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शिकायतकर्ता ने नायब तहसीलदार से की हाथापाई
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Tue, 03 May 2016 11:24 PM IST
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मंगलवार को तहसील स्थित कार्यालय में मौजूद नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव से एक शिकायतकर्ता ने हाथापाई कर दी। इस घटना से हड़कंप मच गया और तहसील दिवस में शिकायतें सुन रहीं एसडीएम वंदना त्रिवेदी व सीओ आदेश कुमार त्यागी समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर जा पहुंचे। इस बीच मौका पाकर आरोपी भाग निकला। नायब तहसीलदार द्वारा दी गई तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर नायब तहसीलदार का डाक्टरी मुआयना कराया है। नायब तहसीलदार ने पुलिस को बताया कि वह पूर्वान्ह करीब 11 बजे अपने कार्यालय में राजकीय कार्य निपटा रहा था इसी दौरान वहां आए अल्लागंज क्षेत्र के गांव फत्तेपुर निवासी राजेंद्र सिंह ने उनसे छात्रवृत्ति घोटाले की गई शिकायत के संबंध में पूछा। उन्होने आरोपी को बताया कि उसके द्वारा की गई शिकायत में स्कूलो की संख्या अधिक होने के कारण इस सम्बन्ध में जांच पड़ताल हेतु टीम गठित करने की रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी गई है। यह बात सुनकर आवेश में आये आरोपी ने उनसे गाली गलौज शुरू कर दी जिसका विरोध करने पर आरोपी ने उनसे हाथापाई की और सरकारी अभिलेख लेकर भाग खड़ा हुआ परन्तु किसी तरह उससे अभिलेख तो वहां मौजूद लोगों ने छीन लिये परन्तु वह जान से मार देने की धमकी देकर भाग निकला। उधर इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुये एसडीएम ने तहसील दिवस में मौजूद अल्लागंज एसओ को आरोपी को शाम तक गिरफतार करने के निर्देष दिये हैं।
यह था मामला
आरोपी राजेंद्र यादव द्वारा कई महीना पहले एडीएम को प्रार्थना पत्र देकर जनपद के 110 प्राइवेट स्कूलों के संचालकों पर कई साल पहले अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में करोड़ों का घोटाला किए जाने का आरोप लगाते हुए जांच कराए जाने की मांग की गई थी। एडीएम ने इस मामले की जांच नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव को दे दी। करीब चार महीना पहले ज्ञानेंद्र यादव ने आरोपी स्कूल संचालकों को नोटिस भेजकर जवाब दाखिल करने को कहा था, लेकिन किसी ने भी जवाब नहीं दिया। इधर जांच का दायरा लंबा होने के कारण कुछ समय पहले ज्ञानेंद्र यादव ने इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन करने की मांग एडीएम से की थी। तब से यह मामला लंबित पड़ा हुआ था जबकि आरोपी नायब तहसीलदार से कार्यवाही किये जाने को दवाब बनाये हुये था इसी बात को लेकर मंगलवार को कहासुनी हो जाने के बाद हाथापाई की घटना हो गई। नायब तहसीदार का यह भी आरोप है कि आरोपी राजेंद्र द्वारा इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन उसके बाद उसने कुछ स्कूल संचालकों से साठगांठ कर उनसे रकम ऐंठ ली और बाद में उसके द्वारा शिकायत न किए जाने का शपथ पत्र देकर मामला रफा दफा कर दिया इसके कुछ समय बाद उसने पुन: शिकायत कर दी।
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यह था मामला
आरोपी राजेंद्र यादव द्वारा कई महीना पहले एडीएम को प्रार्थना पत्र देकर जनपद के 110 प्राइवेट स्कूलों के संचालकों पर कई साल पहले अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में करोड़ों का घोटाला किए जाने का आरोप लगाते हुए जांच कराए जाने की मांग की गई थी। एडीएम ने इस मामले की जांच नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव को दे दी। करीब चार महीना पहले ज्ञानेंद्र यादव ने आरोपी स्कूल संचालकों को नोटिस भेजकर जवाब दाखिल करने को कहा था, लेकिन किसी ने भी जवाब नहीं दिया। इधर जांच का दायरा लंबा होने के कारण कुछ समय पहले ज्ञानेंद्र यादव ने इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन करने की मांग एडीएम से की थी। तब से यह मामला लंबित पड़ा हुआ था जबकि आरोपी नायब तहसीलदार से कार्यवाही किये जाने को दवाब बनाये हुये था इसी बात को लेकर मंगलवार को कहासुनी हो जाने के बाद हाथापाई की घटना हो गई। नायब तहसीदार का यह भी आरोप है कि आरोपी राजेंद्र द्वारा इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन उसके बाद उसने कुछ स्कूल संचालकों से साठगांठ कर उनसे रकम ऐंठ ली और बाद में उसके द्वारा शिकायत न किए जाने का शपथ पत्र देकर मामला रफा दफा कर दिया इसके कुछ समय बाद उसने पुन: शिकायत कर दी।
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