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Shahjahanpur News: जिले के काैशल ने वियतनाम में बताए सहफसली खेती के गुर
Mon, 23 Sep 2024 03:52 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 23 Sep 2024 03:52 AM IST
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वियतनाम में इंटरनेशनल सुगर कांफ्रेंस को संबोधित करते शाहजहांपुर के किसान कौशल मिश्रा। स्रोत : स
शाहजहांपुर। प्रगतिशील किसान कौशल मिश्रा ने वियतनाम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शुगर कांफ्रेंस (आईएससी-2024) में हिस्सा लिया। उन्होंने विभिन्न देशों से आए कृषि विशेषज्ञों को गन्ना के साथ सहफसली खेती और कम लागत में अधिक उत्पादन के तरीके बताए। इसके लिए उन्हें वहां के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निदेशक डॉ. न्यूजेन ने उन्हें प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
वियतनाम से लौटकर कौशल ने बताया कि कांफ्रेंस में विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद चीन की एग्रीकल्चर साइंस एकेडमी के निदेशक ने उनकी सहफसली पर बनी पांच मिनट की वीडियो भी देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञों को दिखाई। वीडियो के जरिये कम लागत में अधिक गन्ना उत्पादन और गन्ने के साथ सहफसली खेती के प्रयोगों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर काफी सराहना मिली। उन्होंने कृषि से जुड़े अनुभव सुनाकर विशेषज्ञों को प्रभावित किया।
बताया कि एशिया समेत कई महाद्वीपीय देशों से आए कृषि विशेषज्ञों ने उनके अनुभवों का लाभ उठाने में दिलचस्पी दिखाते हुए मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने बताया कि अपने देश में खेती करना आसान है, क्योंकि यहां मौसम अनुकूल होने के साथ मानव श्रम की कमी नहीं है। जबकि अन्य देशों की जलवायु कई फसलों के लिए अनुकूल नहीं है और मैन पावर की भी कमी है। बता दें कि काैशल मिश्रा गन्ना समेत कई फसलों की उत्पादकता का रिकॉर्ड बना चुके हैं।
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वियतनाम से लौटकर कौशल ने बताया कि कांफ्रेंस में विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद चीन की एग्रीकल्चर साइंस एकेडमी के निदेशक ने उनकी सहफसली पर बनी पांच मिनट की वीडियो भी देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञों को दिखाई। वीडियो के जरिये कम लागत में अधिक गन्ना उत्पादन और गन्ने के साथ सहफसली खेती के प्रयोगों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर काफी सराहना मिली। उन्होंने कृषि से जुड़े अनुभव सुनाकर विशेषज्ञों को प्रभावित किया।
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बताया कि एशिया समेत कई महाद्वीपीय देशों से आए कृषि विशेषज्ञों ने उनके अनुभवों का लाभ उठाने में दिलचस्पी दिखाते हुए मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने बताया कि अपने देश में खेती करना आसान है, क्योंकि यहां मौसम अनुकूल होने के साथ मानव श्रम की कमी नहीं है। जबकि अन्य देशों की जलवायु कई फसलों के लिए अनुकूल नहीं है और मैन पावर की भी कमी है। बता दें कि काैशल मिश्रा गन्ना समेत कई फसलों की उत्पादकता का रिकॉर्ड बना चुके हैं।
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