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Shahjahanpur News: दस जिलों तक फैली है पेंशन घोटाले की जड़ें, सामने आ रहे नए नाम
Tue, 05 Dec 2023 12:58 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 05 Dec 2023 12:58 AM IST
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शाहजहांपुर। समाज कल्याण विभाग के पेंशन घोटाले की जड़ें सिर्फ शाहजहांपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के करीब दस जिलों तक फैली हैं। गिरफ्तार आरोपी रामऔतार ने जेल जाने से पहले अपराध शाखा के समक्ष कई राज उगले हैं जिसमें कई और लोगों की संलिप्तता सामने आई है। अब पुलिस ने खातों की जानकारी के लिए बैंक को पत्र लिखा है।
राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत जिले के करीब एक लाख लोगों को एक हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। जालसाजों ने खातों में हेरफेर कर बुजुर्गों की पेंशन का ढाई करोड़ से अधिक रुपये दूसरे खातों में भेज दिया। पेंशन के लिए बुजुर्गों के समाज कल्याण विभाग के चक्कर काटने के बाद मामला प्रकाश में आया। इसके बाद शासन से जांच शुरू कराई गई। इसमें 2398 खातों में रुपये भेजे जाने की पुष्टि होने के बाद तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार समेत नौ लोगों के खिलाफ जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। वर्तमान में मामले की विवेचना अपराध शाखा कर रही है। पुलिस ने मामले में पहली गिरफ्तारी करते हुए कांट के खपटी गांव निवासी रामऔतार को गिरफ्तार कर लिया। उसने दो सौ रुपये प्रति पासबुक लेकर खाता नंबर उपलब्ध कराए थे। जांच में उसके गांव के एक जनसेवा केंद्र संचालक राजेश कुमार और रामऔतार के भांजे जयपाल का नाम प्रकाश में आया। राजेश ने ही ग्रामीणों की पासबुक लाकर देने पर रामऔतार को धनराशि उपलब्ध कराई थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि पेंशन घोटाले के तार सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, फर्रुखाबाद, कासगंज, बरेली, बदायूं समेत दस जिलों में जुड़े हैं। इन जिलों के लोगों के ग्रामीणों की पासबुक पर रुपये भेजकर उन्हें 500 से एक हजार रुपये देकर शेष रकम हड़प ली गई थी। पुलिस का मानना है कि जल्द ही जांच में कुछ नए नाम प्रकाश में आ सकते हैं।
पूरे मामले की विवेचना की जा रही है। घोटाले के रुपये कहां-कहां गए हैं, इसके सत्यापन के लिए बैंक से पत्राचार किया गया है।
बीएस वीर कुमार, सीओ सिटी
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राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत जिले के करीब एक लाख लोगों को एक हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। जालसाजों ने खातों में हेरफेर कर बुजुर्गों की पेंशन का ढाई करोड़ से अधिक रुपये दूसरे खातों में भेज दिया। पेंशन के लिए बुजुर्गों के समाज कल्याण विभाग के चक्कर काटने के बाद मामला प्रकाश में आया। इसके बाद शासन से जांच शुरू कराई गई। इसमें 2398 खातों में रुपये भेजे जाने की पुष्टि होने के बाद तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार समेत नौ लोगों के खिलाफ जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। वर्तमान में मामले की विवेचना अपराध शाखा कर रही है। पुलिस ने मामले में पहली गिरफ्तारी करते हुए कांट के खपटी गांव निवासी रामऔतार को गिरफ्तार कर लिया। उसने दो सौ रुपये प्रति पासबुक लेकर खाता नंबर उपलब्ध कराए थे। जांच में उसके गांव के एक जनसेवा केंद्र संचालक राजेश कुमार और रामऔतार के भांजे जयपाल का नाम प्रकाश में आया। राजेश ने ही ग्रामीणों की पासबुक लाकर देने पर रामऔतार को धनराशि उपलब्ध कराई थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि पेंशन घोटाले के तार सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, फर्रुखाबाद, कासगंज, बरेली, बदायूं समेत दस जिलों में जुड़े हैं। इन जिलों के लोगों के ग्रामीणों की पासबुक पर रुपये भेजकर उन्हें 500 से एक हजार रुपये देकर शेष रकम हड़प ली गई थी। पुलिस का मानना है कि जल्द ही जांच में कुछ नए नाम प्रकाश में आ सकते हैं।
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पूरे मामले की विवेचना की जा रही है। घोटाले के रुपये कहां-कहां गए हैं, इसके सत्यापन के लिए बैंक से पत्राचार किया गया है।
बीएस वीर कुमार, सीओ सिटी