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Shahjahanpur News: दुष्कर्मी पिता को आजीवन कारावास
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शाहजहांपुर। बेटी से दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि इससे बड़ा और जघन्य कोई अपराध नहीं हो सकता। दोषी ने पारिवारिक रिश्तों और विश्वास को तार-तार किया है। उसे अधिकतम दंड से दंडित किया जाना चाहिए।
तीन मार्च 2022 को जलालाबाद क्षेत्र की रहने वाली 11 वर्ष की एक बालिका ने पिता के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि वह दो बहनें और तीन भाई हैं। उनकी मां एक अन्य प्रांत की रहने वाली थी जो उन लोगों को छोड़कर चली गई। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। तीनों भाई पीड़िता से छोटे हैं। उसका पिता कत्ल के आरोप में जेल जा चुका है। पिता शराब पीने का आदी है और उसके साथ दुष्कर्म करता है।
पिता की आदतों की वजह से बड़ी बहन भी घर नहीं आती है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सुदीप कुमार जायसवाल ने दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अपने आदेश में लिखा कि दोषी ने एक वर्ष की अवधि के दौरान कई बार अपनी ही अवयस्क पुत्री से दुष्कर्म किया।
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उसने पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है। यदि एक पुत्री अपने घर में ही सुरक्षित नहीं है और उसका पिता ही उससे दुष्कर्म करता है तो उससे बड़ा और जघन्य कोई अपराध नहीं हो सकता। उसके आपराधिक कृत्य की कठोरतम शब्दों में भर्त्सना की जानी चाहिए। वह किसी भी सहानुभूति का पात्र नहीं है।
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दहेज उत्पीड़न पर तीन दोषियों को तीन-तीन वर्ष का कारावास
शाहजहांपुर। दहेज के लिए विवाहिता का उत्पीड़न करने के दोषी पति, सास और ससुर को अदालत ने तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
मूलरूप से फर्रुखाबाद के रोशनाबाद गांव के निवासी और वर्तमान में राजस्थान के टोंक जिले के मोहल्ला धन्नातलाई में रह रहे मोहम्मद इमरान, उसके पिता इरफान और मां रेशमा के खिलाफ 2021 में जलालाबाद थाने में मां ने दहेज के लिए पुत्री सोनी सिद्दीकी को प्रताड़ित करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीनों लोग दहेज के लिए विवाहिता के साथ मारपीट करते थे।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा था। न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन ने मोहम्मद इमरान, इरफान और रेशमा को दोषी पाया। उन लोगों को तीन-तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई। एक लाख 78 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। संवाद
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तीन मार्च 2022 को जलालाबाद क्षेत्र की रहने वाली 11 वर्ष की एक बालिका ने पिता के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि वह दो बहनें और तीन भाई हैं। उनकी मां एक अन्य प्रांत की रहने वाली थी जो उन लोगों को छोड़कर चली गई। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। तीनों भाई पीड़िता से छोटे हैं। उसका पिता कत्ल के आरोप में जेल जा चुका है। पिता शराब पीने का आदी है और उसके साथ दुष्कर्म करता है।
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पिता की आदतों की वजह से बड़ी बहन भी घर नहीं आती है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सुदीप कुमार जायसवाल ने दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अपने आदेश में लिखा कि दोषी ने एक वर्ष की अवधि के दौरान कई बार अपनी ही अवयस्क पुत्री से दुष्कर्म किया।
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उसने पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है। यदि एक पुत्री अपने घर में ही सुरक्षित नहीं है और उसका पिता ही उससे दुष्कर्म करता है तो उससे बड़ा और जघन्य कोई अपराध नहीं हो सकता। उसके आपराधिक कृत्य की कठोरतम शब्दों में भर्त्सना की जानी चाहिए। वह किसी भी सहानुभूति का पात्र नहीं है।
दहेज उत्पीड़न पर तीन दोषियों को तीन-तीन वर्ष का कारावास
शाहजहांपुर। दहेज के लिए विवाहिता का उत्पीड़न करने के दोषी पति, सास और ससुर को अदालत ने तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
मूलरूप से फर्रुखाबाद के रोशनाबाद गांव के निवासी और वर्तमान में राजस्थान के टोंक जिले के मोहल्ला धन्नातलाई में रह रहे मोहम्मद इमरान, उसके पिता इरफान और मां रेशमा के खिलाफ 2021 में जलालाबाद थाने में मां ने दहेज के लिए पुत्री सोनी सिद्दीकी को प्रताड़ित करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीनों लोग दहेज के लिए विवाहिता के साथ मारपीट करते थे।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा था। न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन ने मोहम्मद इमरान, इरफान और रेशमा को दोषी पाया। उन लोगों को तीन-तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई। एक लाख 78 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। संवाद