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‘ऐसे तो अस्पताल आने वालों को ही हो जाएगा डेंगू’

Tue, 01 Nov 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो खुटार।
अमर उजाला ब्यूरो खुटार। Updated Tue, 01 Nov 2016 11:27 PM IST
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"So that will be coming to the hospital only to those dengue '
dengue - फोटो : अमर उजाला
खुटार पीएचसी पर गंदगी देखकर खफा हुए एसडीएम
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कई कर्मचारी मिले गैरहाजिर, कार्रवाई के दिए निर्देश

 एसडीएम जयपाल सिंह ने मंगलवार को खुटार के सरकारी अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में गंदगी और अव्यवस्था देखकर एसडीएम खफा हो गए। बोले, ऐसे में तो  यहां आने वालों को ही डेंगू हो जाएगा। 
एसडीएम मंगलवार को अचानक पीएचसी पहुंचे। उपस्थित रजिस्टर चेक किया तो फार्मासिस्ट संजीव कुमार, कर्मचारी मोहम्मद जावेद, गीता जायसी और नवलकिशोर गायब मिले। प्रभारी डॉ. संजीव भी मौके पर नहीं मिले, लेकिन वह कुछ देर बाद अस्पताल पहुंच गए। इसके अलावा डॉ. पीडी त्रिपाठी भी अनुपस्थित मिले। एसडीएम ने वार्ड खुलवाया तो वहां गंदगी देखकर उनका पारा चढ़ गया। वार्ड में बेड आदि भी अस्तव्यस्त मिले। एसडीएम ने प्रभारी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि इस वार्ड में रोगी कैसे भर्ती किए जाते होंगे।
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प्रसव केंद्र पर भी गंदगी मिली। यहां भर्ती महिलाओं ने बताया कि उनको खाने के नाम पर कुछ भी नहीं दिया गया है। एसडीएम ने कहा कि व्यवस्थाएं सही नहीं होने पर कार्रवाई कराई जाएगी। दवा लेने आए रोगियों ने भी अस्पताल स्टाफ की शिकायत की। अस्पताल में व्याप्त गंदगी और अव्यवस्था से खफा एसडीएम ने नगर पंचायत अध्यक्ष गुड्डी देवी के पति लक्ष्मण गुप्ता को भी मौके पर बुलाया और नगर में सफाई व्यव्स्ाि दुरूस्त कराने के साथ ही फॉगिंग कराने को कहा। 
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लोग बुखार से मर रहे हैं, प्रभारी अस्पताल में नहीं रहते
खुटार। एसडीएम के अस्पताल का निरीक्षण करने की जानकारी पाकर पूर्व ब्लाक प्रमुख मनोज त्रिवेदी और प्रधान संगठन के पदाधिकारी मुनीश तिवारी भी अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने एसडीएम को बताया कि नगर और देहात क्षेत्र में बुखार से प्रकोप से अक्तूबर में आठ मौतें हो चुकी हैं। सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं, लेकिन अस्पताल के प्रभारी डॉ. संजीव कुमार शाम होते ही अपने घर गोला चले जाते हैं। कई बार तो ऐसी स्थित होती है कि अस्पताल में रात में एक भी डॉक्टर नहीं मिलता। मेडिकल आदि कराने वालों को भी समस्या का सामना करना पड़ता है।  सीएमओ भी प्रभारी से अस्पताल में निवास करने को नहीं कहते हैं, जबकि नियमानुसार प्रभारी को अस्पताल परिसर में बने आवास में रहना चाहिए। एसडीएम ने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
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