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Shahjahanpur News: छुट्टा पशुओं से हादसे का खतरा.... जिम्मेदार खामोश
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मिर्जापुर क्षेत्र में फर्रुखाबाद मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर छुट्टा गोवंशीय पशु। संवाद
शाहजहांपुर। जनपद से होकर गुजरे राजमार्गों पर जहां-तहां मंडराते छुट्टा पशु न केवल वाहनों की रफ्तार रोक रहे हैं, आएदिन हादसों की वजह भी बन रहे हैं। चाहे लखनऊ-दिल्ली हाईवे हो, लिपुलेख-भिंड हाईवे, पलिया-लखनऊ हाईवे, मुरादाबाद-फर्रुखाबाद और पुवायां-दातागंज स्टेट हाईवे, छुट्टा पशु हर जगह वाहन चालकों और राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं।
पुवायां कस्बे के आसपास हाईवे और अन्य मार्गों पर पशुओं के झुंड घूमते रहते हैं। शाहजहांपुर-पलिया हाईवे पर गांव धारा के पास, गांव करनापुर में गांव गंगसरा के पास, गोमती पुल के पास और सिल्हुआ मोड़ के पास छुट्टा पशु डेरा जमाए रहते हैं। गांवों में भी छुट्टा पशुओं की संख्या काफी अधिक होने से किसानों को दिन-रात फसल की रखवाली करनी पड़ती है।
जलालाबाद में बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे और उसके लिंक मार्ग पर हर वक्त छुट्टा पशु मंडराते रहते हैं। हाईवे पर अल्हागंज से मदनापुर के बीच कटिउली, बझेड़ा चौराहा, कोला मोड़, सराय साधौ मोड़, खाई खेड़ा चौराहा, अतिबरा मोड़ आदि कई ऐसे स्थान हैं, जहां पशुओं के झुंड हर समय दिखते हैं। कटिउली गांव के पास लगने वाले साप्ताहिक नखासे का खाली मैदान छुट्टा पशुओं की आरामगाह बना रहता है। गत वर्ष जनवरी में कटिउली गांव के पास कोहरे में अज्ञात वाहन से कुचल जाने से नौ पशुओं की मौत भी हो गई थी।
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हाईवे पर पूर्वी भक्सी तिराहा से नगरिया चौकी तक छुट्टा पशु बने जानलेवा
तिलहर। यातायात की दृष्टि से बेहद व्यस्त रहने वाले लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग का कोई भी हिस्सा छुट्टा पशुओं से अछूता नहीं है। पूर्वी भक्सी तिराहा से लेकर कछियानी खेड़ा के आगे नगरिया पुलिस चौकी तक छुट्टा पशु दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए जानलेवा बने हुए हुए हैं। पलिया-लखनऊ हाईवे पर लालबाग चौराहा से लेकर भट्ठा चौराहे के बीच तमाम पशु मंडराते रहते हैं। मीरानपुर कटरा में हाईवे के किनारे स्थित सब्जी मंडी में दिन भर थोक और फुटकर खरीदारी के बाद शाम को कारोबारी बाकी सब्जियों का कचरा वहीं डाल देते हैं। कचरे के ढेर में खाने की तलाश के लिए पशु हाईवे पर आ जाते हैं। जलालाबाद राज्यमार्ग के खैरपुर चौराहे पर मंगलवार को लगने वाली सब्जी के साप्ताहिक बाजार के कारण सब्जी खाने के लिए वहां भी पशु पहुंचकर हाईवे के यातायात में रुकावट बनते हैं। संवाद
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हाईवे पर अचानक पशुओं के सामने आने से हादसे होते हैं। इसके अलावा तेज रफ्तार बड़े वाहनों की टक्कर से कई गोवंशीय पशु घायल हो जाते हैं या उनकी मौत हो जाती है। गोशालाओं की स्थिति में सुधार किया जाना चाहिए।
- मनोज कश्यप, मोहल्ला हिंदू पट्टी, तिलहर
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दिन मे बस्ती के आसपास घूमते रहने वाले जानवरों से खासकर बच्चों पर हमलावर हो जाने का खतरा बना रहता है। रात में ये खेतों में फसलों का नुकसान करते हैं। तारबंदी व रखवाली के बाद भी मौका लगते ही फसल चौपट कर देते हैं।
- ओमकार वर्मा, कटरिया मंझरा, जलालाबाद
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जनप्रतिनिधियों ने उठाई मांग
राज्यसभा सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया ने राज्यसभा के शून्यकाल में छुट्टा पशुओं की समस्या को उठाया। उन्होंने सड़कों, खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे छुट्टा पशुओं की समस्या पर आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग की। ददरौल विधायक अरविंद सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में 14800 छुट्टा गोवंशीय पशु हैं। उनके प्रयास से पांच नई गोशालाओं के लिए स्वीकृति मिली है। लगातार अधिकारियों से कहा जा रहा है कि हाईवे से पशुओं को हटाया जाए। अधिकारी छुट्टा पशुओं का सही आंकड़ा पेश नहीं कर रहे हैं। जलालाबाद विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने कहा कि कई बार अधिकारियों से मौखिक रूप से गोवंशीय पशुओं से हो रही समस्या के निस्तारण के लिए कहा है। क्षेत्र में नई गोशालाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
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गोशाला में 18500 पशु, 8500 सहभागिता में दिए
जिले में 145 गोशालाएं संचालित की जा रहीं हैं। इनमें 18500 पशुओं को रखा गया है। इनके अलावा 8500 पशुओं को सहभागिता के तहत पशुपालकों को दिया गया है। पांच वृहद गोशालाएं निर्माणाधीन हैं।
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हाईवे से गोवंशीय पशुओं को हटाने के लिए निर्देश दिए गए थे। इस समस्या के निस्तारण के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को सख्ती से निर्देशित किया जाएगा। हाईवे पर छुट्टा पशु नजर नहीं आने चाहिए। बेसहारा पशुओं को गोशाला और नंदीशालाओं में भिजवाया जाएगा। नई स्वीकृत गोशालाओं का निर्माण होने से थोड़ी राहत मिलेगी।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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पुवायां कस्बे के आसपास हाईवे और अन्य मार्गों पर पशुओं के झुंड घूमते रहते हैं। शाहजहांपुर-पलिया हाईवे पर गांव धारा के पास, गांव करनापुर में गांव गंगसरा के पास, गोमती पुल के पास और सिल्हुआ मोड़ के पास छुट्टा पशु डेरा जमाए रहते हैं। गांवों में भी छुट्टा पशुओं की संख्या काफी अधिक होने से किसानों को दिन-रात फसल की रखवाली करनी पड़ती है।
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जलालाबाद में बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे और उसके लिंक मार्ग पर हर वक्त छुट्टा पशु मंडराते रहते हैं। हाईवे पर अल्हागंज से मदनापुर के बीच कटिउली, बझेड़ा चौराहा, कोला मोड़, सराय साधौ मोड़, खाई खेड़ा चौराहा, अतिबरा मोड़ आदि कई ऐसे स्थान हैं, जहां पशुओं के झुंड हर समय दिखते हैं। कटिउली गांव के पास लगने वाले साप्ताहिक नखासे का खाली मैदान छुट्टा पशुओं की आरामगाह बना रहता है। गत वर्ष जनवरी में कटिउली गांव के पास कोहरे में अज्ञात वाहन से कुचल जाने से नौ पशुओं की मौत भी हो गई थी।
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हाईवे पर पूर्वी भक्सी तिराहा से नगरिया चौकी तक छुट्टा पशु बने जानलेवा
तिलहर। यातायात की दृष्टि से बेहद व्यस्त रहने वाले लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग का कोई भी हिस्सा छुट्टा पशुओं से अछूता नहीं है। पूर्वी भक्सी तिराहा से लेकर कछियानी खेड़ा के आगे नगरिया पुलिस चौकी तक छुट्टा पशु दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए जानलेवा बने हुए हुए हैं। पलिया-लखनऊ हाईवे पर लालबाग चौराहा से लेकर भट्ठा चौराहे के बीच तमाम पशु मंडराते रहते हैं। मीरानपुर कटरा में हाईवे के किनारे स्थित सब्जी मंडी में दिन भर थोक और फुटकर खरीदारी के बाद शाम को कारोबारी बाकी सब्जियों का कचरा वहीं डाल देते हैं। कचरे के ढेर में खाने की तलाश के लिए पशु हाईवे पर आ जाते हैं। जलालाबाद राज्यमार्ग के खैरपुर चौराहे पर मंगलवार को लगने वाली सब्जी के साप्ताहिक बाजार के कारण सब्जी खाने के लिए वहां भी पशु पहुंचकर हाईवे के यातायात में रुकावट बनते हैं। संवाद
हाईवे पर अचानक पशुओं के सामने आने से हादसे होते हैं। इसके अलावा तेज रफ्तार बड़े वाहनों की टक्कर से कई गोवंशीय पशु घायल हो जाते हैं या उनकी मौत हो जाती है। गोशालाओं की स्थिति में सुधार किया जाना चाहिए।
- मनोज कश्यप, मोहल्ला हिंदू पट्टी, तिलहर
दिन मे बस्ती के आसपास घूमते रहने वाले जानवरों से खासकर बच्चों पर हमलावर हो जाने का खतरा बना रहता है। रात में ये खेतों में फसलों का नुकसान करते हैं। तारबंदी व रखवाली के बाद भी मौका लगते ही फसल चौपट कर देते हैं।
- ओमकार वर्मा, कटरिया मंझरा, जलालाबाद
जनप्रतिनिधियों ने उठाई मांग
राज्यसभा सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया ने राज्यसभा के शून्यकाल में छुट्टा पशुओं की समस्या को उठाया। उन्होंने सड़कों, खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे छुट्टा पशुओं की समस्या पर आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग की। ददरौल विधायक अरविंद सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में 14800 छुट्टा गोवंशीय पशु हैं। उनके प्रयास से पांच नई गोशालाओं के लिए स्वीकृति मिली है। लगातार अधिकारियों से कहा जा रहा है कि हाईवे से पशुओं को हटाया जाए। अधिकारी छुट्टा पशुओं का सही आंकड़ा पेश नहीं कर रहे हैं। जलालाबाद विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने कहा कि कई बार अधिकारियों से मौखिक रूप से गोवंशीय पशुओं से हो रही समस्या के निस्तारण के लिए कहा है। क्षेत्र में नई गोशालाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
गोशाला में 18500 पशु, 8500 सहभागिता में दिए
जिले में 145 गोशालाएं संचालित की जा रहीं हैं। इनमें 18500 पशुओं को रखा गया है। इनके अलावा 8500 पशुओं को सहभागिता के तहत पशुपालकों को दिया गया है। पांच वृहद गोशालाएं निर्माणाधीन हैं।
हाईवे से गोवंशीय पशुओं को हटाने के लिए निर्देश दिए गए थे। इस समस्या के निस्तारण के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को सख्ती से निर्देशित किया जाएगा। हाईवे पर छुट्टा पशु नजर नहीं आने चाहिए। बेसहारा पशुओं को गोशाला और नंदीशालाओं में भिजवाया जाएगा। नई स्वीकृत गोशालाओं का निर्माण होने से थोड़ी राहत मिलेगी।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम

मिर्जापुर क्षेत्र में फर्रुखाबाद मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर छुट्टा गोवंशीय पशु। संवाद

मिर्जापुर क्षेत्र में फर्रुखाबाद मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर छुट्टा गोवंशीय पशु। संवाद

मिर्जापुर क्षेत्र में फर्रुखाबाद मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर छुट्टा गोवंशीय पशु। संवाद

मिर्जापुर क्षेत्र में फर्रुखाबाद मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर छुट्टा गोवंशीय पशु। संवाद

मिर्जापुर क्षेत्र में फर्रुखाबाद मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर छुट्टा गोवंशीय पशु। संवाद