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Shahjahanpur News: 18 घंटे बाद रामगंगा नदी में डूबे युवक का मिला शव
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विश्वनाथ का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
जलालाबाद। भैंस निकालने के कोशिश में बुधवार दोपहर रामगंगा नदी में डूबा फरीदापुर के मंझरा कश्यप गौंटिया निवासी 23 वर्षीय विश्वनाथ का शव बृहस्पतिवार सुबह 18 घंटे बाद उतराता मिला। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को रामगंगा से बाहर निकलवाकर पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया है।
विश्वनाथ बुधवार दिन में करीब एक बजे रामगंगा नदी में घुसी भैंस को बाहर निकालने का प्रयास कर रहा था। स्थानीय गोताखोरों ने विश्वनाथ की काफी तलाश की। साथ ही स्टीमर से भी उसे खोजा, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। अंधेरा होने पर विश्वनाथ की तलाश बंद की गई।
बृहस्पतिवार की सुबह करीब छह बजे परिवार के लोग फिर से नदी किनारे पहुंचे। उन्हें घटनास्थल से करीब 40 मीटर आगे झाड़ियों के पास विश्वनाथ का शव उतराता मिला। मृतक की पत्नी शव को देख बिलख पड़ी। विधायक हरिप्रकाश वर्मा व नाते रिश्तेदारों ने उन्हें सांत्वना दी।
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परिजनों ने बताया कि विश्वनाथ के जन्म के तीन माह बाद ही उसकी मां लीला की मौत हो गई थी। इसके बाद जब विश्वनाथ दस साल का था, तब उसके पिता हरिराम की बीमारी के चलते मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि डेढ़ साल पूर्व ही विश्वनाथ की शादी बरेली निवासी धनवती से हुई। धनवती पति के शव को देख बेसुध हो गई है।
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विश्वनाथ बुधवार दिन में करीब एक बजे रामगंगा नदी में घुसी भैंस को बाहर निकालने का प्रयास कर रहा था। स्थानीय गोताखोरों ने विश्वनाथ की काफी तलाश की। साथ ही स्टीमर से भी उसे खोजा, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। अंधेरा होने पर विश्वनाथ की तलाश बंद की गई।
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बृहस्पतिवार की सुबह करीब छह बजे परिवार के लोग फिर से नदी किनारे पहुंचे। उन्हें घटनास्थल से करीब 40 मीटर आगे झाड़ियों के पास विश्वनाथ का शव उतराता मिला। मृतक की पत्नी शव को देख बिलख पड़ी। विधायक हरिप्रकाश वर्मा व नाते रिश्तेदारों ने उन्हें सांत्वना दी।
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परिजनों ने बताया कि विश्वनाथ के जन्म के तीन माह बाद ही उसकी मां लीला की मौत हो गई थी। इसके बाद जब विश्वनाथ दस साल का था, तब उसके पिता हरिराम की बीमारी के चलते मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि डेढ़ साल पूर्व ही विश्वनाथ की शादी बरेली निवासी धनवती से हुई। धनवती पति के शव को देख बेसुध हो गई है।