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‘प्रभु को पाने का सबसे आसान रास्ता प्रेम’
शाहजहांपुर
Updated Wed, 25 Mar 2015 11:07 PM IST
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सावन कृपाल रूहानी मिशन के आध्यात्मिक सत्संग के दूसरे दिन संत राजिंदर सिंह महाराज ने कहा कि प्रभु को पाने के लिए हम कई तरह के रास्तों को तलाशते हैं, लेकिन कबीरदास कहते हैं कि प्रेम के सिवाय और कोई आसान रास्ता नहीं प्रभु को पाने के लिए है ही नहीं। जिसने प्रेम किया है उसने ही प्रभु को पाया है। अगर इस प्रेम की एक बूंद भी हमारे अंदर हो जाए तो हमारा जीवन धन्य हो जाता है और हम अपनी मंजिल पर पहुंच जाते हैं। दूसरे दिन उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों को दीक्षा (नामदान) भी दी।
अजीजगंज स्थित वृंदावन गार्डंस में पहले दिन की तुलना में दूसरे दिन और भीड़ बढ़ गई। बुधवार को सुबह से ही महिलाएं और पुरुष आयोजन स्थल की ओर टोलियों के रूप में जाते देखे गए। उन्होंने ध्यान-साधना के द्वारा प्रेम, एकता व शांति का संदेश देते हुए साधकों को मानवता का पाठ पढ़ाया। कहा: सावन कृपाल रूहानी मिशन मानवता का एक ऐसा साझा मंच है, जो अध्यात्म, शांति तथा मानव सेवा को समर्पित है।
इससे पूर्व माता रीटा जी ने संतो की वाणी से शबद गायन कर उपस्थित जनसमूह को निहाल किया।
सौ साधकों ने किया रक्तदान
सावन कृपाल रूहानी मिशन के सत्संग में दूसरे दिन रेडक्रास सोेेसायटी के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया, जिसमें लगभग 100 महिला-पुरुष साधकाें ने रक्तदान कर पुण्य कमाया।
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हजारों ने ग्रहण की दीक्षा
संत राजिंदर सिंह ने प्रवचन के बाद हजारों लोगों को दीक्षा देकर उन्हें अपने से जोड़ा। दीक्षा (नामदान) के लिए मंगलवार से ही पंजीकरण के लिए लोगों की कतारें लगी रहीं थी। दूसरे दिन भी लोगों ने स्टाल पर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की। सत्संग के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे से उन्हाेंने हजारों साधकों को दीक्षा दी।
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अजीजगंज स्थित वृंदावन गार्डंस में पहले दिन की तुलना में दूसरे दिन और भीड़ बढ़ गई। बुधवार को सुबह से ही महिलाएं और पुरुष आयोजन स्थल की ओर टोलियों के रूप में जाते देखे गए। उन्होंने ध्यान-साधना के द्वारा प्रेम, एकता व शांति का संदेश देते हुए साधकों को मानवता का पाठ पढ़ाया। कहा: सावन कृपाल रूहानी मिशन मानवता का एक ऐसा साझा मंच है, जो अध्यात्म, शांति तथा मानव सेवा को समर्पित है।
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इससे पूर्व माता रीटा जी ने संतो की वाणी से शबद गायन कर उपस्थित जनसमूह को निहाल किया।
सौ साधकों ने किया रक्तदान
सावन कृपाल रूहानी मिशन के सत्संग में दूसरे दिन रेडक्रास सोेेसायटी के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया, जिसमें लगभग 100 महिला-पुरुष साधकाें ने रक्तदान कर पुण्य कमाया।
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हजारों ने ग्रहण की दीक्षा
संत राजिंदर सिंह ने प्रवचन के बाद हजारों लोगों को दीक्षा देकर उन्हें अपने से जोड़ा। दीक्षा (नामदान) के लिए मंगलवार से ही पंजीकरण के लिए लोगों की कतारें लगी रहीं थी। दूसरे दिन भी लोगों ने स्टाल पर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की। सत्संग के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे से उन्हाेंने हजारों साधकों को दीक्षा दी।