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Shahjahanpur News: बस अड्डे का फर्श अधूरा, बरेली मोड़ और हथौड़ा चौराहे से शुरू हुआ बसों का संचालन
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रोडवेज बस अड्डे पर पसरा सन्नाटा। संवाद
- फोटो : रात में गंगास्नान करते कांवड़िये।
शाहजहांपुर। शहर के अंदर रोडवेज बस अड्डे पर सुंदरीकरण कार्य के चलते परिवहन निगम की बसाें का संचालन बरेली मोड़ और हथौड़ा चौराहे से शुरू कर दिया गया है। अड्डे के अंदर बसों के खड़े करने की पर्याप्त जगह न होने व जाम लगने की वजह से निर्णय किया गया है। ऐसे में यात्री अभाव के कारण राजस्व घटकर 17 लाख रह गया है।
रोडवेज बस अड्डे के सुंदरीकरण का कार्य एक साल से चल रहा है। बस अड्डे के मुख्य गेट का निर्माण होने के चलते सभी बसें अंदर नहीं पहुंचने से लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। अब परिसर में फर्श बन रहा है। ऐसे में बसाें के खड़े होने की जगह तक नहीं बची है। रोडवेज बस अड्डे के बाहर सड़क पर गाड़ियां खड़ी करने पर जाम से जूझना पड़ता है।
इसके चलते अफसरों ने बस अड्डे से पुवायां मार्ग, पीलीभीत और दिल्ली रूट की कुछ सेवाओं को छोड़कर शेष बसों का बरेली मोड़ और हथौड़ा चौराहे से संचालन शुरू कराया है। ऐसे में लोगों को जाम से तो निजात मिल गई है, लेकिन यहां आने वाले यात्रियों को भटकना पड़ रहा है। पूर्व में निगम 23 से 23 लाख रुपये प्रतिदिन राजस्व कमा रहा था। वहीं बसें यहां से नहीं चलने से 17 लाख रुपये ही राजस्व मिल पा रहा है।
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धीमी गति से कार्य, भुगत रहा निगम
रोडवेज बस अड्डे का सुंदरीकरण कार्य करने वाली कंपनी काफी धीमी गति से कार्य करा रही है। पूर्व में बस अड्डा खाली नहीं होने का तर्क दिया गया था, लेकिन बस अड्डे का परिसर खाली करने के बावजूद सोमवार को काम नहीं कराया गया। पिछले कई दिन से कार्य धीमी गति से होने के चलते परिवहन निगम के राजस्व पर फर्क पड़ा है।
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परिवहन निगम को मिलीं चार नई बसें, रक्षाबंधन पर बढ़ेंगे फेरे
रक्षाबंधन को देखते हुए परिवहन निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली रूट पर चलने वाली 30 बसों के अतिरिक्त 20 और बसों को लगाया जाएगा। पर्व के मद्देनजर शाहजहांपुर डिपो को चार नई भी बसें मिल गईं हैं। यहां से बसाें को लेने के लिए चालकों को भेजा गया है। इन बसों को दिल्ली रूट पर चलाने की तैयारी है।
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बस अड्डे पर निर्माण कार्य के चलते हथौड़ा और बरेली मोड़ से बसों का संचालन करा रहे हैं। यहां पर बसें खड़ी करने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं है। राजस्व का काफी नुकसान हो रहा है।
- अरुण कुमार, एआरएम
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रोडवेज बस अड्डे के सुंदरीकरण का कार्य एक साल से चल रहा है। बस अड्डे के मुख्य गेट का निर्माण होने के चलते सभी बसें अंदर नहीं पहुंचने से लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। अब परिसर में फर्श बन रहा है। ऐसे में बसाें के खड़े होने की जगह तक नहीं बची है। रोडवेज बस अड्डे के बाहर सड़क पर गाड़ियां खड़ी करने पर जाम से जूझना पड़ता है।
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इसके चलते अफसरों ने बस अड्डे से पुवायां मार्ग, पीलीभीत और दिल्ली रूट की कुछ सेवाओं को छोड़कर शेष बसों का बरेली मोड़ और हथौड़ा चौराहे से संचालन शुरू कराया है। ऐसे में लोगों को जाम से तो निजात मिल गई है, लेकिन यहां आने वाले यात्रियों को भटकना पड़ रहा है। पूर्व में निगम 23 से 23 लाख रुपये प्रतिदिन राजस्व कमा रहा था। वहीं बसें यहां से नहीं चलने से 17 लाख रुपये ही राजस्व मिल पा रहा है।
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धीमी गति से कार्य, भुगत रहा निगम
रोडवेज बस अड्डे का सुंदरीकरण कार्य करने वाली कंपनी काफी धीमी गति से कार्य करा रही है। पूर्व में बस अड्डा खाली नहीं होने का तर्क दिया गया था, लेकिन बस अड्डे का परिसर खाली करने के बावजूद सोमवार को काम नहीं कराया गया। पिछले कई दिन से कार्य धीमी गति से होने के चलते परिवहन निगम के राजस्व पर फर्क पड़ा है।
परिवहन निगम को मिलीं चार नई बसें, रक्षाबंधन पर बढ़ेंगे फेरे
रक्षाबंधन को देखते हुए परिवहन निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली रूट पर चलने वाली 30 बसों के अतिरिक्त 20 और बसों को लगाया जाएगा। पर्व के मद्देनजर शाहजहांपुर डिपो को चार नई भी बसें मिल गईं हैं। यहां से बसाें को लेने के लिए चालकों को भेजा गया है। इन बसों को दिल्ली रूट पर चलाने की तैयारी है।
बस अड्डे पर निर्माण कार्य के चलते हथौड़ा और बरेली मोड़ से बसों का संचालन करा रहे हैं। यहां पर बसें खड़ी करने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं है। राजस्व का काफी नुकसान हो रहा है।
- अरुण कुमार, एआरएम