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Shahjahanpur News: अदालत ने तिलहर के थाना प्रभारी से मांगा स्पष्टीकरण
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शाहजहांपुर। गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद अभियुक्तों की गिरफ्तारी न करने पर अदालत ने तिलहर थाना प्रभारी का स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने आदेश की प्रति एसपी और अपर पुलिस महानिदेशक को प्रेषित करने का आदेश दिया है।
अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिनेश कुमार दिवाकर की कोर्ट में 2010 से परिवाद न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है और आईपीसी की धारा 394 जैसे गंभीर अपराध से संबंधित है। अभियुक्तों को गैर जमानती वारंट जारी है। इस पर तिलहर थाना प्रभारी जुगलकिशोर पाल की ओर से यह रिपोर्ट अग्रसारित की गई कि अभियुक्त मिल नहीं रहे।
अधिवक्ता का कहना है कि पुलिस जानबूझकर न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं कर रही है। अदालत के अनुसार, यह प्रतीत होता है कि थाना प्रभारी अपने कर्तव्यों के प्रति सजग नहीं हैं और अपने दायित्वों से बचना चाहते हैं। अदालत ने थाना प्रभारी से दो प्रश्नों का उत्तर भी पूछा है। यदि उनके तिलहर थाने के किसी अभियुक्त के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302 का मुकदमा पंजीकृत है और वह भागकर दिल्ली चला गया है तो क्या न्यायालय के गिरफ्तारी वारंट जारी करने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं की जाएगी?
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यदि अभियुक्त थाना सदर बाजार की सीमा में चला गया तो उसे खुला छोड़ दिया जाएगा? अदालत ने तिलहर थाना प्रभारी से 23 मार्च तक स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके विरुद्ध भ्रष्टतापूर्ण प्रतिकूल रिपोर्ट देने के संबंध में मुकदमा क्यों न दर्ज किया जाए और कार्रवाई अमल में लाकर दंडित किया जाए।
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अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिनेश कुमार दिवाकर की कोर्ट में 2010 से परिवाद न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है और आईपीसी की धारा 394 जैसे गंभीर अपराध से संबंधित है। अभियुक्तों को गैर जमानती वारंट जारी है। इस पर तिलहर थाना प्रभारी जुगलकिशोर पाल की ओर से यह रिपोर्ट अग्रसारित की गई कि अभियुक्त मिल नहीं रहे।
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अधिवक्ता का कहना है कि पुलिस जानबूझकर न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं कर रही है। अदालत के अनुसार, यह प्रतीत होता है कि थाना प्रभारी अपने कर्तव्यों के प्रति सजग नहीं हैं और अपने दायित्वों से बचना चाहते हैं। अदालत ने थाना प्रभारी से दो प्रश्नों का उत्तर भी पूछा है। यदि उनके तिलहर थाने के किसी अभियुक्त के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302 का मुकदमा पंजीकृत है और वह भागकर दिल्ली चला गया है तो क्या न्यायालय के गिरफ्तारी वारंट जारी करने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं की जाएगी?
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यदि अभियुक्त थाना सदर बाजार की सीमा में चला गया तो उसे खुला छोड़ दिया जाएगा? अदालत ने तिलहर थाना प्रभारी से 23 मार्च तक स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके विरुद्ध भ्रष्टतापूर्ण प्रतिकूल रिपोर्ट देने के संबंध में मुकदमा क्यों न दर्ज किया जाए और कार्रवाई अमल में लाकर दंडित किया जाए।