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नए अनुभव की साक्षी बनीं छात्राएं, देखा पुलिस के कामकाज का तरीका
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शाहजहांपुर के चौक कोतवाली में अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला के दौरान छात्राओं को जान
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। एसएस डिग्री कॉलेज की छात्राओं ने मंगलवार को एक नया अनुभव लिया। चौक कोतवाली पहुंचीं छात्राओं ने पुलिस के कामकाज का तरीका करीबी से देखा। सीओ सिटी सरवणन टी. ने छात्राओं को पुलिस की हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी। छात्राओं ने सीओ सिटी, कोतवाल, महिला थाना प्रभारी से पुलिसिंग के संबंध में सवाल पूछे।
छात्राओं ने अमर उजाला फाउंडेशन के तहत चौक कोतवाली का भ्रमण किया। शिक्षिका डॉ. पूनम, जागृति गुप्ता और अनिल गुप्ता के साथ आईं छात्राओं ने हिचकिचाते हुए कोतवाली में प्रवेश किया। परिसर में पहुंचते ही एसएसआई राकेश चौहान ने छात्राओं का अभिवादन किया। इसके बाद छात्राएं महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचीं। एसएसआई चंद्रा टम्टा ने छात्राओं को बताया कि कोई महिला शिकायत दर्ज कराने आती है तो महिला पुलिस ही उनकी समस्या का समाधान करती है। एएसपी सरवणन टी. ने छात्राओं को हेल्पलाइन से अवगत कराया।
एएसपी ने छात्राओं को बताया कि यहां तहरीर देने के बाद एफआईआर दर्ज होती है। गेट पर खड़ी महिला संतरी को देखकर छात्राओं ने पूछा-यह इतनी देर से ऐसे क्यों खड़ी हैं। महिला एसआई ने बताया कि इन्हें संतरी कहते हैं। थाने पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से प्रारंभिक जानकारी लेने के बाद अधिकारी को सूचना देने का काम होता है। उन्होंने हवालात के अंदर भी जाकर देखा। करीब डेढ़ घंटे के भ्रमण के दौरान छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। इंस्पेक्टर बृजेश कुमार सिंह ने छात्राओं को विदा करते हुए पूछा कि पुलिस से डर तो नहीं लगता। जिस पर जवाब आया कि थाने आने के बाद डर दूर हो गया।
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छात्राओं के सवाल, पुलिस के जवाब
सवाल : महिला उत्पीड़न के मामले कैसे निस्तारित होते हैं?
जवाब : तहरीर आने के बाद महिला उत्पीड़न के आपसी विवाद को काउंसिलिंग के जरिये हल कराने का प्रयास करते हैं। अन्यथा एफआईआर दर्ज कर जांच की जाती है।
सवाल: घर से निकलते समय कई जगह पर अराजकतत्व समूह बनाकर छींटाकशी करते हैं।
जवाब: 1090 और 112 पर कॉल कर सूचना दे सकते हैं। 1090 पर आपका नाम गुप्त रखा जाता है। पुलिस पहुंचकर आरोपियों पर कार्रवाई करेगी।
सवाल : मोहल्ले में रात में बहुत तेज आवाज में म्यूजिक बजाया जाता है।
जवाब : इसके लिए डॉयल 112 पर कॉल करें। पुलिस 10 मिनट में पहुंचकर समस्या का समाधान कराएगी।
पुलिस अफसर बनने का सपना
मेरी मां मुझे बहुत ही मेहनत कर पढ़ा रही हैं। हमारा सपना है कि पुलिस अफसर बन सकें और परिवार का नाम रोशन कर सकें। पढ़ने के बाद प्रतियोगी परीक्षा पास कर सपने को पूरा करना है। -शालू
अब पुलिस से डर नहीं लगता
पहली बार थाने में कदम रखा है। पहले पुलिस से काफी ज्यादा डर लगता था। थाने के अंदर आने के बाद बिल्कुल भी डर नहीं लगता है। पुलिस भी हमारे समाज का हिस्सा है। -दामिनी शुक्ला
नया अनुभव मिला
हर व्यक्ति सोचता था कि जीवन में उसे पुलिस के झंझट में नहीं पड़ना पड़े। हमने भी कभी नहीं सोचा था कि थाने का भ्रमण करने का मौका मिलेगा। यह दिन काफी अनुभव देने वाला रहा। -अलका सिंह
पुलिस का व्यवहार अच्छा
-हम पहली बार थाने आए हैं। पुलिस को लेकर आमजन की जितनी गलत धारणा है, यहां आकर वह बदल गई। अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार काफी अच्छा है। -प्रियांशी
थाना घूमने का मौका मिला
-एएसपी और इंस्पेक्टर सर ने सभी छात्राओं के साथ काफी अच्छे से बात की है। उन्होंने पूरे थाने के बारे में जानकारी दी। सभी कक्षाओं का भ्रमण भी कराया। काफी सुखद अनुभव रहा। -प्रियंका यादव
नई जानकारियां मिलीं
बहुत सी ऐसी बातों की जानकारी मिली, जिसका आमतौर पर लोगों को पता नहीं है। पुलिस पहले जैसी नहीं रही। उसके काम करने का तौर-तरीका बदल गया है। -शिवानी गुप्ता
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छात्राओं ने अमर उजाला फाउंडेशन के तहत चौक कोतवाली का भ्रमण किया। शिक्षिका डॉ. पूनम, जागृति गुप्ता और अनिल गुप्ता के साथ आईं छात्राओं ने हिचकिचाते हुए कोतवाली में प्रवेश किया। परिसर में पहुंचते ही एसएसआई राकेश चौहान ने छात्राओं का अभिवादन किया। इसके बाद छात्राएं महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचीं। एसएसआई चंद्रा टम्टा ने छात्राओं को बताया कि कोई महिला शिकायत दर्ज कराने आती है तो महिला पुलिस ही उनकी समस्या का समाधान करती है। एएसपी सरवणन टी. ने छात्राओं को हेल्पलाइन से अवगत कराया।
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एएसपी ने छात्राओं को बताया कि यहां तहरीर देने के बाद एफआईआर दर्ज होती है। गेट पर खड़ी महिला संतरी को देखकर छात्राओं ने पूछा-यह इतनी देर से ऐसे क्यों खड़ी हैं। महिला एसआई ने बताया कि इन्हें संतरी कहते हैं। थाने पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से प्रारंभिक जानकारी लेने के बाद अधिकारी को सूचना देने का काम होता है। उन्होंने हवालात के अंदर भी जाकर देखा। करीब डेढ़ घंटे के भ्रमण के दौरान छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। इंस्पेक्टर बृजेश कुमार सिंह ने छात्राओं को विदा करते हुए पूछा कि पुलिस से डर तो नहीं लगता। जिस पर जवाब आया कि थाने आने के बाद डर दूर हो गया।
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छात्राओं के सवाल, पुलिस के जवाब
सवाल : महिला उत्पीड़न के मामले कैसे निस्तारित होते हैं?
जवाब : तहरीर आने के बाद महिला उत्पीड़न के आपसी विवाद को काउंसिलिंग के जरिये हल कराने का प्रयास करते हैं। अन्यथा एफआईआर दर्ज कर जांच की जाती है।
सवाल: घर से निकलते समय कई जगह पर अराजकतत्व समूह बनाकर छींटाकशी करते हैं।
जवाब: 1090 और 112 पर कॉल कर सूचना दे सकते हैं। 1090 पर आपका नाम गुप्त रखा जाता है। पुलिस पहुंचकर आरोपियों पर कार्रवाई करेगी।
सवाल : मोहल्ले में रात में बहुत तेज आवाज में म्यूजिक बजाया जाता है।
जवाब : इसके लिए डॉयल 112 पर कॉल करें। पुलिस 10 मिनट में पहुंचकर समस्या का समाधान कराएगी।
पुलिस अफसर बनने का सपना
मेरी मां मुझे बहुत ही मेहनत कर पढ़ा रही हैं। हमारा सपना है कि पुलिस अफसर बन सकें और परिवार का नाम रोशन कर सकें। पढ़ने के बाद प्रतियोगी परीक्षा पास कर सपने को पूरा करना है। -शालू
अब पुलिस से डर नहीं लगता
पहली बार थाने में कदम रखा है। पहले पुलिस से काफी ज्यादा डर लगता था। थाने के अंदर आने के बाद बिल्कुल भी डर नहीं लगता है। पुलिस भी हमारे समाज का हिस्सा है। -दामिनी शुक्ला
नया अनुभव मिला
हर व्यक्ति सोचता था कि जीवन में उसे पुलिस के झंझट में नहीं पड़ना पड़े। हमने भी कभी नहीं सोचा था कि थाने का भ्रमण करने का मौका मिलेगा। यह दिन काफी अनुभव देने वाला रहा। -अलका सिंह
पुलिस का व्यवहार अच्छा
-हम पहली बार थाने आए हैं। पुलिस को लेकर आमजन की जितनी गलत धारणा है, यहां आकर वह बदल गई। अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार काफी अच्छा है। -प्रियांशी
थाना घूमने का मौका मिला
-एएसपी और इंस्पेक्टर सर ने सभी छात्राओं के साथ काफी अच्छे से बात की है। उन्होंने पूरे थाने के बारे में जानकारी दी। सभी कक्षाओं का भ्रमण भी कराया। काफी सुखद अनुभव रहा। -प्रियंका यादव
नई जानकारियां मिलीं
बहुत सी ऐसी बातों की जानकारी मिली, जिसका आमतौर पर लोगों को पता नहीं है। पुलिस पहले जैसी नहीं रही। उसके काम करने का तौर-तरीका बदल गया है। -शिवानी गुप्ता

शाहजहांपुर के चौक कोतवाली में अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला के दौरान छात्राओं को जान- फोटो : SHAHJAHANPUR