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Shahjahanpur News: फिजियोथेरेपी विभाग में बढ़े फेशियल पैरालिसिस के मरीज
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फिजियोथेरेपी विभाग में कंधे के दर्द की थेरेपी कराती महिला। संवाद
शाहजहांपुर। सर्दियों में स्ट्रोक की वजह से फेशियल पैरालिसिस के मामले बढ़ गए हैं। चेहरे में एक तरफ लकवा मारने के केस सामने आ रहे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोजाना तीन से चार मरीज फिजियोथेरेपी के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा सर्वाइकल, कमर दर्द व घुटने के दर्द के मरीज भी पहुंचे रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी विभाग में रोजाना 30-40 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 60 प्रतिशत मरीज पुराने और 40 प्रतिशत नए मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें स्ट्रोक के पांच-छह मरीज, घुटने में दर्द के आठ से दस मरीज, सर्वाइकल पेन के 15 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य कान में संक्रमण होने पर भी चेहरे में लकवा मार सकता है। क्योंकि चेहरे की नसें मध्य कान के बहुत करीब होती हैं। चेहरे में लकवा मारने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें संक्रमण, आघात या स्ट्रोक शामिल है। यह बिना किसी ज्ञात कारण के भी हो सकता है। एक बार फेशियल पैरालिसिस होने पर ठीक होने में पांच से छह महीने तक का समय लग जाता है।
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सिंधौली की बिटोली देवी ने बताया कि उनकी कमर में दर्द है। काफी दवा खाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। फिजियोथेरेपी से काफी फायदा हुआ है। शहर की सुहाना खान ने बताया कि उनके बेटे के कंधे में दर्द है। काफी इलाज कराया, लेकिन थेरेपी से बेटे को काफी आराम है। वरना रात में दर्द से उसे नींद नहीं आती थी। चित्रा सिंह ने बताया कि वह अपने पिता की थेरेपी कराने आईं हैं। उनके घुटने में दर्द है।
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फिजियोथेरेपी के लिए मरीज रोजाना आ रहे हैं। इसमें तीन से चार मामले स्ट्रोक के होते हैं। इसके अलावा घुटने में दर्द, कमर में दर्द व सर्वाइकल के मामलों में भी लोग फिजियोथेरेपी कराने आ रहे हैं।
- डॉ. संदीप, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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फेशियल पैरालिसिस के लक्षण
- जिस तरफ लकवा होता है, उस तरफ की आंख से आंसू निकलते हैं।
- एक तरफ की आंख का बंद न होना, इससे संक्रमण का खतरा रहता है।
- एक तरफ का मुंह टेढ़ा होना और थूक निकलना।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी विभाग में रोजाना 30-40 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 60 प्रतिशत मरीज पुराने और 40 प्रतिशत नए मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें स्ट्रोक के पांच-छह मरीज, घुटने में दर्द के आठ से दस मरीज, सर्वाइकल पेन के 15 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं।
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विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य कान में संक्रमण होने पर भी चेहरे में लकवा मार सकता है। क्योंकि चेहरे की नसें मध्य कान के बहुत करीब होती हैं। चेहरे में लकवा मारने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें संक्रमण, आघात या स्ट्रोक शामिल है। यह बिना किसी ज्ञात कारण के भी हो सकता है। एक बार फेशियल पैरालिसिस होने पर ठीक होने में पांच से छह महीने तक का समय लग जाता है।
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सिंधौली की बिटोली देवी ने बताया कि उनकी कमर में दर्द है। काफी दवा खाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। फिजियोथेरेपी से काफी फायदा हुआ है। शहर की सुहाना खान ने बताया कि उनके बेटे के कंधे में दर्द है। काफी इलाज कराया, लेकिन थेरेपी से बेटे को काफी आराम है। वरना रात में दर्द से उसे नींद नहीं आती थी। चित्रा सिंह ने बताया कि वह अपने पिता की थेरेपी कराने आईं हैं। उनके घुटने में दर्द है।
फिजियोथेरेपी के लिए मरीज रोजाना आ रहे हैं। इसमें तीन से चार मामले स्ट्रोक के होते हैं। इसके अलावा घुटने में दर्द, कमर में दर्द व सर्वाइकल के मामलों में भी लोग फिजियोथेरेपी कराने आ रहे हैं।
- डॉ. संदीप, राजकीय मेडिकल कॉलेज
फेशियल पैरालिसिस के लक्षण
- जिस तरफ लकवा होता है, उस तरफ की आंख से आंसू निकलते हैं।
- एक तरफ की आंख का बंद न होना, इससे संक्रमण का खतरा रहता है।
- एक तरफ का मुंह टेढ़ा होना और थूक निकलना।

फिजियोथेरेपी विभाग में कंधे के दर्द की थेरेपी कराती महिला। संवाद