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Shahjahanpur News: पीएचसी से नदारद रहने पर डॉक्टर समेत तीन का वेतन रोका, जांच के लिए कमेटी का गठन
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मदनापुर में पीएचसी बुधवाना का गेट। संवाद
शाहजहांपुर। मदनापुर की बुधवाना पीएचसी से स्टाफ के गायब होने व 12वीं उत्तीर्ण युवक के दवा बांटते पकड़े जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विधायक के निरीक्षण के बाद गड़बड़ी सामने आने पर सीएमओ ने अनुपस्थित मिले डॉक्टर समेत तीन का वेतन रोक दिया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी भी गठित की गई है। वहीं, दूसरी ओर पुलिस ने आरोपी युवक का शांतिभंग में चालान किया है।
बुधवार को दिन में करीब दो बजे कटरा से विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस पीएचसी पहुंचे थे। उन्हें डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ गैरहाजिर मिला। दवा वितरण कक्ष में फार्मासिस्ट की कुर्सी पर देवेंद्र नाम का युवक दवा बांटते मिला था। पूछताछ में पहले वह खुद को लैब सहायक वीरेंद्र बताता रहा। उससे आईडी मांगने पर असली नाम सामने आया।
विधायक ने मामले की सूचना डीएम को दी थी। उसके बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने मौके पर जाकर निरीक्षण कर रिपोर्ट डीएम को भेजी थी। मामले में एमओआईसी डॉ.अश्वनी कुमार की ओर से देवेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि देवेंद्र बारहवीं पास है।
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दूसरी ओर सीएमओ डॉ.विवेक मिश्रा ने पीएचसी में गड़बड़ी मिलने पर सख्ती दिखाई। एमओआईसी की संस्तुति के आधार पर डॉ. राहुल, फार्मासिस्ट आशीष कनौजिया, लैब सहायक वीरेंद्र का एक दिन का वेतन रोक दिया है। मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में सीएचसी जलालाबाद के अधीक्षक डॉ.सोमेश अग्निहोत्री व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. करन सिंह को शामिल किया है।
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खुद आराम, निजी व्यक्ति से बंटवा रहे थे दवा
बुधवाना पीएचसी की पूर्व में स्वास्थ्य विभाग के पास काफी शिकायतें आ चुकी हैं। यहां पर स्टाफ ड्यूटी करने के बजाय आराम करता है और निजी व्यक्ति से दवा का वितरण कराता है। ऐसा प्रारंभिक जांच व शिकायतों में सामने आया है। निरीक्षण करने पहुंचे विधायक वीर विक्रम ने सीएमओ को कॉल कर फर्जीवाड़े से अवगत कराया था। छुट्टी से लौटे सीएमओ ने सख्ती बरतते हुए कमेटी को स्पष्ट निर्देश दिए कि पूरे प्रकरण की जांच कर जल्द ही रिपोर्ट उपलब्ध कराए। टीम स्टाफ के अस्पताल से अनुपस्थित रहने, मंगलवार को गैरहाजिर होने की वजह और देवेंद्र किसकी जगह पर काम कर रहा था, इन बिंदुओं की पड़ताल कर रिपोर्ट देगी। उसके बाद संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बताते हैं कि लैब सहायक के स्थान पर देवेंद्र कार्य कर रहा था।
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एमओआईसी ने किया निरीक्षण, सब मिला ठीक
मंगलवार को गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद बुधवार को स्टाफ समय से अस्पताल पहुंच गया। एक दिन पहले ही चार्ज संभालने वाले एमओआईसी डॉ.अश्वनी कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्हें सब ठीक मिला।
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पीएचसी से अनुपस्थित मिले स्टाफ का वेतन रोका गया है। जांच के लिए कमेटी भी गठित कर दी गई है। स्वास्थ्य इकाइयों में गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। आकस्मिक निरीक्षण भी किया जाएगा।
- डॉ.विवेक मिश्रा, सीएमओ
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बुधवार को दिन में करीब दो बजे कटरा से विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस पीएचसी पहुंचे थे। उन्हें डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ गैरहाजिर मिला। दवा वितरण कक्ष में फार्मासिस्ट की कुर्सी पर देवेंद्र नाम का युवक दवा बांटते मिला था। पूछताछ में पहले वह खुद को लैब सहायक वीरेंद्र बताता रहा। उससे आईडी मांगने पर असली नाम सामने आया।
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विधायक ने मामले की सूचना डीएम को दी थी। उसके बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने मौके पर जाकर निरीक्षण कर रिपोर्ट डीएम को भेजी थी। मामले में एमओआईसी डॉ.अश्वनी कुमार की ओर से देवेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि देवेंद्र बारहवीं पास है।
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दूसरी ओर सीएमओ डॉ.विवेक मिश्रा ने पीएचसी में गड़बड़ी मिलने पर सख्ती दिखाई। एमओआईसी की संस्तुति के आधार पर डॉ. राहुल, फार्मासिस्ट आशीष कनौजिया, लैब सहायक वीरेंद्र का एक दिन का वेतन रोक दिया है। मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में सीएचसी जलालाबाद के अधीक्षक डॉ.सोमेश अग्निहोत्री व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. करन सिंह को शामिल किया है।
खुद आराम, निजी व्यक्ति से बंटवा रहे थे दवा
बुधवाना पीएचसी की पूर्व में स्वास्थ्य विभाग के पास काफी शिकायतें आ चुकी हैं। यहां पर स्टाफ ड्यूटी करने के बजाय आराम करता है और निजी व्यक्ति से दवा का वितरण कराता है। ऐसा प्रारंभिक जांच व शिकायतों में सामने आया है। निरीक्षण करने पहुंचे विधायक वीर विक्रम ने सीएमओ को कॉल कर फर्जीवाड़े से अवगत कराया था। छुट्टी से लौटे सीएमओ ने सख्ती बरतते हुए कमेटी को स्पष्ट निर्देश दिए कि पूरे प्रकरण की जांच कर जल्द ही रिपोर्ट उपलब्ध कराए। टीम स्टाफ के अस्पताल से अनुपस्थित रहने, मंगलवार को गैरहाजिर होने की वजह और देवेंद्र किसकी जगह पर काम कर रहा था, इन बिंदुओं की पड़ताल कर रिपोर्ट देगी। उसके बाद संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बताते हैं कि लैब सहायक के स्थान पर देवेंद्र कार्य कर रहा था।
एमओआईसी ने किया निरीक्षण, सब मिला ठीक
मंगलवार को गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद बुधवार को स्टाफ समय से अस्पताल पहुंच गया। एक दिन पहले ही चार्ज संभालने वाले एमओआईसी डॉ.अश्वनी कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्हें सब ठीक मिला।
पीएचसी से अनुपस्थित मिले स्टाफ का वेतन रोका गया है। जांच के लिए कमेटी भी गठित कर दी गई है। स्वास्थ्य इकाइयों में गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। आकस्मिक निरीक्षण भी किया जाएगा।
- डॉ.विवेक मिश्रा, सीएमओ