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शासन ने पौने तीन करोड़.. फिर भी शुरू नहीं हो सका जमदग्नि झील पर पुल का निर्माण

Sun, 02 Aug 2020 10:59 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 10:59 PM IST
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The government earned a quarter to three crore .. Still the construction of the bridge over the Jamadagni lake could not begin
जलालाबाद। जनपद समेत आसपास के लोगों की आस्था से जुड़े दो पौराणिक स्थलों भगवान परशुराम मंदिर और उनका जन्मस्थान रहे जमदग्नि आश्रम को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित जमदग्नि पुल के निर्माण का कार्य नगरपालिका परिषद की लापरवाही के कारण शुरू नहीं हो सका है। शासन की तरफ से पुल निर्माण के लिए पौने तीन करोड़ रुपये की धनराशि करीब एक साल पहले ही जारी कर चुकी है, लेकिन पालिका की लचर कार्य शैली के कारण अभी तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
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जलालाबाद क्षेत्र भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रुप में विख्यात है। नगर के मोहल्ला खेड़ा में परशुराम का काफी पुराना मंदिर है और उसके पश्चिम में करीब एक किमी दूर गांव ढकियाइन में एक काफी प्राचीन स्थल है। जो जमदग्नि आश्रम के रूप में जाना जाता है। मान्यता है कि ऋषि जमदग्नि का यहां गुरुकुल था और उनकी अन्य संतानों की तरह यहीं माता रेणुका के गर्भ से भगवान परशुराम ने जन्म लिया था। कई एकड़ में फैले इस परिसर में ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका की मूर्ति वाले दो प्राचीन मंदिर तथा उसके सामने एक विशाल झील आज भी मौजूद है, जिसे जमदग्नि झील कहा जाता है। नगर और जमदग्नि आश्रम के बीच की यह झील इन दोनों स्थलों के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के बीच दीवार बन जाती है।
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हालांकि, विकल्प के तौर पर खंडहर रोड से होकर एक रास्ता है, लेकिन वह काफी घूमकर है। इसी कारण लंबे समय से क्षेत्र की जनता इस झील पर पुल बनाने की मांग करती आ रही है। चेयरमैन बनने के बाद भाजपा नेता मनेन्द्र गुप्ता ने अपने स्तर से प्रयास किए और शासन से इस पुल को स्वीकृत कराया। करीब साल भर पहले पुल तथा एप्रोच रोड के लिए शासन ने पौने तीन करोड़ की धनराशि भी अवमुक्त कर दी। पुल निर्माण पालिका को कराना है। बीते वर्ष 23 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री ने सुरेश कुमार खन्ना ने पुल का शिलान्यास किया और जल्द ही निर्माण कार्य पूरा करा देने का जनता को भरोसा दिया था, लेकिन दस माह बीतने के बाद भी यथास्थिति बनी हुई है। पुल के शिलान्यास का पत्थर भी टूट चुका है।
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पुल के साथ पार्क बनवाने की भी है योजना
पालिका प्रशासन पुल के जरिये जमदग्नि आश्रम को धार्मिक स्थल को सैर-सपाटे के लिए विकसित करना चाहता है। इसके लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार कर 55 लाख के बजट की व्यवस्था भी कर ली गई है। आश्रम के पास ही छह बीघा जमीन काक़ व्यक्ति से नगर पालिका द्वारा दान पत्र भी लिखवाया जा चुका है। वहां शानदार पार्क विकसित कर बुजुर्गों के घूमने और बच्चों के मनोरंजन की व्यवस्था की जाएगी।
पर्यटन को बढ़ावा मिलने से आश्रम का होगा विकास
पुल निर्माण के बाद भगवान परशुराम मंदिर और जमदग्नि आश्रम के बीच दूरी कम हो जाएगी। दूरदराज से परशुराम मंदिर दर्शन को आने वाले हजारों श्रद्धालु आसानी से जमदग्नि आश्रम भी पहुंच पाएंगे। माना जा रहा है कि इससे गांव और आश्रम के विकास को भी गति मिलेगी।

पुल निर्माण की ड्राइंग और एस्टीमेट दोबारा बनवाया गया और उसका तकनीकी प्रमाण पत्र लोक निर्माण विभाग से लेना पड़ा। पूर्व में भी निविदा आमंत्रित की जा चुकी हैं, लेकिन जो निविदाएं आईं, उनमे एक ही वैध होने के कारण पूरी प्रक्रिया निरस्त करनी पड़ी। अब दोबारा निविदा आमंत्रित की गई है और उम्मीद है कि जल्द ही पुल का निर्माण शुरू हो जाएगा।
- डीएस वर्मा, ईओ, नगर पालिका परिषद जलालाबाद
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