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दहेना में रखी गई चीनी मिल की आधारशिला
जलालाबाद (शाहजहांपुर)
Updated Wed, 10 Dec 2014 07:27 PM IST
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बुधवार को तहसील मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर कटरा-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर गांव दहेना में कैमुना ग्रुप की ओर से भूमि पूजन कर चीनी मिल स्थापना के लिए आधार शिला रखी गई। इस मौके पर कैमुना ग्रुप के अधिकारियों समेत क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे। करीब 350 करोड़ की लागत वाली इस चीनी मिल की आधार शिला इस ग्रुप के सीएमडी प्रदीप कुमार अस्थाना द्वारा रखी गई।
इस मौके पर आयोजित हुए कार्यक्रम में सीएमडी अस्थाना ने बताया कि करीब 80 एकड़ के क्षेत्र में बनने वाली इस चीनी मिल को वर्ष 2016 के अंत तक पूरा करा लेने का लक्ष्य रखा गया है।
एसडीएम जंगबहादुर यादव ने कहा कि इस चीनी मिल की स्थापना से क्षेत्र के विकास के साथ नवयुवकों को रोजगार भी मिलेगा। कार्यक्रम में ग्रुप के डायरेक्टर पीपी पाठक, जिला गन्ना अधिकारी बीके पटेल, डीपी पाठक, कुलदीप सिंह चौहान, डा. एनवी अस्थाना, विशाल श्रीवास्तव, मोउद्दीन खां, कमलेश सक्सेना के अलावा अभिषेक सिंह, मुन्नू लाल मिश्रा, सचिन सक्सेना, पीके पांडेय, मुकेश वर्मा, अनमोल सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
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तीन जनपदों के तमाम
गांवों को होगा फायदा
यह चीनी मिल क्षेत्र के विकास में ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में किसानों के लिए फायदेमंद होगी। तहसील क्षेत्र की इस इकलौती चीनी मिल से तीनों ब्लाकों के सैकड़ों गांवों के अलावा पड़ोसी जनपद हरदोई, बदायूं आदि की सीमा से लगे दर्जनों गांवों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
बता दें कि हरदोई में स्थित रूपापुर चीनी मिल की इस इलाके से दूरी 45 किलोमीटर, बदायूं की सहकारी चीनी मिल 50 किलोमीटर, फर्रुखाबाद की सहकारी चीनी मिल की दूरी 55 किलोमीटर तथा रोजा शुगर वर्क्स की दूरी भी 50 किलोमीटर के करीब होगी।
यहां पड़ी थी इस मिल
की स्थापना की नींव
वर्ष 2013 के जनवरी महीने में आगरा में हुई औद्योगिक पार्टनरशिप मीट में इस मिल की स्थापना का सूत्रपात हुआ। इसी मीट में चीनी उद्योग कोजनरेशन नीति 2013 के तहत प्रदेश के 14 जिलों को चिन्हित किया गया था, जिनमें शामिल शाहजहंापुर के गांव दहेना का चयन हुआ।
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इस मौके पर आयोजित हुए कार्यक्रम में सीएमडी अस्थाना ने बताया कि करीब 80 एकड़ के क्षेत्र में बनने वाली इस चीनी मिल को वर्ष 2016 के अंत तक पूरा करा लेने का लक्ष्य रखा गया है।
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एसडीएम जंगबहादुर यादव ने कहा कि इस चीनी मिल की स्थापना से क्षेत्र के विकास के साथ नवयुवकों को रोजगार भी मिलेगा। कार्यक्रम में ग्रुप के डायरेक्टर पीपी पाठक, जिला गन्ना अधिकारी बीके पटेल, डीपी पाठक, कुलदीप सिंह चौहान, डा. एनवी अस्थाना, विशाल श्रीवास्तव, मोउद्दीन खां, कमलेश सक्सेना के अलावा अभिषेक सिंह, मुन्नू लाल मिश्रा, सचिन सक्सेना, पीके पांडेय, मुकेश वर्मा, अनमोल सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
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तीन जनपदों के तमाम
गांवों को होगा फायदा
यह चीनी मिल क्षेत्र के विकास में ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में किसानों के लिए फायदेमंद होगी। तहसील क्षेत्र की इस इकलौती चीनी मिल से तीनों ब्लाकों के सैकड़ों गांवों के अलावा पड़ोसी जनपद हरदोई, बदायूं आदि की सीमा से लगे दर्जनों गांवों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
बता दें कि हरदोई में स्थित रूपापुर चीनी मिल की इस इलाके से दूरी 45 किलोमीटर, बदायूं की सहकारी चीनी मिल 50 किलोमीटर, फर्रुखाबाद की सहकारी चीनी मिल की दूरी 55 किलोमीटर तथा रोजा शुगर वर्क्स की दूरी भी 50 किलोमीटर के करीब होगी।
यहां पड़ी थी इस मिल
की स्थापना की नींव
वर्ष 2013 के जनवरी महीने में आगरा में हुई औद्योगिक पार्टनरशिप मीट में इस मिल की स्थापना का सूत्रपात हुआ। इसी मीट में चीनी उद्योग कोजनरेशन नीति 2013 के तहत प्रदेश के 14 जिलों को चिन्हित किया गया था, जिनमें शामिल शाहजहंापुर के गांव दहेना का चयन हुआ।