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Shahjahanpur News: कार्यदायी संस्था ने बंद किया काम...सड़कों पर तारों का मकड़जाल
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रोहित अग्रवाल। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। स्मार्ट सिटी में प्रत्येक मोहल्ले और प्रमुख सड़कों पर तारों का मकड़जाल है। तिरछे और गले खंभों से दुर्घटना का डर बना रहता है। इसके बावजूद नगर में कार्यदायी संस्था ने काम बंद कर दिया है। अवर अभियंताओं का कहना है कि अभी उनके क्षेत्र में शत-प्रतिशत काम नहीं हो पाया है।
वर्ष 2022 में 156 करोड़ रुपये की लागत से बिजली का नेटवर्क सुधारने के उद्देश्य से रीवैंप योजना को शुरू किया गया था। इसके जरिये गर्मी में प्रत्येक घंटे पर आने वाले फॉल्ट को खत्म करने की योजना थी। नए खंभे, पुराने जर्जर तारों को हटाकर बंच लाइन डालने समेत कई कार्य होने थे।
मार्च 2025 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश थे, लेकिन दिसंबर तक जिले में मात्र 87 फीसदी कार्य ही पूरा हो पाया। ग्रामीण इलाकों में कार्य होने का दावा है, जबकि शहर में काम पूरी तरह से बंद पड़ा है। गोविंदगंज और लाला तेली बजरिया फीडर पर काम नहीं हुआ है। अवर अभियंता के कई बार कहने के बाद संस्था जल्द खंभे आने की बात कहकर टाल रही है। उपकेंद्र पर 25 फीसदी काम होना शेष है।
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निगोही रोड उपकेंद्र के अवर अभियंता सत्यपाल यादव के अनुसार, उनके उपकेंद्र पर 40 प्रतिशत ही काम हो पाया है। पंचपीर फीडर पर कार्य हुआ है। निसरजई पर बिल्कुल कार्य नहीं हुआ। बाईबाग फीडर, पुलिस लाइन फीडर पर नाममात्र को कार्य कराया। इसी तरह ककरा उपकेंद्र पर लगभग 70 फीसदी काम हो पाया है। जेई अवध श्रीवास्तव ने बताया कि शेष कार्य कराने का प्रयास कर रहे हैं।
बरेली मोड़ उपकेंद्र, हथौड़ा व सिटी पार्क उपकेंद्र पर 90-90 प्रतिशत कार्य हुआ है। उपकेंद्रों के जेई शेष दस प्रतिशत कार्य पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
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सड़क के बीच में लगे खंभे, कोहरे में बनेंगे हादसे का सबब
नगर में कार्यदायी संस्था ने काम बंद कर दिया है, जबकि हालात काफी ज्यादा खराब है। निसरजई में कई जगह पर खंभे तिरछे हैं। तारीन जलालनगर में फूटी मस्जिद के पास खंभों पर तारों का मकड़जाल है। चार पहिया वाहन निकलने पर तार फंस जाते हैं। एसपी कॉलेज, लाल इमली चौराहा समेत तमाम स्थानों पर पुराने एलटी के तार पड़े हैं। अतिक्रमण हटने के बाद महिला थाने के पास खंभे किनारे नहीं किए गए। खंभे सड़क पर लगे होने से हादसा होने का डर बना रहता है।
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मुख्य बाजार में जर्जर तार
बहादुरगंज स्थित मशीनरी मार्केट में तार जर्जर हैं। तारों को रोकने के लिए लकड़ी बांध रखी है। रामनगर गुरुद्वारे के सामने की भी यही स्थिति है। उपभोक्ताओं ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई है।
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शहरी इलाकों में बिजली के खंभे दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इन्हें हटाने के लिए बिजली निगम को कार्य करना चाहिए। सर्दी में कोहरा पड़ने पर यह सबसे ज्यादा घातक हैं।
- असलम अंसारी, मोहल्ला अलीजई
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एसपी कॉलेज के पास दुकान है। तार नीचे लटक रहे हैं। आए दिन तार टूटने से हादसा होने का खतरा रहता है। खंभे सड़क के किनारे नहीं किए गए हैं।
- रोहित अग्रवाल, मोहल्ला खिरनीबाग
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नगर क्षेत्र में बजट खत्म होने के चलते काम खत्म हो गया है। ग्रामीण इलाकों में रीवैंप का काम चल रहा है। संभावना है कि अगला बजट जारी होगा, जिससे काम कराए जाएंगे।
- आरपी सिंह, कार्यवाहक एसई, बिजली निगम
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वर्ष 2022 में 156 करोड़ रुपये की लागत से बिजली का नेटवर्क सुधारने के उद्देश्य से रीवैंप योजना को शुरू किया गया था। इसके जरिये गर्मी में प्रत्येक घंटे पर आने वाले फॉल्ट को खत्म करने की योजना थी। नए खंभे, पुराने जर्जर तारों को हटाकर बंच लाइन डालने समेत कई कार्य होने थे।
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मार्च 2025 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश थे, लेकिन दिसंबर तक जिले में मात्र 87 फीसदी कार्य ही पूरा हो पाया। ग्रामीण इलाकों में कार्य होने का दावा है, जबकि शहर में काम पूरी तरह से बंद पड़ा है। गोविंदगंज और लाला तेली बजरिया फीडर पर काम नहीं हुआ है। अवर अभियंता के कई बार कहने के बाद संस्था जल्द खंभे आने की बात कहकर टाल रही है। उपकेंद्र पर 25 फीसदी काम होना शेष है।
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निगोही रोड उपकेंद्र के अवर अभियंता सत्यपाल यादव के अनुसार, उनके उपकेंद्र पर 40 प्रतिशत ही काम हो पाया है। पंचपीर फीडर पर कार्य हुआ है। निसरजई पर बिल्कुल कार्य नहीं हुआ। बाईबाग फीडर, पुलिस लाइन फीडर पर नाममात्र को कार्य कराया। इसी तरह ककरा उपकेंद्र पर लगभग 70 फीसदी काम हो पाया है। जेई अवध श्रीवास्तव ने बताया कि शेष कार्य कराने का प्रयास कर रहे हैं।
बरेली मोड़ उपकेंद्र, हथौड़ा व सिटी पार्क उपकेंद्र पर 90-90 प्रतिशत कार्य हुआ है। उपकेंद्रों के जेई शेष दस प्रतिशत कार्य पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
सड़क के बीच में लगे खंभे, कोहरे में बनेंगे हादसे का सबब
नगर में कार्यदायी संस्था ने काम बंद कर दिया है, जबकि हालात काफी ज्यादा खराब है। निसरजई में कई जगह पर खंभे तिरछे हैं। तारीन जलालनगर में फूटी मस्जिद के पास खंभों पर तारों का मकड़जाल है। चार पहिया वाहन निकलने पर तार फंस जाते हैं। एसपी कॉलेज, लाल इमली चौराहा समेत तमाम स्थानों पर पुराने एलटी के तार पड़े हैं। अतिक्रमण हटने के बाद महिला थाने के पास खंभे किनारे नहीं किए गए। खंभे सड़क पर लगे होने से हादसा होने का डर बना रहता है।
मुख्य बाजार में जर्जर तार
बहादुरगंज स्थित मशीनरी मार्केट में तार जर्जर हैं। तारों को रोकने के लिए लकड़ी बांध रखी है। रामनगर गुरुद्वारे के सामने की भी यही स्थिति है। उपभोक्ताओं ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई है।
शहरी इलाकों में बिजली के खंभे दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इन्हें हटाने के लिए बिजली निगम को कार्य करना चाहिए। सर्दी में कोहरा पड़ने पर यह सबसे ज्यादा घातक हैं।
- असलम अंसारी, मोहल्ला अलीजई
एसपी कॉलेज के पास दुकान है। तार नीचे लटक रहे हैं। आए दिन तार टूटने से हादसा होने का खतरा रहता है। खंभे सड़क के किनारे नहीं किए गए हैं।
- रोहित अग्रवाल, मोहल्ला खिरनीबाग
नगर क्षेत्र में बजट खत्म होने के चलते काम खत्म हो गया है। ग्रामीण इलाकों में रीवैंप का काम चल रहा है। संभावना है कि अगला बजट जारी होगा, जिससे काम कराए जाएंगे।
- आरपी सिंह, कार्यवाहक एसई, बिजली निगम

रोहित अग्रवाल। स्रोत: स्वयं

रोहित अग्रवाल। स्रोत: स्वयं

रोहित अग्रवाल। स्रोत: स्वयं

रोहित अग्रवाल। स्रोत: स्वयं

रोहित अग्रवाल। स्रोत: स्वयं