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Shahjahanpur News: रोडवेज बस अड्डे की सीसी फुटेज डिलीट होने की होगी जांच
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शाहजहांपुर। रोडवेज बस अड्डे पर एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के दौरान सीसी कैमरों की फुटेज डिलीट होने का मामला तूल पकड़ने लगा है। स्थानीय विशेषज्ञ हार्ड डिस्क से डाटा रिकवर नहीं कर सके है। अब एआरएम साइबर क्राइम थाने की मदद लेकर फुटेज डिलीट करने या उससे छेड़छाड़ करने वालों का पता लगाएंगे।
बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन टीम ने परिवहन निगम के समयपाल नृपेश सिंह को गिरफ्तार किया था। उनके जेल जाने के बाद सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो बुधवार दोपहर से बृहस्पतिवार शाम चार बजे तक की रिकॉर्डिंग नहीं मिली। जांच में फुटेज से छेड़छाड़ की आशंका सामने आई।
अधिकारियों के अनुसार, आईपी एड्रेस के जरिये करीब पांच लोग मोबाइल पर बस अड्डे को देख सकते हैं। ऐसे में इन लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सोमवार को स्थानीय विशेषज्ञ ने हार्ड डिस्क की जांच की, लेकिन डिलीट हुई फुटेज रिकवर नहीं हो सकी। इसके बाद एआरएम ने साइबर क्राइम थाने की मदद लेने का निर्णय लिया।
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एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि साइबर पुलिस के सहयोग से फुटेज डिलीट करने या उससे छेड़छाड़ करने वालों का पता लगाया जाएगा। मामले को लेकर डीएम और एसपी से भी मुलाकात की जाएगी।
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अब बस अड्डे पर बनेगा समयपाल कक्ष, एआरएम करेंगे निगरानी
शाहजहांपुर। परिवहन निगम के समयपाल नृपेश सिंह को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद बस अड्डे की व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। अब समयपाल अनुभाग यानी परिचालक कक्ष को डिपो की कार्यशाला से हटाकर बस स्टेशन परिसर में स्थापित किया जाएगा। चालकों-परिचालकों की ड्यूटी स्लिप और उपस्थिति संबंधी कार्यों की निगरानी एआरएम स्वयं करेंगे।
एआरएम अरुण कुमार और रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता में समयपाल अनुभाग को बस स्टेशन परिसर में स्थापित करने का निर्णय किया गया।
एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि महिला परिचालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि समयपाल अनुभाग के कंप्यूटर सिस्टम को बस स्टेशन परिसर स्थित कक्ष में स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। डिपो कार्यशाला से ड्यूटी पर जाने वाले चालकों-परिचालकों के नाम मैन्युअल ड्यूटी स्लिप पर दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद स्लिप बस स्टेशन परिसर में कंप्यूटर ऑपरेटर के पास भेजी जाएगी। इससे ड्यूटी आवंटन में किसी तरह की असमानता या गड़बड़ी की आशंका कम होगी। संवाद
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बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन टीम ने परिवहन निगम के समयपाल नृपेश सिंह को गिरफ्तार किया था। उनके जेल जाने के बाद सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो बुधवार दोपहर से बृहस्पतिवार शाम चार बजे तक की रिकॉर्डिंग नहीं मिली। जांच में फुटेज से छेड़छाड़ की आशंका सामने आई।
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अधिकारियों के अनुसार, आईपी एड्रेस के जरिये करीब पांच लोग मोबाइल पर बस अड्डे को देख सकते हैं। ऐसे में इन लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सोमवार को स्थानीय विशेषज्ञ ने हार्ड डिस्क की जांच की, लेकिन डिलीट हुई फुटेज रिकवर नहीं हो सकी। इसके बाद एआरएम ने साइबर क्राइम थाने की मदद लेने का निर्णय लिया।
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एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि साइबर पुलिस के सहयोग से फुटेज डिलीट करने या उससे छेड़छाड़ करने वालों का पता लगाया जाएगा। मामले को लेकर डीएम और एसपी से भी मुलाकात की जाएगी।
अब बस अड्डे पर बनेगा समयपाल कक्ष, एआरएम करेंगे निगरानी
शाहजहांपुर। परिवहन निगम के समयपाल नृपेश सिंह को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद बस अड्डे की व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। अब समयपाल अनुभाग यानी परिचालक कक्ष को डिपो की कार्यशाला से हटाकर बस स्टेशन परिसर में स्थापित किया जाएगा। चालकों-परिचालकों की ड्यूटी स्लिप और उपस्थिति संबंधी कार्यों की निगरानी एआरएम स्वयं करेंगे।
एआरएम अरुण कुमार और रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता में समयपाल अनुभाग को बस स्टेशन परिसर में स्थापित करने का निर्णय किया गया।
एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि महिला परिचालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि समयपाल अनुभाग के कंप्यूटर सिस्टम को बस स्टेशन परिसर स्थित कक्ष में स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। डिपो कार्यशाला से ड्यूटी पर जाने वाले चालकों-परिचालकों के नाम मैन्युअल ड्यूटी स्लिप पर दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद स्लिप बस स्टेशन परिसर में कंप्यूटर ऑपरेटर के पास भेजी जाएगी। इससे ड्यूटी आवंटन में किसी तरह की असमानता या गड़बड़ी की आशंका कम होगी। संवाद