शाहजहांपुर। रविवार की रात 9:57 बजे से लगने वाले चंदग्रहण के पहले सूतक लगने से मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। लोगों ने अपने घरों पर पूजा-पाठ और भगवान का भजन किया। वर्ष 2025 के पहले चंद्रग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं ने विशेष सावधानी बरती।
भाद्र पूर्णिमा के दिन लगने वाला चंद्रग्रहण धार्मिक दृष्टि से काफी खास माना गया है। श्री रुद्र बाला जी धाम के पुजारी पंडित डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ला ने बताया कि रात 9:57 बजे चंद्रग्रहण शुरू होकर 1:26 पर समाप्त हुआ। इसका सूतक दिन में 12:57 बजे लगने से मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए।
मान्यता के अनुसार, ग्रहण के समय नकारात्मक शक्तियां हावी होने लगती हैं। इसकी वजह से गर्भवती महिलाओं पर अशुभ प्रभाव पड़ता है। शास्त्रों में चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को ध्यान में रखते हुए कुछ नियम बनाए गए हैं। उसे चंद्रग्रहण देखने से बचने, घर से बाहर नहीं निकलने, भगवान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने, मंदिर में नहीं जाने आदि के नियम बनाए गए हैं।