में हो रही देरी के कारण कई दुकानदारों ने दुकानों से उखाड़े गए शटर दोबारा लगाकर अपना व्यापार शुरू कर दिया है।
--
हाईवे की दुर्दशा, कदम-कदम पर हादसे का खतरा
बरेली मोड़ से बरेंडा गांव तक हाईवे का बुरा हाल है। सड़क जर्जर होने के चलते हादसा होने का खतरा बना रहता है। पिपरौला चौकी के पास गांव की सड़क की हालत सबसे ज्यादा खराब है। गिट्टी पड़ी होने से बाइकों के फिसलने का डर रहता है। सड़क जगह-जगह असमतल है। इसी तरह जहां पर पेड़ कटान हो गया। वहां की स्थिति भी बदहाल है। जानवरों के झुंड होने के चलते भी हादसे का खतरा रहता है।
--
पेड़ कटान होने पर तीन महीने में चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण कर देंगे। पेड़ों के कटान को तेज गति से कराने के लिए कई बार पत्राचार किया गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद पेड़ कटान की गति में इजाफा हुआ है।

- रथिन सिन्हा, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
--
कांट-जलालाबाद मार्ग पर चौड़ीकरण के लिए विभागीय अनुमति वन निगम को सितंबर में कर दी गई थी। कटान की धीमी गति पर करीब 15 दिन पूर्व निगम के डीएलएम को पत्र लिखा गया है। इस संबंध में लगातार निगरानी रखी जा रही। स्टाफ से प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी जा रही है। कटान में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
- सचिन कुमार, डीएफओ, शाहजहांपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed