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लूट के विरोध पर हुई रामकिशोर की हत्या
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 20 Mar 2015 11:34 PM IST
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पूर्वोत्तर रेलवे स्टेशन पर तीन दिसंबर 2014 की रात हरदोई के थाना पिहानी क्षेत्र के गांव सैदापुर निवासी रामकिशोर की हत्या लूट का विरोध करने पर की गई थी। शुक्रवार को जीआरपी ने वारदात के मुख्य आरोपी मोहल्ला निसरजई जलालनगर निवासी मोहम्मद यूसुफ उर्फ फुस्की को गिरफ्तार करने के बाद यह दावा किया है। इधर, यूसुफ की गिरफ्तारी के बाद उसके पिता जहीर ने मोहल्ले वालों क ो साथ लेकर जीआरपी थाने का घेराव किया। उसका आरोप था कि यूसुफ का जीआरपी के एक सिपाही से झगड़ा हो गया था, जिसके चलते उसे हत्या के आरोप में झूठा फंसाया गया है। इन लोगों ने करीब एक घंटे तक थाने में हंगामा किया। यूसुफ के जेल जाने के बाद लोग थाने से चले गए।
मालूम हो कि रामकिशोर शहर में मजदूरी करता था। रात में वह छोटी लाइन रेलवे स्टेशन पर लेट जाता था। इंस्पेक्टर जीआरपी डीके उपाध्याय ने बताया कि विवेचना में यह बात सामने आई कि तीन दिसंबर की रात भी रामकिशोर स्टेशन के प्लेटफार्म पर लेटा हुआ था। रात में यूसुफ वहां पहुंचा। उसने रामकिशोर से नगदी लूटने की कोशिश की। विरोध करने पर यूसुफ ने तमंचे से गोली मारकर रामकिशोर की हत्या कर दी। रामकिशोर का शव प्लेटफार्म पर ही पड़ा मिला था।
बकौल उपाध्याय, छानबीन में पता लगा कि मोहल्ला निसरजई में रहने वाले यूसुफ शराबी और जुआरी किस्म है। अक्सर शराब और जुआ खेलने के लिए रकम जुटाने को वह रेलवे यात्रियों से लूटपाट करता था। मुखबिर की सूचना पर रोजा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो से यूसुफ को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में यूसुफ ने रामकिशोर की हत्या करने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा भी बरामद कर लिया गया है।
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करीब एक घंटे तक हुआ थाने पर हंगामा
यूसुफ की गिरफ्तारी के बाद उसके पिता जहीर ने 50-60 मोहल्ले वालों के साथ जीआरपी थाने का घेराव कर लिया। जीआरपी के खिलाफ सभी ने जमकर नारेबाजी की। हंगामे की सूचना पर थाना सदर बाजार पुलिस भी जीआरपी थाने पहुंच गई। जहीर ने बताया कि यूसुफ मानसिक रूप से कमजोर है, इसलिए उसने पूछताछ में हत्या की बात कबूल कर ली है। हालांकि जीआरपी के मांगने पर जहीर कोई ऐसा प्रमाण उपलब्ध नहीं करा सके जिससे यह साबित होता कि यूसुफ वाकई मानसिक रूप से कमजोर है।
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मालूम हो कि रामकिशोर शहर में मजदूरी करता था। रात में वह छोटी लाइन रेलवे स्टेशन पर लेट जाता था। इंस्पेक्टर जीआरपी डीके उपाध्याय ने बताया कि विवेचना में यह बात सामने आई कि तीन दिसंबर की रात भी रामकिशोर स्टेशन के प्लेटफार्म पर लेटा हुआ था। रात में यूसुफ वहां पहुंचा। उसने रामकिशोर से नगदी लूटने की कोशिश की। विरोध करने पर यूसुफ ने तमंचे से गोली मारकर रामकिशोर की हत्या कर दी। रामकिशोर का शव प्लेटफार्म पर ही पड़ा मिला था।
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बकौल उपाध्याय, छानबीन में पता लगा कि मोहल्ला निसरजई में रहने वाले यूसुफ शराबी और जुआरी किस्म है। अक्सर शराब और जुआ खेलने के लिए रकम जुटाने को वह रेलवे यात्रियों से लूटपाट करता था। मुखबिर की सूचना पर रोजा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो से यूसुफ को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में यूसुफ ने रामकिशोर की हत्या करने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा भी बरामद कर लिया गया है।
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करीब एक घंटे तक हुआ थाने पर हंगामा
यूसुफ की गिरफ्तारी के बाद उसके पिता जहीर ने 50-60 मोहल्ले वालों के साथ जीआरपी थाने का घेराव कर लिया। जीआरपी के खिलाफ सभी ने जमकर नारेबाजी की। हंगामे की सूचना पर थाना सदर बाजार पुलिस भी जीआरपी थाने पहुंच गई। जहीर ने बताया कि यूसुफ मानसिक रूप से कमजोर है, इसलिए उसने पूछताछ में हत्या की बात कबूल कर ली है। हालांकि जीआरपी के मांगने पर जहीर कोई ऐसा प्रमाण उपलब्ध नहीं करा सके जिससे यह साबित होता कि यूसुफ वाकई मानसिक रूप से कमजोर है।