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Shahjahanpur News: श्रीराम-भरत मिलाप देखकर छलके हर्ष के आंसू...भक्तों ने की पुष्पवर्षा

Sun, 05 Oct 2025 01:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 05 Oct 2025 01:13 AM IST
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Tears of joy flowed after seeing the meeting of Shri Ram and Bharat...devotees showered flowers.
चौक ​स्थित रामजानकी मंदिर के सामने भरत मिलाप के मंचन के दौरान स्वरूपों की आरती उतारते वित्त मंत
शाहजहांपुर। चौक क्षेत्र में शनिवार को श्रीराम-भरत मिलाप का दृश्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की। वहीं, ओसीएफ रामलीला में राजगद्दी निकाली गई।
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बृहस्पतिवार को खिरनीबाग रामलीला में रावण वध की लीला का मंचन किया गया था। शुक्रवार रात खिरनीबाग रामलीला मैदान से शुरू हुई राजगद्दी से पूरे शहर का माहौल भक्ति के रंग में रंग गया। रामलीला समिति के संरक्षक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस दौरान गुरु वशिष्ठ की भूमिका निभाई।
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उन्होंने प्रभु श्री राम का विधिवत राज्याभिषेक कर आरती उतारी। इसके पश्चात, श्रीराम, सीताजी, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी के स्वरूपों को मंदिर में ले जाया गया। यहां भक्तों ने पुष्प वर्षा और भोग अर्पित कर उनका स्वागत किया। भरत मिलाप के लिए मंदिर के सामने सड़क पर एक भव्य मंच सजाया गया।
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जैसे ही हनुमान जी ने भरत और शत्रुघ्न को श्रीराम और लक्ष्मण के वनवास से लौटने का समाचार दिया, दोनों भाई नंगे पैर दौड़ पड़े। चारों भाइयों के गले मिलने का हृदयस्पर्शी दृश्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। अद्भुत प्रेम को देखकर भक्तों ने पुष्प वर्षा की। सियापति रामचंद्र की जय, वीर हनुमान की जय, जय श्री राम के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
भरत मिलाप के बाद श्री राम मंदिर में सभी देवस्वरूपों की आरती उतारी गई और श्रद्धालुओं ने उनके चरणों में प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मंच पर श्रीराम का राजतिलक कर भव्य आरती की गई। राज्याभिषेक के बाद राजगद्दी नगर के प्रमुख मंदिरों में गई। जहां प्रत्येक मंदिर में आरती और भोग का आयोजन किया गया।
शोभायात्रा का समापन दलेलगंज स्थित श्री राम जानकी मंदिर में हुआ। यहां भक्तों ने प्रभु श्रीराम की आरती उतारी एवं भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया। इस दौरान मेला समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश सिंघल, कोषाध्यक्ष विनोद अग्रवाल, चंद्रशेखर खन्ना, अजय प्रताप यादव, सचिन बाथम, सुरेंद्र सिंह सेठ, नरेंद्र मिश्रा गुरु, नीरज वाजपेयी, मनीष खन्ना, नितेश गुप्ता, महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, डॉ. सत्य प्रकाश मिश्रा, दिव्यांग सिंघल, अवधेश दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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ओसीएफ में निकाली गई शोभायात्रा
‎शाहजहांपुर। फैक्टरी स्टेट एवं डबल स्टोरी क्षेत्र में शनिवार को भव्य शोभायात्रा का आयोजन हुआ। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीरामलीला मंच पर पहुंची। जगह-जगह भक्तों ने शोभायात्रा का स्वागत किया और पुष्पवर्षा की।

‎श्रीराम-भरत मिलाप का मंचन किया गया। ‎मंचन की समाप्ति के बाद श्रीरामलीला समिति ने रामलीला की संपूर्ण टीम को सम्मानित किया। श्रीरामलीला मंचन समिति के अध्यक्ष हरिशंकर, सचिव देवेश दीक्षित, राममोहन अग्निहोत्री, संयुक्त सचिव अमित अवस्थी, निर्देशक अंकित सक्सेना, सह निर्देशक सुहेल मोहम्मद, प्रभारी महेंद्र दीक्षित, मंचन मीडिया प्रभारी रोहित बीएसए आदि का सहयोग रहा।
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श्रीराम जन्म से लेकर अहिल्या उद्धार तक कई प्रसंगों का मंचन
कांट। रामलीला समिति की ओर से आयोजित 76वें श्री रामलीला महोत्सव में शनिवार को वृंदावन से कलाकारों ने भगवान श्री राम के जन्म, ऋषि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन, असुरों के वध और अहिल्या उद्धार के प्रसंगों का मंचन किया। प्रभु श्रीराम का जन्म होते ही अयोध्या नगरी में उल्लास छा जाता है। कुछ समय बाद ऋषि विश्वामित्र वहां आकर लोक कल्याण के लिए किए जाने वाले यज्ञ में व्यवधान उत्पन्न करने वाले असुरों के संहार के लिए श्रीराम और लक्ष्मण को लेने अयोध्या पहुंचते हैं। रास्ते में श्रीराम राक्षसी ताड़का, मारीच और सुबाहु का संहार करते हैं। तत्पश्चात भगवान श्रीराम के हाथों अहिल्या का उद्धार होता है। इस मौके पर व्यवस्था में राम मुरारी मिश्रा, संजीव मिश्रा, रामचंद्र मिश्रा, गोविंद शरण पांडेय, सुरेश चंद्र सक्सेना, पुष्पेंद्र मिश्रा आदि का सहयोग रहा। संवाद


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खुदागंज में मेघनाद और कुंभकर्ण वध की लीला का मंचन

खुदागंज। रामलीला में अयोध्या धाम के कलाकारों ने शनिवार को मेघनाद और कुंभकर्ण के वध की लीला का मंचन किया। पहले दृश्य में पवन पुत्र हनुमान जी द्वारा लाई गई संजीवनी बूटी के सेवन से लक्ष्मण जी की मूर्छा टूटती है। इससे रामदल में हर्ष हो जाता है, किंतु लंका में जैसे ही रावण एवं मेघनाद को लक्ष्मण जी के ठीक होने की सूचना मिलती है, रावण अपने भाई कुंभकर्ण को बुलाने के लिए सैनिक भेजता है। कुंभकर्ण रावण को श्रीराम से युद्ध नही करने के लिए समझाता है। रावण के नहीं मानने पर कुंभकर्ण भगवान श्री राम से युद्ध करते हुए मारा जाता है। बाद में रावण अपने पुत्र मेघनाद को युद्ध में भेजता है। लक्ष्मण जी मेघनाद को मार देते हैं। मंचन के दौरान नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं मेला कमेटी के संरक्षक सुधीर सिंह, अध्यक्ष संजय गुप्ता, कृष्ण कुमार सक्सेना, संजीव गुप्ता, गुरपाल सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद


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मेघनाद का शक्ति बाण लगते ही लक्ष्मण जी हुए मूर्छित
कुर्रियाकलां। कौढ़ा गांव की रामलीला में शनिवार को लंका दहन एवं लक्ष्मण जी को शक्ति लगने का मंचन किया गया। मंचन में अनमोल पाठक, लल्लापूत दीक्षित, देवराज दुबे, विनीत पाठक, अश्वनी मिश्रा आदि का सहयोग रहा। संवाद

चौक स्थित रामजानकी मंदिर के सामने भरत मिलाप के मंचन के दौरान स्वरूपों की आरती उतारते वित्त मंत

चौक स्थित रामजानकी मंदिर के सामने भरत मिलाप के मंचन के दौरान स्वरूपों की आरती उतारते वित्त मंत

चौक स्थित रामजानकी मंदिर के सामने भरत मिलाप के मंचन के दौरान स्वरूपों की आरती उतारते वित्त मंत

चौक स्थित रामजानकी मंदिर के सामने भरत मिलाप के मंचन के दौरान स्वरूपों की आरती उतारते वित्त मंत

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