{"_id":"57ac7d234f1c1b7102ee5026","slug":"state-workers-deamand-for-government-order","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य कर्मचारियों ने स्वीकृत मांगों पर मांगा शासनादेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य कर्मचारियों ने स्वीकृत मांगों पर मांगा शासनादेश
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Thu, 11 Aug 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
राज्यय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय आह्वान पर परिषद के घटक संगठनों से जुड़े विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी राजकाज से खुद को अलग रखते हुए हड़ताल जारी रखी। इस कारण कोषागार, उप निबंधक कार्यालय, एआरटीओ ऑफिस, आरईएस, डीआरडीए आदि विभागों में तमाम पटल सूने पड़े रहे। जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों में सुबह तीन घंटे तक स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं। इस बीच, कलक्ट्रेट में धरना स्थल पर हुई सभा में कर्मचारी नेताओं ने उन सभी मांगों पर तत्काल शासनादेश जारी करने की मांग दोहराई, जिन पर उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद शासन स्तर से लिखित सहमति बन चुकी है।
इस अवसर पर परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि सरकार ने उच्च न्यायालय में शपथ पत्र देकर राजस्व संग्रह अमीन संघ और लिपिक संवर्ग की कई मांगों समेत राज्यकर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का आश्वासन दिया, लेकिन शासनादेश जारी नहीं करके कर्मचारियों को धोखा दे रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का आक्रोश शांत करने के साथ हड़ताल समाप्त कराने के लिए सरकार को राजाज्ञा जल्द जारी करनी चाहिए।
जिला मंत्री अमित कुमार सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के लिए हमेशा वित्तीय संकट का रोना रोने वाली सरकार सरकार अपने विधायकों और माननीयों के वेतन-भत्तों में बढ़ोत्तरी करने में कोई संकोच नहीं करती। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र सक्सेना ने मांगों पर एकजुटता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार के अड़ियल रुख को देखते कर्मचारी बेमियादी हड़ताल को तैयार रहें। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री देवेश वाजपेयी ने संगठन की ओर से हड़ताल को पूर्ण समर्थन घोषित किया।
विज्ञापन
धरना और सभा में संघर्ष समिति के चेयरमैन ओमकार नाथ शुक्ला, राज सिंह, मोहम्मद रहमान, सोमपाल सिंह, रामप्रताप सिंह, पीके अगिभनहोत्री, अम्बरीष कुमार शुक्ला, मनोज द्विवेदी, भोलानाथ सक्सेना, अभिषेक वाजपेयी, सुभाष चंद्र शुक्ला, शशिमाला राठौर, रामऔतार शर्मा, संजीव सक्सेना, सीमांत मिश्रा, चंद्र पाल, दिलीप कपूर, जयश्री मौर्य, आरपी गंगवार, नीरजा मिश्रा, प्रशांत बाबू, ऋतु सक्सेना, अर्चना पाल, अशर्फी लाल, भूप सिंह आदि शामिल रहे।
दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे कर्मचारी
पुवायां। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी तमाम कर्मचारी हड़ताल पर रहे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पुवायां इकाई के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह यादव ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को मान कर शासनादेश जारी नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारी किसी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। इस दौरान तमाम कर्मचारियों ने तहसील परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विज्ञापन
इस अवसर पर परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि सरकार ने उच्च न्यायालय में शपथ पत्र देकर राजस्व संग्रह अमीन संघ और लिपिक संवर्ग की कई मांगों समेत राज्यकर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का आश्वासन दिया, लेकिन शासनादेश जारी नहीं करके कर्मचारियों को धोखा दे रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का आक्रोश शांत करने के साथ हड़ताल समाप्त कराने के लिए सरकार को राजाज्ञा जल्द जारी करनी चाहिए।
विज्ञापन
जिला मंत्री अमित कुमार सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के लिए हमेशा वित्तीय संकट का रोना रोने वाली सरकार सरकार अपने विधायकों और माननीयों के वेतन-भत्तों में बढ़ोत्तरी करने में कोई संकोच नहीं करती। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र सक्सेना ने मांगों पर एकजुटता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार के अड़ियल रुख को देखते कर्मचारी बेमियादी हड़ताल को तैयार रहें। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री देवेश वाजपेयी ने संगठन की ओर से हड़ताल को पूर्ण समर्थन घोषित किया।
विज्ञापन
धरना और सभा में संघर्ष समिति के चेयरमैन ओमकार नाथ शुक्ला, राज सिंह, मोहम्मद रहमान, सोमपाल सिंह, रामप्रताप सिंह, पीके अगिभनहोत्री, अम्बरीष कुमार शुक्ला, मनोज द्विवेदी, भोलानाथ सक्सेना, अभिषेक वाजपेयी, सुभाष चंद्र शुक्ला, शशिमाला राठौर, रामऔतार शर्मा, संजीव सक्सेना, सीमांत मिश्रा, चंद्र पाल, दिलीप कपूर, जयश्री मौर्य, आरपी गंगवार, नीरजा मिश्रा, प्रशांत बाबू, ऋतु सक्सेना, अर्चना पाल, अशर्फी लाल, भूप सिंह आदि शामिल रहे।
दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे कर्मचारी
पुवायां। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी तमाम कर्मचारी हड़ताल पर रहे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पुवायां इकाई के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह यादव ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को मान कर शासनादेश जारी नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारी किसी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। इस दौरान तमाम कर्मचारियों ने तहसील परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।