फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Six tonnes per hectare yield of sugarcane grown in ten years

दस साल में छह टन प्रति हेक्टेयर बढ़ी गन्ना की उपज

Sat, 08 Oct 2016 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर। Updated Sat, 08 Oct 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
Six tonnes per hectare yield of sugarcane grown in ten years
गन्ना - फोटो : अमर उजाला
उप्र गन्ना शोध परिषद के उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव ने गन्ना वैज्ञानिकों के साथ की बैठक
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में  गन्ना की औसत 66 टन प्रति हेक्टेयर से ऊपर पहुंच गई है। दस साल पहले उपज 60 टन प्रति हेक्टेयर से भी कम थी। वर्ष 1912 में शाहजहांपुर में जब उप्र गन्ना शोध परिषद की स्थापना हुई तब औसत गन्ना उपज महज 18 टन प्रति हेक्टेयर थी। यह जानकारी परिषद के उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष, आजमगढ़ के पूर्व सांसद रामकृष्ण यादव ने शुक्रवार को गन्ना वैज्ञानिकों की बैठक में दी। 
उन्होंने कहा कि उन्नत किस्म की गन्ना प्रजातियों के विकास और उसकी खेती के चलते अब चीनी का परता 10 फीसदी से ऊपर पहुंच गया है। कुछ साल पहले यह आठ से नौ फीसदी तक था। गन्ना एवं चीनी उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रदेश के 40 लाख गन्ना किसान 117 चीनी मिलों को अपना गन्ना बेचते हैं। गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति में भी लगातार सुधार हुआ है। उन्होंने परिषद के वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि शोध की गति निरंतर बनी रहे ताकि गन्ने की उपज और चीनी परता की दर में लगातार सुधार होता रहे। 
विज्ञापन

पूर्व सांसद ने कहा कि यह संस्थान वैज्ञानिकों की कमी से जूझ रहा है। इसके लिए उन्होंने शासन स्तर पर प्रयास करके 19 वैज्ञानिकों की नियुक्ति कराई थी। उन्हीं वैज्ञानिकों के  शोध और परीक्षण का लाभकारी असर गन्ने की खेती में दिखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गन्ना शोध परिषद के निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने उपाध्यक्ष का स्वागत किया और परिषद के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की ओर से उनका आभार प्रकट किया। इस दौरान संयुक्त निदेशक डॉ. अतुल सिंह, डॉ. केपी पांडेय, डॉ. सुभाष सिंह, डॉ. अनेग सिंह, डॉ. विनय श्रीवास्तव, डॉ. प्रताप सिंह, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. संजीव पाठक, डॉ. श्रीप्रकाश यादव, डॉ. अरविंद, डॉ. सुनील विश्वकर्मा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed