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सेहत और कॅरिअर का रखें ध्यान, खुद को अबला मानने से करें इन्कार : सीडीओ
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एसएस कॉलेज में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद मुख्य अतिथि सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह व अन्
शाहजहांपुर। महिलाओं को अपने हक के लिए आवाज उठानी चाहिए। अधिकार न मिले तो छीन लें। अपने कॅरिअर के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट रखें। खुद को अबला मानना बिलकुल बंद कर दें। वर्तमान में महिलाओं को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता है। यह बात सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने सोमवार को स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम के दौरान कही।
मुख्य अतिथि सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने कहा कि आज हर क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़कर कमान संभालने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कहने से नहीं होगा बल्कि इसे करके दिखाना होगा। परिस्थितियां चाहे कितनी कठिन हों, कभी हार नहीं माननी चाहिए। खासतौर पर लड़कियों को लोग कमतर आंक कर उनकी उड़ान को थामने की कोशिश करते हैं लेकिन उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट और समर्पित होना चाहिए।
अगर आप में कुछ कर गुजरने का जज्बा है तो माता-पिता और परिवार के लोग भी पूरा समर्थन और सहयोग करते हैं। एमबीबीएस चिकित्सक अपराजिता सिंह ने छात्राओं को सेहत से जुड़े टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि माहवारी के दौरान खाने-पीने में परहेज, बाहर घूमने से बचने, कपड़ा आदि के इस्तेमाल से जुड़े भ्रम दूर करें। साथ ही खून की कमी दूर करने के लिए दवा जरूर लें।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं में खून की कमी होने से उसका असर उनके बच्चे पर भी पड़ता है। माना जाता है कि भारत में करीब 48.5 प्रतिशत महिलाएं रक्ताल्पता से जूझ रहीं हैं लेकिन हकीकत में यह आंकड़ा 60 प्रतिशत के आसपास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्त की कमी दूर करने के लिए दवा को नींबू पानी से लेना बेहतर होता है।
हर हफ्ते आयरन की गोली विटामिन सी के साथ लेने से अच्छा अवशोषण होता है। कार्यक्रम के दौरान करीब 300 छात्राएं मौजूद रहीं। प्रबंध समिति के सचिव डॉ. अवनीश मिश्रा, प्राचार्य डॉ. आरके आजाद, एसएस लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जयशंकर सिंह ओझा, रसायन विभागाध्यक्ष आलोक सिंह आदि मौजूद रहे।
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मोबाइल से रखें दूरी, अखबार सूचना के विश्वसनीय माध्यम
सीडीओ ने कहा कि छात्राओं को सिर्फ चूल्हे-चौके तक खुद को सीमित नहीं रखना चाहिए लेकिन ऐसा भी न हो कि वे रसोई से निकलकर मोबाइल की रील में उलझ जाएं। मोबाइल से फेक न्यूज का शिकार भी हो सकते हैं। उन्हें अपने आसपास के माहौल के साथ ही देश-प्रदेश और दुनिया में चल रहे घटनाक्रम के संबंध में जागरूक होना चाहिए। समाचारों के लिए अखबार एक विश्वसनीय माध्यम हैं। अखबार जरूर पढ़ें ताकि खबरों के प्रति अपडेट रह सकें।
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कैंसर के लक्षणों के प्रति जागरूक रहें
सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर के लक्षण प्रकट होते हैं इसलिए इसे समय पर रोका जा सकता है। इसी तरह ब्रेस्ट कैंसर के भी लक्षण भांपे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर खुद ही निरीक्षण कर इसके बारे में पता किया जा सकता है। परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। नौ से 12 वर्ष तक की लड़कियों के लिए सर्वाइकल कैंसर के लिए वैक्सीन भी लगाई जाती है। छात्राओं को कैंसर के बारे में जागरूक करने के लिए प्रशासन जल्द जागरूकता अभियान चलाएगा।
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महिला कल्याण की योजनाओं से अवगत कराया
जिला प्रोबेशन अधिकारी गौरव मिश्रा ने सरकार की ओर से चलाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं के बारे में छात्राओं को जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को बेहिचक अपनी बात रखने और कॅरिअर के लिए सजग रहने के टिप्स दिए। मिशन कोऑर्डिनेटर अमृता दीक्षित ने विभिन्न हेल्पलाइन की जानकारी दी। वन स्टॉप सेंटर प्रभारी नमिता यादव ने सेंटर की कार्यपद्धति से अवगत कराया।
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मुख्य अतिथि सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने कहा कि आज हर क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़कर कमान संभालने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कहने से नहीं होगा बल्कि इसे करके दिखाना होगा। परिस्थितियां चाहे कितनी कठिन हों, कभी हार नहीं माननी चाहिए। खासतौर पर लड़कियों को लोग कमतर आंक कर उनकी उड़ान को थामने की कोशिश करते हैं लेकिन उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट और समर्पित होना चाहिए।
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अगर आप में कुछ कर गुजरने का जज्बा है तो माता-पिता और परिवार के लोग भी पूरा समर्थन और सहयोग करते हैं। एमबीबीएस चिकित्सक अपराजिता सिंह ने छात्राओं को सेहत से जुड़े टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि माहवारी के दौरान खाने-पीने में परहेज, बाहर घूमने से बचने, कपड़ा आदि के इस्तेमाल से जुड़े भ्रम दूर करें। साथ ही खून की कमी दूर करने के लिए दवा जरूर लें।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं में खून की कमी होने से उसका असर उनके बच्चे पर भी पड़ता है। माना जाता है कि भारत में करीब 48.5 प्रतिशत महिलाएं रक्ताल्पता से जूझ रहीं हैं लेकिन हकीकत में यह आंकड़ा 60 प्रतिशत के आसपास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्त की कमी दूर करने के लिए दवा को नींबू पानी से लेना बेहतर होता है।
हर हफ्ते आयरन की गोली विटामिन सी के साथ लेने से अच्छा अवशोषण होता है। कार्यक्रम के दौरान करीब 300 छात्राएं मौजूद रहीं। प्रबंध समिति के सचिव डॉ. अवनीश मिश्रा, प्राचार्य डॉ. आरके आजाद, एसएस लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जयशंकर सिंह ओझा, रसायन विभागाध्यक्ष आलोक सिंह आदि मौजूद रहे।
मोबाइल से रखें दूरी, अखबार सूचना के विश्वसनीय माध्यम
सीडीओ ने कहा कि छात्राओं को सिर्फ चूल्हे-चौके तक खुद को सीमित नहीं रखना चाहिए लेकिन ऐसा भी न हो कि वे रसोई से निकलकर मोबाइल की रील में उलझ जाएं। मोबाइल से फेक न्यूज का शिकार भी हो सकते हैं। उन्हें अपने आसपास के माहौल के साथ ही देश-प्रदेश और दुनिया में चल रहे घटनाक्रम के संबंध में जागरूक होना चाहिए। समाचारों के लिए अखबार एक विश्वसनीय माध्यम हैं। अखबार जरूर पढ़ें ताकि खबरों के प्रति अपडेट रह सकें।
कैंसर के लक्षणों के प्रति जागरूक रहें
सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर के लक्षण प्रकट होते हैं इसलिए इसे समय पर रोका जा सकता है। इसी तरह ब्रेस्ट कैंसर के भी लक्षण भांपे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर खुद ही निरीक्षण कर इसके बारे में पता किया जा सकता है। परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। नौ से 12 वर्ष तक की लड़कियों के लिए सर्वाइकल कैंसर के लिए वैक्सीन भी लगाई जाती है। छात्राओं को कैंसर के बारे में जागरूक करने के लिए प्रशासन जल्द जागरूकता अभियान चलाएगा।
महिला कल्याण की योजनाओं से अवगत कराया
जिला प्रोबेशन अधिकारी गौरव मिश्रा ने सरकार की ओर से चलाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं के बारे में छात्राओं को जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को बेहिचक अपनी बात रखने और कॅरिअर के लिए सजग रहने के टिप्स दिए। मिशन कोऑर्डिनेटर अमृता दीक्षित ने विभिन्न हेल्पलाइन की जानकारी दी। वन स्टॉप सेंटर प्रभारी नमिता यादव ने सेंटर की कार्यपद्धति से अवगत कराया।