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जागरण पार्टी के संचालक का घर में फंदे से लटका मिला शव, पैरों पर थे चोट के निशान
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शाहजहांपुर। चौक कोतवाली इलाके की कांशीराम कॉलोनी में जागरण पार्टी के संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव आवास में फंदे से लटका मिला। उसके पैरों में चोटों के निशान थे और आसपास खून बिखरा था।
परिवार वालों ने कॉलोनी में रहने वाले एक अन्य जागरण पार्टी संचालक के खिलाफ हत्या का शक जाहिर करते हुए पुलिस को तहरीर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट दर्ज करने में हीलाहवाली के चलते नाराज परिवार वालों ने आवास एवं विकास परिषद कॉलोनी बरेली मोड़ के गोल चौराहे पर जाम लगा दिया। एसपी सिटी समेत चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन की मांग पर तत्काल आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। तब जाकर करीब एक घंटे के बाद जाम खोला गया।
चौक कोतवाली इलाके की काशीराम कॉलोनी के ब्लॉक संख्या 27 निवासी अनुराग शुक्ला (19) जागरण पार्टी संचालित करता था। कॉलोनी में वह अपनी मां अनीता शुक्ला, पिता संतराम शुक्ला, बहन निशा शुक्ला के साथ रहता था। परिवार के पास कॉलोनी में आवास संख्या 432 एवं 427 एलाट हैं। आवास संख्या 432 में परिवार रहता है और 427 में जागरण से संबंधित सामान रखा जाता है।
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बृहस्पतिवार को शाम करीब पांच बजे अनुराग आवास संख्या 427 में गया था जब काफी देर बाद वापस नहीं आया तो रात नौ बजे बहन निशा शुक्ला ने उसके मोबाइल पर कॉल की। कई बार कॉल करने के बाद जब रिसीव नहीं हुई तो उन्होंने तलाश शुरू कराई। आवास का दरवाजा खटखटाने पर भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो निशा ने जोर से धक्का मारा तो स्तब्ध रह गई। अनुराग पंखे से दुपट्टे के जरिए लटका हुआ था। कमरे का सामान बिखरा पड़ा था। उसके पैरों से खून बह रहा था। देखते-देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई। परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर चौक कोतवाली पुलिस मौके पर आ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई आदित्य शुक्ला के मुताबिक उनका कॉलोनी में रहने वाले एक अन्य पार्टी संचालक से विवाद चल रहा था। उसने ही रंजिशन की हत्या कर दी। इस संबंध में चौक कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। पोस्टमार्टम होने के बाद भी जब रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो नाराज परिवार वालों ने आवास एवं विकास परिषद कॉलोनी बरेली मोड़ के प्रथम गोल चौराहे पर शव को रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर एसपी सिटी संजय कुमार, सीओ सिटी प्रवीन कुमार समेत चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिवार वालों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिवार वाले नामजद रिपोर्ट दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। करीब एक घंटे तक जाम लगने के बाद जब संदीप उर्फ शक्ति निवासी कांशीराम कॉलोनी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज हो गई तो परिवार वाले शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
अनुराग शुक्ला का कॉलोनी में रहने वाले एक अन्य जागरण पार्टी संचालक से विवाद होने की बात बताई गई है। फिलहाल परिजन की तहरीर पर अभियोग पंजीकृत करा कर जांच शुरू करा दी गई है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -संजय कुमार, एसपी सिटी शाहजहांपुर
जबरन कराया समझौता
शाहजहांपुर। अनुराग शुक्ला की बहन निशा ने बताया कि अनुराग ने हत्यारोपी संदीप के खिलाफ करीब एक सप्ताह पूर्व विवाद के बाद प्रार्थना पत्र दिया था। जांच पुलिस चौकी अजीजगंज में आई थी। निशा के मुताबिक चौकी प्रभारी ने उसे और अनुराग को धमकाया और जबरन समझौते का दबाव बनाया। दोनों से समझौते पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। निशा ने बताया कि दरोगा और एक हेड कांस्टेबल ने कहा कि यदि समझौता नहीं करोगे तो मुकदमा लिख कर जेल भेज देंगे। रुपये लेने का आरोप भी लगाया। इसके बाद अनुराग काफी तनाव में आ गया था। एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि मामले में अगर पुलिस की भूमिका आती है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी।
मिला सुसाइड नोट, परिवार वालों ने कहा इसे अनुराग ने नहीं लिखा
अनुराग शुक्ला के शव के पास रखे बक्से के ऊपर सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें लिखा है कि मम्मी-पापा माफ कर देना। हम आपके सपनों को पूरा नहीं कर पाए। आप लोगों ने इतना दुख झेला और उसके बदले में हम कुछ नहीं कर पाए। हो सके तो माफ कर देना। सुसाइड नोट में बहन और अपने भाई से भी माफी मांगी है। उसमें लिखा है कि यह कदम किसी भी दबाव या फिर प्यार या किसी भी टेंशन की वजह से नहीं उठा रहे हैं। घर के हालात बदल जाएं, यही सोचकर ऐसा किया है। हालांकि अनुराग के परिवार वालों ने इस सुसाइड नोट को झूठा करार दिया है। उनका कहना है कि यह हैंडराइटिंग अनुराग की है ही नहीं। अनुराग के पास आत्महत्या करने की कोई भी वजह नहीं थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की हुई पुष्टि
अनुराग शुक्ला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु फंदे से लटकने की वजह से होने की पुष्टि हुई है। कयास लगाया जा रहा है कि फंदे पर लटक के समय छटपटाने की वजह से उसका पैर घर में रखी किसी ठोस वस्तु से टकरा गया होगा। तभी उसके पैरों से खून बहा है।
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परिवार वालों ने कॉलोनी में रहने वाले एक अन्य जागरण पार्टी संचालक के खिलाफ हत्या का शक जाहिर करते हुए पुलिस को तहरीर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट दर्ज करने में हीलाहवाली के चलते नाराज परिवार वालों ने आवास एवं विकास परिषद कॉलोनी बरेली मोड़ के गोल चौराहे पर जाम लगा दिया। एसपी सिटी समेत चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन की मांग पर तत्काल आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। तब जाकर करीब एक घंटे के बाद जाम खोला गया।
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चौक कोतवाली इलाके की काशीराम कॉलोनी के ब्लॉक संख्या 27 निवासी अनुराग शुक्ला (19) जागरण पार्टी संचालित करता था। कॉलोनी में वह अपनी मां अनीता शुक्ला, पिता संतराम शुक्ला, बहन निशा शुक्ला के साथ रहता था। परिवार के पास कॉलोनी में आवास संख्या 432 एवं 427 एलाट हैं। आवास संख्या 432 में परिवार रहता है और 427 में जागरण से संबंधित सामान रखा जाता है।
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बृहस्पतिवार को शाम करीब पांच बजे अनुराग आवास संख्या 427 में गया था जब काफी देर बाद वापस नहीं आया तो रात नौ बजे बहन निशा शुक्ला ने उसके मोबाइल पर कॉल की। कई बार कॉल करने के बाद जब रिसीव नहीं हुई तो उन्होंने तलाश शुरू कराई। आवास का दरवाजा खटखटाने पर भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो निशा ने जोर से धक्का मारा तो स्तब्ध रह गई। अनुराग पंखे से दुपट्टे के जरिए लटका हुआ था। कमरे का सामान बिखरा पड़ा था। उसके पैरों से खून बह रहा था। देखते-देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई। परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर चौक कोतवाली पुलिस मौके पर आ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई आदित्य शुक्ला के मुताबिक उनका कॉलोनी में रहने वाले एक अन्य पार्टी संचालक से विवाद चल रहा था। उसने ही रंजिशन की हत्या कर दी। इस संबंध में चौक कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। पोस्टमार्टम होने के बाद भी जब रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो नाराज परिवार वालों ने आवास एवं विकास परिषद कॉलोनी बरेली मोड़ के प्रथम गोल चौराहे पर शव को रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर एसपी सिटी संजय कुमार, सीओ सिटी प्रवीन कुमार समेत चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिवार वालों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिवार वाले नामजद रिपोर्ट दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। करीब एक घंटे तक जाम लगने के बाद जब संदीप उर्फ शक्ति निवासी कांशीराम कॉलोनी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज हो गई तो परिवार वाले शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
अनुराग शुक्ला का कॉलोनी में रहने वाले एक अन्य जागरण पार्टी संचालक से विवाद होने की बात बताई गई है। फिलहाल परिजन की तहरीर पर अभियोग पंजीकृत करा कर जांच शुरू करा दी गई है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -संजय कुमार, एसपी सिटी शाहजहांपुर
जबरन कराया समझौता
शाहजहांपुर। अनुराग शुक्ला की बहन निशा ने बताया कि अनुराग ने हत्यारोपी संदीप के खिलाफ करीब एक सप्ताह पूर्व विवाद के बाद प्रार्थना पत्र दिया था। जांच पुलिस चौकी अजीजगंज में आई थी। निशा के मुताबिक चौकी प्रभारी ने उसे और अनुराग को धमकाया और जबरन समझौते का दबाव बनाया। दोनों से समझौते पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। निशा ने बताया कि दरोगा और एक हेड कांस्टेबल ने कहा कि यदि समझौता नहीं करोगे तो मुकदमा लिख कर जेल भेज देंगे। रुपये लेने का आरोप भी लगाया। इसके बाद अनुराग काफी तनाव में आ गया था। एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि मामले में अगर पुलिस की भूमिका आती है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी।
मिला सुसाइड नोट, परिवार वालों ने कहा इसे अनुराग ने नहीं लिखा
अनुराग शुक्ला के शव के पास रखे बक्से के ऊपर सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें लिखा है कि मम्मी-पापा माफ कर देना। हम आपके सपनों को पूरा नहीं कर पाए। आप लोगों ने इतना दुख झेला और उसके बदले में हम कुछ नहीं कर पाए। हो सके तो माफ कर देना। सुसाइड नोट में बहन और अपने भाई से भी माफी मांगी है। उसमें लिखा है कि यह कदम किसी भी दबाव या फिर प्यार या किसी भी टेंशन की वजह से नहीं उठा रहे हैं। घर के हालात बदल जाएं, यही सोचकर ऐसा किया है। हालांकि अनुराग के परिवार वालों ने इस सुसाइड नोट को झूठा करार दिया है। उनका कहना है कि यह हैंडराइटिंग अनुराग की है ही नहीं। अनुराग के पास आत्महत्या करने की कोई भी वजह नहीं थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की हुई पुष्टि
अनुराग शुक्ला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु फंदे से लटकने की वजह से होने की पुष्टि हुई है। कयास लगाया जा रहा है कि फंदे पर लटक के समय छटपटाने की वजह से उसका पैर घर में रखी किसी ठोस वस्तु से टकरा गया होगा। तभी उसके पैरों से खून बहा है।