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Shahjahanpur News: बाढ़ में पानी बही बालिका काजू का 18 घंटे बाद मिला शव
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रोली देवी का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
- फोटो : संवाद
कलान (शाहजहांपुर)। मिर्जापुर क्षेत्र में जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर गुटेटी उत्तर गांव के पास रविवार को गंगा की बाढ़ के पानी में डूबी चार वर्षीय बालिका काजू का शव 18 घंटे बाद सोमवार को घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर मिल गया।
कासगंज जिले के पटियाली थाना क्षेत्र के चौकी गांव निवासी पान सिंह अपनी पत्नी रोली, बेटी सोनम और चार साल की बेटी काजू के साथ रविवार को मिर्जापुर स्थित ससुराल आए थे। दोपहर में पाल सिंह की बाइक गुटेटी उत्तर गांव के पास हाईवे पर बनी डिप पर बाढ़ के तेज बहाव में बह गई थी। आसपास मौजूद लोगों ने पाल सिंह को बचा लिया। पत्नी रोली की डूबने से मौत हो गई थी। सोमवार को गोताखोर अयूब को काजू का शव घटनास्थल से 500 मीटर दूर गन्ने के खेत में लगे तारों में फंसा मिला।
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ऑटो को रास्ता देने में गड्ढे में गया पैर : पान सिंह
पान सिंह परिवार के साथ बाइक से वापस घर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि स्टेट हाईवे पर गंगा में आई बाढ़ का पानी बह रहा था। पानी का बहाव काफी तेज था। सामने से आ रहे ऑटो को रास्ता देने के लिए बाइक को किनारे किया तो उनका पैर गड्ढे में चला गया और बाइक पानी के तेज बहाव के चलते फिसल गई। इससे पत्नी-बच्चों के साथ पानी में बह गए। स्थानीय लोगों ने उसे व बेटी सोनम को बचा लिया। पत्नी रोली व छोटी बेटी काजू की जान नहीं बच सकी।
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सुरक्षा होती तो जान नहीं जाती
पान सिंह ने बताया कि हादसे के दौरान पुलिस प्रशासन का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नहीं था। कहीं भी बाढ़ चौकी नहीं दिख रही थी। अधिकारी सीधे अस्पताल आए थे। हाईवे पर इतना पानी था तो रास्ते को बंद कर देना चाहिए था। देवर सुखवीर ने कहा कि वहां पर सुरक्षा होती तो दोनों की जान नहीं जाती।
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भड़के परिजन : 200 किमी जाना है, परेशान कर रहे डॉक्टर
शाहजहांपुर। मिर्जापुर में बाढ़ के पानी में बहने से मां-बेटी की मौत के बाद शवों के पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजनों ने नाराजगी जताई। दिन में एक बजे तक डॉक्टर के न पहुंचने पर डीएम को फोन किया। उनके छुट्टी पर होने की सूचना पर एडीएम प्रशासन को फोन कर कहा कि 200 किलोमीटर दूर जाना है। एक बज गया है। कागज पहुंच गए, लेकिन डाॅक्टर नहीं पहुंचे हैं। इस मामले में सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी से डाॅक्टर का स्पष्टीकरण मांगा है। इस मामले में डॉक्टर 1:44 मिनट पर पहुंचे तो पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू हो सकी। संवाद
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कासगंज जिले के पटियाली थाना क्षेत्र के चौकी गांव निवासी पान सिंह अपनी पत्नी रोली, बेटी सोनम और चार साल की बेटी काजू के साथ रविवार को मिर्जापुर स्थित ससुराल आए थे। दोपहर में पाल सिंह की बाइक गुटेटी उत्तर गांव के पास हाईवे पर बनी डिप पर बाढ़ के तेज बहाव में बह गई थी। आसपास मौजूद लोगों ने पाल सिंह को बचा लिया। पत्नी रोली की डूबने से मौत हो गई थी। सोमवार को गोताखोर अयूब को काजू का शव घटनास्थल से 500 मीटर दूर गन्ने के खेत में लगे तारों में फंसा मिला।
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ऑटो को रास्ता देने में गड्ढे में गया पैर : पान सिंह
पान सिंह परिवार के साथ बाइक से वापस घर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि स्टेट हाईवे पर गंगा में आई बाढ़ का पानी बह रहा था। पानी का बहाव काफी तेज था। सामने से आ रहे ऑटो को रास्ता देने के लिए बाइक को किनारे किया तो उनका पैर गड्ढे में चला गया और बाइक पानी के तेज बहाव के चलते फिसल गई। इससे पत्नी-बच्चों के साथ पानी में बह गए। स्थानीय लोगों ने उसे व बेटी सोनम को बचा लिया। पत्नी रोली व छोटी बेटी काजू की जान नहीं बच सकी।
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सुरक्षा होती तो जान नहीं जाती
पान सिंह ने बताया कि हादसे के दौरान पुलिस प्रशासन का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नहीं था। कहीं भी बाढ़ चौकी नहीं दिख रही थी। अधिकारी सीधे अस्पताल आए थे। हाईवे पर इतना पानी था तो रास्ते को बंद कर देना चाहिए था। देवर सुखवीर ने कहा कि वहां पर सुरक्षा होती तो दोनों की जान नहीं जाती।
भड़के परिजन : 200 किमी जाना है, परेशान कर रहे डॉक्टर
शाहजहांपुर। मिर्जापुर में बाढ़ के पानी में बहने से मां-बेटी की मौत के बाद शवों के पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजनों ने नाराजगी जताई। दिन में एक बजे तक डॉक्टर के न पहुंचने पर डीएम को फोन किया। उनके छुट्टी पर होने की सूचना पर एडीएम प्रशासन को फोन कर कहा कि 200 किलोमीटर दूर जाना है। एक बज गया है। कागज पहुंच गए, लेकिन डाॅक्टर नहीं पहुंचे हैं। इस मामले में सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी से डाॅक्टर का स्पष्टीकरण मांगा है। इस मामले में डॉक्टर 1:44 मिनट पर पहुंचे तो पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू हो सकी। संवाद

रोली देवी का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन- फोटो : संवाद

रोली देवी का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन- फोटो : संवाद