Exclusive: शाहजहांपुर में एक परिवार के सभी लोगों की त्वचा का रंग पड़ रहा काला, बीमारी से किशोरी की मौत
पुवायां क्षेत्र में एक परिवार गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। इस बीमारी के कारण परिवार के सभी सदस्यों की त्वचा का रंग काला पड़ रहा है। 16 जनवरी की रात बीमारी से पीड़ित लड़की की मौत भी हो गई। एक युवक की हालत गंँभीर है। बीमारी को लेकर परिवार के लोग डरे हुए हैं।
विस्तार
शाहजहांपुर के पुवायां क्षेत्र के बड़ागांव में एक परिवार गंभीर बीमारी से पीड़ित है। परिवार के सभी सदस्यों की त्वचा का रंग काला पड़ता जा रहा है। इलाज के बाद भी किसी को लाभ नहीं हो रहा है। मंगलवार रात परिवार की एक किशोरी की मौत हो गई। एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार परिवार के संपर्क में है, लेकिन अब तक बीमारी के बारे में पता नहीं लगा सकी है। परिवार के सदस्यों का अब जिला अस्पताल में परीक्षण कराया जाएगा।
बड़ागांव के 50 वर्षीय सियाराम और उनके परिवार के लोग मेहनत-मजदूरी करते हैं। छह माह पूर्व सियाराम के पुत्र श्रीपाल को शरीर में खुजली महसूस हुई। इसके बाद त्वचा का रंग काला पड़ने लगा। श्रीपाल ने पहले गांव में ही इलाज कराया। लाभ न होने पर शाहजहांपुर के निजी डॉक्टर से इलाज शुरू कराया, लेकिन कालापन बढ़ता गया। इसके बाद बीमारी ने सियाराम, उनकी पत्नी गुड्डी देवी, श्रीपाल की पत्नी देवरानी, पुत्र अनुज, पुत्री रीमा, भाई अवधेश बहन सीमा देवी को भी चपेट में ले लिया। सभी का शाहजहांपुर के निजी डॉक्टर से इलाज चल रहा है।
बीमारी से दहशत में परिवार के लोग
श्रीपाल की 17 वर्षीय बहन शिवरानी की 16 जनवरी की रात मौत हो गई। इससे परिवार के लोग बीमारी से दहशत में हैं। उनका मानना है कि शिवरानी की मौत त्वचा काली पड़ने की बीमारी से ही हुई है। जानकारी पाकर मंगलवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार टीम के साथ सियाराम के घर पहुंचे और जानकारी ली। बुधवार को भी डॉक्टरों की टीम ने गांव पहुंचकर परिवार के लोगों से बीमारी का हाल जाना। डॉक्टर अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। सीएचसी अधीक्षक ने परिवार के लोगों को पूर्ण रूप से उपचार का आश्वासन दिया है। अधीक्षक ने कहा कि पीड़ितों की जांच कराई जाएगी, ताकि इस बीमारी और उसके कारण का पता चल सके।
इस तरह की हो रही परेशानी
श्रीपाल ने बताया कि उन लोगों के शरीर में पहले दाने निकलते हैं। बाद में फफोले पड़ जाते हैं। इसके बाद शरीर में सूजन आने लगती है। हाथ, पैर चलना मुश्किल हो जाते हैं। कमजोरी लगने लगती है। नसों में खिंचाव महसूस होता है। आंखों से पानी आने लगता है। शरीर सूख गया है। खड़े रहने तक में दिक्कत हो रही है। श्रीपाल के अनुसार उनकी बहन शिवरानी की मौत इसी बीमारी से हुई है। भाई अवधेश को शाहजहांपुर के निजी अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के संपर्क में आने के बाद अवधेश को घर लाया गया है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल ले जाया जाएगा। उनकी हालत गंभीर है।
छह महीने से चल रहा इलाज, आर्थिक स्थिति बिगड़ी
सियाराम के पास ढाई बीघा जमीन है। बड़ा परिवार होने के कारण परिवार के सदस्य मेहनत, मजदूरी कर गुजर करते हैं। श्रीपाल चाट का ठेला लगाते हैं। श्रीपाल के अनुसार छह महीने से इलाज चल रहे होने के कारण परिवार आर्थिक संकट में घिर गया है। परिवार के लोग पैसे-पैसे को मोहताज हैं और अब इलाज कराने में असमर्थ हैं। श्रीपाल ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनकी बात का संज्ञान लेकर इलाज कराएं।
सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने बताया कि बड़ागांव के परिवार के जितने भी सदस्य बीमारी से ग्रसित हैं, सभी को पुवायां के सीएचसी अधीक्षक बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल लाएंगे। सीएमएस को निर्देशित किया है कि सभी की समुचित जांच और उपचार कराया जाएगा। त्वचा रोग से मौत नहीं लग रही है। जांच में ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।