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स्कूली रिक्शों में नहीं बैठेंगे क्षमता से अधिक बच्चे
शाहजहांपुर
Updated Thu, 25 Jun 2015 11:40 PM IST
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बच्चों को खुले रिक्शों में बैठाकर स्कूल ले जाने वालों की अब खैर नहीं। बच्चों को बंद रिक्शों से ही स्कूल लाया-ले जाया सकता है। इसमें भी बैठने की क्षमता का खास ध्यान रखा जाएगा। खुले रिक्शों या क्षमता से अधिक बच्चों के बैठे मिलने पर स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश बीएसए राजेश वर्मा ने खंड शिक्षा अधिकारियों और नगर शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। बीएसए ने कहा कि नगर क्षेत्र में संचालित मॉन्टेसरी और कॉन्वेंट स्कूलों के रिक्शों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठा लिया जाता है। इससे बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। डीएम के आदेश पर बीएसए ने निर्देशित किया कि खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र में संचालित विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देशित करें कि उनके विद्यालयों से संबद्ध रिक्शा चालक बच्चों को लाने-ले जाने के लिए रिक्शे की जगह रिक्शा ठेली का इस्तेमाल करें।
बीएसए ने कहा कि रिक्शा ठेली में लंबी सीटें लगाई जाएं और टिन से चारों ओर से कवर्ड किया जाए, जिससे बच्चे सुरक्षित रहें और गिरने की आशंका न रहे।
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यह निर्देश बीएसए राजेश वर्मा ने खंड शिक्षा अधिकारियों और नगर शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। बीएसए ने कहा कि नगर क्षेत्र में संचालित मॉन्टेसरी और कॉन्वेंट स्कूलों के रिक्शों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठा लिया जाता है। इससे बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। डीएम के आदेश पर बीएसए ने निर्देशित किया कि खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र में संचालित विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देशित करें कि उनके विद्यालयों से संबद्ध रिक्शा चालक बच्चों को लाने-ले जाने के लिए रिक्शे की जगह रिक्शा ठेली का इस्तेमाल करें।
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बीएसए ने कहा कि रिक्शा ठेली में लंबी सीटें लगाई जाएं और टिन से चारों ओर से कवर्ड किया जाए, जिससे बच्चे सुरक्षित रहें और गिरने की आशंका न रहे।