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Shahjahanpur News: बारिश के मद्देनजर बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने शुरू कीं तैयारियां
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जलालाबाद। गंगा और रामगंगा नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं, लेकिन पहाड़ों से लेकर प्रदेश के मैदानी क्षेत्र तक लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर प्रशासन बाढ़ की संभावित आपदा को लेकर सतर्क हो गया है और उससे निपटने को जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मंगलवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक कलान के भैंसार बांध पर गंगा नदी खतरे के निशान से 1.750 मीटर नीचे बह रही है। कोलाघाट में रामगंगा और बहगुल नदियां भी खतरे के निशान से 2.990 मीटर नीचे बह रही हैं।
इसके बावजूद हर साल मानसून सीजन में नदियों में आने वाली बाढ़ को देखते हुए प्रशासन राहत और बचाव कार्य की जरूरी तैयारियों में जुट गया है। तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्र की सभी 13 बाढ़ चौकियों को सक्रिय करके वहां राजस्व सहित कई विभागों के कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है।
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तहसीलदार के अनुसार बाढ़ आने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए काकोरी शहीद इंटर कालेज और मंडी समिति परिसर सहित निजामपुर नगरिया गांव के कंपोजिट विद्यालय और बिरिया मकरंदपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय को बाढ़ शरणालय के रूप में चिह्नित कर वहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत और बचाव कार्य के लिए जिला प्रशासन को 16 नावों की मांग भेजी गई है। इनमें 10 नावें और छह मोटर बोट शामिल हैं।
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सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मंगलवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक कलान के भैंसार बांध पर गंगा नदी खतरे के निशान से 1.750 मीटर नीचे बह रही है। कोलाघाट में रामगंगा और बहगुल नदियां भी खतरे के निशान से 2.990 मीटर नीचे बह रही हैं।
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इसके बावजूद हर साल मानसून सीजन में नदियों में आने वाली बाढ़ को देखते हुए प्रशासन राहत और बचाव कार्य की जरूरी तैयारियों में जुट गया है। तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्र की सभी 13 बाढ़ चौकियों को सक्रिय करके वहां राजस्व सहित कई विभागों के कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है।
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तहसीलदार के अनुसार बाढ़ आने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए काकोरी शहीद इंटर कालेज और मंडी समिति परिसर सहित निजामपुर नगरिया गांव के कंपोजिट विद्यालय और बिरिया मकरंदपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय को बाढ़ शरणालय के रूप में चिह्नित कर वहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत और बचाव कार्य के लिए जिला प्रशासन को 16 नावों की मांग भेजी गई है। इनमें 10 नावें और छह मोटर बोट शामिल हैं।