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Shahjahanpur News: सुनती नहीं पुलिस...टरका देते हैं लेखपाल
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सोनपाल, मदनापुर।
शाहजहांपुर। थानों में पुलिस सुन नहीं रही और राजस्व संबंधी समस्याओं के निस्तारण के नाम पर लेखपाल टरका रहे हैं। समस्या लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाले फरियादियों की यहां पर शिकायत तो दर्ज हो रही है लेकिन उनका निस्तारण नहीं हो पा रहा। शनिवार को सदर तहसील में पहुंचे फरियादियों का यही दर्द उभरकर सामने आया।
संपूर्ण समाधान दिवस में संबंधित तहसील क्षेत्र के फरियादी अपनी शिकायत के निस्तारण की आस लेकर पहुंचते हैं। अधिकारी अधीनस्थों को समस्या के निस्तारण के निर्देश दे देते हैं लेकिन धरातल में कुछ होता नहीं। सबसे ज्यादा समस्याएं राजस्व विभाग से संबंधित होती हैं।
स्थानीय लेखपाल फरियादी को टरका रहता है। थक-हारकर फरियादी फिर अधिकारी की चौखट पर पहुंचता है। यहां से आश्वासन मिलता है लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं होता। शनिवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में भटक रहे फरियादियों ने बताया कि अधिकारी सख्त रुख दिखाते हैं लेकिन अधीनस्थ सुनवाई नहीं करते। थाने जाते हैं तो पुलिसवाले नहीं सुनते। लेखपाल टालमटोल करते रहते हैं।
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50 में छह शिकायतों का निस्तारण
सदर तहसील में डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनसुनवाई होनी थी लेकिन वह किसी वजह से पहुंच नहीं सके। उनकी अनुपस्थिति में एसडीएम सदर संजय कुमार पांडेय ने समस्याओं को सुना। समाधान दिवस में कुल 50 शिकायत आईं। इनमें से छह का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। 44 शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए।
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तिलहर : नौ अधिकारी गैरहाजिर, जवाब-तलब
तिलहर। ब्लाॅक सभागार में शनिवार को हुए संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न स्थानों से आए 35 लोगाें ने अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज कराईं। एसडीएम रवींद्र कुमार ने चार मामलों का मौके पर निस्तारण कर दिया और शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। इस दौरान कई अधिकारियों की कुर्सियां खाली देख एसडीएम ने हाजिरी रजिस्टर तलब कर लिया। उपस्थिति की जांच से पता चला कि नौ अधिकारी आए ही नहीं हैं। एसडीएम ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए गैरहाजिर अधिकारियों को नोटिस भेजकर उनका स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीओ ज्योति यादव, नायब तहसीलदार मनु माथुर, बीडीओ बृजेश मिश्रा, पूर्ति निरीक्षक आलोक कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद
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लोगों ने कहा-चक्कर लगा रहे हैं, पर सुनवाई नहीं
तहसील में खसरा-खतौनी बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन लेखपाल ध्यान नहीं दे रहा है। तहसील के चक्कर लगा रहे हैं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- सोनपाल, मदनापुर
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जमीन-खरीदी है। उसका दाखिल-खारिज कराना है। इतने से काम के लिए एक साल से तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। संबंधित लेखपाल और अन्य कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
- शिवरानी, कांट
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खेत पर पड़ोसी ने कब्जा कर लिया है। इसकी शिकायत थाने पर कर चुके हैं, लेकिन पुलिस सुन नहीं रही है। डीएम से शिकायत करने आए थे, लेकिन वह नहीं मिले।
- अतीक, कांट
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वर्ष 2014 में भाई की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। किसान बीमा का क्लेम किया है। संबंधित लेखपाल ने फाइल निरस्त कर दी। कोई अधिकारी सुन नहीं रहा है।
- गजेंद्र, ददरौल
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संपूर्ण समाधान दिवस में संबंधित तहसील क्षेत्र के फरियादी अपनी शिकायत के निस्तारण की आस लेकर पहुंचते हैं। अधिकारी अधीनस्थों को समस्या के निस्तारण के निर्देश दे देते हैं लेकिन धरातल में कुछ होता नहीं। सबसे ज्यादा समस्याएं राजस्व विभाग से संबंधित होती हैं।
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स्थानीय लेखपाल फरियादी को टरका रहता है। थक-हारकर फरियादी फिर अधिकारी की चौखट पर पहुंचता है। यहां से आश्वासन मिलता है लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं होता। शनिवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में भटक रहे फरियादियों ने बताया कि अधिकारी सख्त रुख दिखाते हैं लेकिन अधीनस्थ सुनवाई नहीं करते। थाने जाते हैं तो पुलिसवाले नहीं सुनते। लेखपाल टालमटोल करते रहते हैं।
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50 में छह शिकायतों का निस्तारण
सदर तहसील में डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनसुनवाई होनी थी लेकिन वह किसी वजह से पहुंच नहीं सके। उनकी अनुपस्थिति में एसडीएम सदर संजय कुमार पांडेय ने समस्याओं को सुना। समाधान दिवस में कुल 50 शिकायत आईं। इनमें से छह का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। 44 शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए।
तिलहर : नौ अधिकारी गैरहाजिर, जवाब-तलब
तिलहर। ब्लाॅक सभागार में शनिवार को हुए संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न स्थानों से आए 35 लोगाें ने अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज कराईं। एसडीएम रवींद्र कुमार ने चार मामलों का मौके पर निस्तारण कर दिया और शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। इस दौरान कई अधिकारियों की कुर्सियां खाली देख एसडीएम ने हाजिरी रजिस्टर तलब कर लिया। उपस्थिति की जांच से पता चला कि नौ अधिकारी आए ही नहीं हैं। एसडीएम ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए गैरहाजिर अधिकारियों को नोटिस भेजकर उनका स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीओ ज्योति यादव, नायब तहसीलदार मनु माथुर, बीडीओ बृजेश मिश्रा, पूर्ति निरीक्षक आलोक कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद
लोगों ने कहा-चक्कर लगा रहे हैं, पर सुनवाई नहीं
तहसील में खसरा-खतौनी बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन लेखपाल ध्यान नहीं दे रहा है। तहसील के चक्कर लगा रहे हैं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- सोनपाल, मदनापुर
जमीन-खरीदी है। उसका दाखिल-खारिज कराना है। इतने से काम के लिए एक साल से तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। संबंधित लेखपाल और अन्य कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
- शिवरानी, कांट
खेत पर पड़ोसी ने कब्जा कर लिया है। इसकी शिकायत थाने पर कर चुके हैं, लेकिन पुलिस सुन नहीं रही है। डीएम से शिकायत करने आए थे, लेकिन वह नहीं मिले।
- अतीक, कांट
वर्ष 2014 में भाई की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। किसान बीमा का क्लेम किया है। संबंधित लेखपाल ने फाइल निरस्त कर दी। कोई अधिकारी सुन नहीं रहा है।
- गजेंद्र, ददरौल

सोनपाल, मदनापुर।

सोनपाल, मदनापुर।

सोनपाल, मदनापुर।

सोनपाल, मदनापुर।