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धरा रह गया सर्विलांस.. एक सप्ताह मरीज देखते रहे डॉक्टर तब हुई स्वास्थ्य विभाग को जानकारी
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शाहजहांपुर। कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग जिस सर्विलांस की बात कर रहा है, वह भी भगवान भरोसे ही चल रही है। पुवायां में विदेश यात्रा से लौटे सभी मामलों में ऐसा ही हुआ है। पुवायां के जिन डॉक्टर को बुधवार को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है, वह अमेरिका से लौटने के बाद सप्ताह भर से अपने क्लीनिक में मरीज देख रहे थे और इस बीच तमाम लोगों के संपर्क में आए। ऐसा ही इटली से लौटने वालों दोनों युवकों के मामले में हुआ। ऐसे में बेहतर है कि अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही एहतियात बरतें और भीड़भाड़ में जाने से बचें। अगर कोई लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
पुवायां के एक डॉक्टर का परिवार अमेरिका में रहता है इसलिए अक्सर उनका वहां जाना लगा रहता है। एक बेटा उनका लखनऊ में रहता है। 28 दिसंबर को डॉक्टर अपने बेटे के पास अमेरिका गए थे। चार मार्च को वहां से लौटे तो सीधे दूसरे बेटे के पास लखनऊ चले गए। एक सप्ताह वहां रुकने के बाद 11 मार्च को पुवायां पहुंचे थे। इसके बाद पुवायां में उन्होंने अपने क्लीनिक और अल्ट्रासाउंड सेंटर पर मरीजों का उपचार व जांचें शुरू कर दी हैं। 11 मार्च से यह प्रक्रिया लगातार चल रही थी। मगर स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम को उनके लौटने की जानकारी मंगलवार को हुई और बुधवार को कोरोना के लक्षण दिखने पर उन्हें शाहजहांपुर लाकर जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रख दिया। इसके बाद टीम दौड़कर उनके क्लीनिक पर भी पहुंची। मगर उन सभी लोगों को ढूंढना अब स्वास्थ्य विभाग के लिए मुश्किल होगा, जो इस बीच डॉक्टर के संपर्क में आए।
इटली से लौट युवकों को लेकर भी बेपरवाह रहा विभागा
18 फरवरी को इटली से लौटा पुवायां के नाहिल गांव का युवक घर के अलावा आसपास भी गया और पुवायां में भी खरीदारी की। मगर स्वास्थ्य विभाग की टीम एक महीने बाद 18 मार्च को उसके पास पहुंची। यह बात युवक ने स्वीकार की है। इटली से ही तीन मार्च को वापस आए न्यूनिया के युवक की भी निगरानी 17 मार्च से शुरू की गई। इससे पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवक से कोई संपर्क नहीं किया। टीम जब इस युवक के पास पहुंची तो वह गुरुद्वारे में तमाम लोगों के बीच था। ऐसे में इस दौरान इन युवकों के संपर्क में आए लोगों के लिए भी चिंता बढ़ गई है।
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कनाडा से आए युवक का हुआ मेडिकल चेकअप
खुटार। सप्ताह भर पहले कनाडा से आए फार्मर के बेटे की बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसके घर जाकर जांच की।
कनाडा में कोरोना के रोगियों की संख्या ज्यादा होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बृहस्पतिवार को टीम युवक के घर पहुंची और जांच की। डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि कनाडा से आया युवक पूरी तरह से स्वास्थ्य है। उसे हल्की सी खांसी की शिकायत मिली है। युवक के परिवार के लोगों की भी जांच की गई और सभी को घर में ही रहने की सलाह दी है।
इटली से आया व्यक्ति एक सप्ताह रहकर गया वापस
खुदागंज। क्षेत्र के एक गांव निवासी सिख फार्मर का बेटा इटली में ट्रक ड्राइवर है। 22 फरवरी को वह खुदागंज आया था और नौ मार्च को फिर इटली वापस चला गया। दुनिया भर के देश कोरोना वायरस के कहर से खौफजदा हैं, लेकिन इटली से खुदागंज आया एक युवक वापस इटली चला भी गया और स्वास्थ्य विभाग को पता भी नहीं चला। वह दो सप्ताह तक खुदागंज क्षेत्र में लोगों से मिलता जुलता रहा, लेकिन प्रशासन को जानकारी भी नहीं हुई। इस संबंध में एसडीएम सौरभ गंगवार का कहना है कि वह सीएमओ से जानकारी कर रहे हैं। यह एक गंभीर बात है। लापरवाही करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लिस्ट मिलने पर ही विदेश से आए लोगों के बारे में जानकारी मिल पाती है। उसी हिसाब से उनकी निगरानी की जाती है। यदि उसको कोई दिक्कत होती है तो आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जाता है। फिलहाल जिले में अब तक एक भी कोरोना का पॉजिटिव केस नहीं मिला है। - डॉ. राजीव कुमार गुप्ता, सीएमओ
जो लोग विदेश से आते हैं उनकी जांच हवाई अड्डे पर ही हो जाती है। सावधानी की दृष्टि से स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों युवकों के घर भेजी गई थी और दोनों की 14 दिन तक निगरानी की जाएगी। फिलहाल दोनों ही पूरी तरह से ठीक हैं।
डॉ. मोहम्मद आसिफ, अधीक्षक सीएचसी पुवायां
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पुवायां के एक डॉक्टर का परिवार अमेरिका में रहता है इसलिए अक्सर उनका वहां जाना लगा रहता है। एक बेटा उनका लखनऊ में रहता है। 28 दिसंबर को डॉक्टर अपने बेटे के पास अमेरिका गए थे। चार मार्च को वहां से लौटे तो सीधे दूसरे बेटे के पास लखनऊ चले गए। एक सप्ताह वहां रुकने के बाद 11 मार्च को पुवायां पहुंचे थे। इसके बाद पुवायां में उन्होंने अपने क्लीनिक और अल्ट्रासाउंड सेंटर पर मरीजों का उपचार व जांचें शुरू कर दी हैं। 11 मार्च से यह प्रक्रिया लगातार चल रही थी। मगर स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम को उनके लौटने की जानकारी मंगलवार को हुई और बुधवार को कोरोना के लक्षण दिखने पर उन्हें शाहजहांपुर लाकर जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रख दिया। इसके बाद टीम दौड़कर उनके क्लीनिक पर भी पहुंची। मगर उन सभी लोगों को ढूंढना अब स्वास्थ्य विभाग के लिए मुश्किल होगा, जो इस बीच डॉक्टर के संपर्क में आए।
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इटली से लौट युवकों को लेकर भी बेपरवाह रहा विभागा
18 फरवरी को इटली से लौटा पुवायां के नाहिल गांव का युवक घर के अलावा आसपास भी गया और पुवायां में भी खरीदारी की। मगर स्वास्थ्य विभाग की टीम एक महीने बाद 18 मार्च को उसके पास पहुंची। यह बात युवक ने स्वीकार की है। इटली से ही तीन मार्च को वापस आए न्यूनिया के युवक की भी निगरानी 17 मार्च से शुरू की गई। इससे पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवक से कोई संपर्क नहीं किया। टीम जब इस युवक के पास पहुंची तो वह गुरुद्वारे में तमाम लोगों के बीच था। ऐसे में इस दौरान इन युवकों के संपर्क में आए लोगों के लिए भी चिंता बढ़ गई है।
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कनाडा से आए युवक का हुआ मेडिकल चेकअप
खुटार। सप्ताह भर पहले कनाडा से आए फार्मर के बेटे की बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसके घर जाकर जांच की।
कनाडा में कोरोना के रोगियों की संख्या ज्यादा होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बृहस्पतिवार को टीम युवक के घर पहुंची और जांच की। डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि कनाडा से आया युवक पूरी तरह से स्वास्थ्य है। उसे हल्की सी खांसी की शिकायत मिली है। युवक के परिवार के लोगों की भी जांच की गई और सभी को घर में ही रहने की सलाह दी है।
इटली से आया व्यक्ति एक सप्ताह रहकर गया वापस
खुदागंज। क्षेत्र के एक गांव निवासी सिख फार्मर का बेटा इटली में ट्रक ड्राइवर है। 22 फरवरी को वह खुदागंज आया था और नौ मार्च को फिर इटली वापस चला गया। दुनिया भर के देश कोरोना वायरस के कहर से खौफजदा हैं, लेकिन इटली से खुदागंज आया एक युवक वापस इटली चला भी गया और स्वास्थ्य विभाग को पता भी नहीं चला। वह दो सप्ताह तक खुदागंज क्षेत्र में लोगों से मिलता जुलता रहा, लेकिन प्रशासन को जानकारी भी नहीं हुई। इस संबंध में एसडीएम सौरभ गंगवार का कहना है कि वह सीएमओ से जानकारी कर रहे हैं। यह एक गंभीर बात है। लापरवाही करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लिस्ट मिलने पर ही विदेश से आए लोगों के बारे में जानकारी मिल पाती है। उसी हिसाब से उनकी निगरानी की जाती है। यदि उसको कोई दिक्कत होती है तो आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जाता है। फिलहाल जिले में अब तक एक भी कोरोना का पॉजिटिव केस नहीं मिला है। - डॉ. राजीव कुमार गुप्ता, सीएमओ
जो लोग विदेश से आते हैं उनकी जांच हवाई अड्डे पर ही हो जाती है। सावधानी की दृष्टि से स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों युवकों के घर भेजी गई थी और दोनों की 14 दिन तक निगरानी की जाएगी। फिलहाल दोनों ही पूरी तरह से ठीक हैं।
डॉ. मोहम्मद आसिफ, अधीक्षक सीएचसी पुवायां