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Shahjahanpur News: समझौता वार्ता के बाद हसौआ से हटाई गईं मूर्तियां
Wed, 25 Sep 2024 04:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 25 Sep 2024 04:02 AM IST
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निगोही क्षेत्र के ग्राम हसौआ में ग्रामीणों से वार्ता करते अधिकारी। संवाद
शाहजहांपुर। बिना अनुमति के डाॅ. आंबेडकर और गौतम बुद्ध की प्रतिमाएं स्थापित करने को लेकर निगोही क्षेत्र के हसौआ गांव में ग्रामीणों और प्रशासन के बीच गत छह दिन से बना गतिरोध मंगलवार को समाप्त हुआ। दोनों पक्षों के बीच कुछ शर्तों के साथ समझौता हो गया है।
तिलहर के एसडीएम जीत सिंह राय, सीओ सदर प्रयांक जैन और शहबाजनगर के ग्राम प्रधान महेश गौतम की मध्यस्थता में हुई वार्ता में लिए गए निर्णय के अनुसार ग्रामीणों ने ग्राम समाज के चबूतरे से दोनों प्रतिमाएं अनुमति मिलने तक हटा लीं। हालांकि, गांव का कोई व्यक्ति प्रतिमाएं अपनी सुपुर्दगी में लेने के लिए तैयार नहीं हुआ। इस कारण उन्हें पुलिस ने निगोही थाना परिसर में रख लिया है। पूर्व में अधिकारियों के कई बार प्रयास के बावजूद ग्रामीण प्रतिमाएं हटाने को तैयार नहीं हो रहे थे। इस पर लेखपाल चंचल ने ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस ने पांच नामजद ग्रामीणों को गिरफ्तार किया, लेकिन प्रतिमाएं नहीं हटाई गईं।
ग्रामीणों को मनाने के लिए मंगलवार को शहबाजनगर के प्रधान महेश गौतम व उनके भाई रामेश्वर दयाल गौतम को साथ में लेकर एसडीएम, सीओ सदर और नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी दो थानों की पुलिस और राजस्व टीम के साथ दोपहर हसौआ पहुंचे। शाम तक कोई हल नहीं निकलने पर ग्रामीणों ने थाने की हवालात में बंद पांचों लोगों को गांव लाने की जिद पकड़ ली। जब थाने से ग्रामीणों को गांव लाया गया, गांव के लोग प्रधान मदन वर्मा को मौके पर बुलाने की ज़िद पर अड़ गए।
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प्रधान को भी मौके पर बुलाया गया। इस मौके पर ग्राम सभा की भूमि को आंबेडकर पार्क के नाम पट्टा कर देने का प्रधान की अध्यक्षता में प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद शाम सात बजे ग्रामीण मूर्तियां हटाने को राज़ी हुए। हालांकि, किसी भी ग्रामीण ने मूर्तियां हटाने में सहयोग नहीं किया। इस पर एसडीएम ने मजदूर बुलाकर मूर्तियां हटवाईं।
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तिलहर के एसडीएम जीत सिंह राय, सीओ सदर प्रयांक जैन और शहबाजनगर के ग्राम प्रधान महेश गौतम की मध्यस्थता में हुई वार्ता में लिए गए निर्णय के अनुसार ग्रामीणों ने ग्राम समाज के चबूतरे से दोनों प्रतिमाएं अनुमति मिलने तक हटा लीं। हालांकि, गांव का कोई व्यक्ति प्रतिमाएं अपनी सुपुर्दगी में लेने के लिए तैयार नहीं हुआ। इस कारण उन्हें पुलिस ने निगोही थाना परिसर में रख लिया है। पूर्व में अधिकारियों के कई बार प्रयास के बावजूद ग्रामीण प्रतिमाएं हटाने को तैयार नहीं हो रहे थे। इस पर लेखपाल चंचल ने ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस ने पांच नामजद ग्रामीणों को गिरफ्तार किया, लेकिन प्रतिमाएं नहीं हटाई गईं।
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ग्रामीणों को मनाने के लिए मंगलवार को शहबाजनगर के प्रधान महेश गौतम व उनके भाई रामेश्वर दयाल गौतम को साथ में लेकर एसडीएम, सीओ सदर और नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी दो थानों की पुलिस और राजस्व टीम के साथ दोपहर हसौआ पहुंचे। शाम तक कोई हल नहीं निकलने पर ग्रामीणों ने थाने की हवालात में बंद पांचों लोगों को गांव लाने की जिद पकड़ ली। जब थाने से ग्रामीणों को गांव लाया गया, गांव के लोग प्रधान मदन वर्मा को मौके पर बुलाने की ज़िद पर अड़ गए।
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प्रधान को भी मौके पर बुलाया गया। इस मौके पर ग्राम सभा की भूमि को आंबेडकर पार्क के नाम पट्टा कर देने का प्रधान की अध्यक्षता में प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद शाम सात बजे ग्रामीण मूर्तियां हटाने को राज़ी हुए। हालांकि, किसी भी ग्रामीण ने मूर्तियां हटाने में सहयोग नहीं किया। इस पर एसडीएम ने मजदूर बुलाकर मूर्तियां हटवाईं।