{"_id":"6867d3d78e1c8c323e02bdac","slug":"son-sentenced-to-seven-years-in-prison-for-hitting-father-on-the-head-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1036-147343-2025-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: पिता के सिर पर बांका मारने वाले बेटे को सात वर्ष के कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: पिता के सिर पर बांका मारने वाले बेटे को सात वर्ष के कारावास की सजा
विज्ञापन
शाहजहांपुर। पिता पर बांके से हमला करने के दोषी बेटे को अदालत ने सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
जागेश्वर ने बंडा थाने में आठ जनवरी 2022 को सूचना दी कि सात जनवरी को उसकी बुआ गेंदा ने उसे बताया था कि उसके पिता रामपाल को अज्ञात व्यक्तियों ने बांका मारकर घायल कर दिया है। वह और उसके भाई मौके पर गए तो देखा कि पिता का सिर बुरी तरह से फट गया था। पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जागेश्वर ने पुलिस को बताया कि उसके पिता सत्यपाल, भाई सत्यशील और दादी धनमती झाले में रहते थे। पिता और भाई में अक्सर विवाद होता रहता था। सात जनवरी 2022 की शाम को दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद सत्यशील ने पिता के ऊपर डराने की नीयत से बांके का वार किया जो धोखे से उनके सिर पर लग गया।
भाई को पिता को मारने का कोई उद्देश्य नहीं था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर सत्यशील के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश नेहा आनंद ने सत्यशील को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
जागेश्वर ने बंडा थाने में आठ जनवरी 2022 को सूचना दी कि सात जनवरी को उसकी बुआ गेंदा ने उसे बताया था कि उसके पिता रामपाल को अज्ञात व्यक्तियों ने बांका मारकर घायल कर दिया है। वह और उसके भाई मौके पर गए तो देखा कि पिता का सिर बुरी तरह से फट गया था। पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जागेश्वर ने पुलिस को बताया कि उसके पिता सत्यपाल, भाई सत्यशील और दादी धनमती झाले में रहते थे। पिता और भाई में अक्सर विवाद होता रहता था। सात जनवरी 2022 की शाम को दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद सत्यशील ने पिता के ऊपर डराने की नीयत से बांके का वार किया जो धोखे से उनके सिर पर लग गया।
विज्ञापन
भाई को पिता को मारने का कोई उद्देश्य नहीं था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर सत्यशील के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश नेहा आनंद ने सत्यशील को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन