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चौक के सर्राफा मार्केट में सन्नाटा, सदर बाजार रहा गुलजार
शाहजहांपुर
Updated Fri, 17 Apr 2015 11:37 PM IST
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एक लाख रुपये और इससे अधिक मूल्य के जेवरातों की खरीद-फरोख्त पर केंद्र सरकार द्वारा पैन कार्ड की अनिवार्यता लागू करने के विरोध में चौक सर्राफा एसोसिएशन द्वारा शुक्रवार को शहर में आहूत बाजार बंदी का मिला-जुला असर रहा। बंदी के आयोजकों के गढ़ चौक के सर्राफा मार्केट में सन्नाटा रहा तो सदर बाजार और जलालनगर के आभूषण प्रतिष्ठान रोजाना की तरह ग्राहकों से गुलजार रहे। इस बीच, चौक चौराहे पर वहां के सर्राफा व्यवसाइयों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और सांसद कृष्णा राज को ज्ञापन देकर वित्त मंत्री से व्यापार विरोधी निर्णय वापस कराने की मांग की।
चौक सर्राफा बाजार को मिला बंदी दिवस का लाभ
शुक्रवार को चौक क्षेत्र में पहले से बंदी दिवस लागू होने के कारण सरकार विरोधी बाजार बंदी को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिला। इसलिए वहां के सर्राफा व्यवसायी सुबह से रिलैक्स मूड में दिखे। दोपहर को चौक सर्राफा एसोसिएशन अध्यक्ष जवाहर रस्तोगी और महामंत्री राजीव खन्ना के नेतृत्व में वहां के आभूषण व्यवसायी मार्केट के चौराहे पर पहुंचे और केंद्र सरकार विरोधी नारेबाजी की। इस मौके पर सांसद को दिए ज्ञापन में केंद्र सरकार के फैसले को जन विरोधी बताते हुए कहा गया कि सरकार के इस फैसले से जेवरों की बिक्री-खरीद के व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। प्रदर्शन में राजीव सिंह, रामजी टंडन, अरविंद रस्तोगी, शरद मेहरोत्रा, शेखर रस्तोगी, ओम बाबू, शिवमोहन टंडन, एएस सेठ आदि शामिल रहे।
सदर में चूड़ी वाली गली तक सीमित रही बंदी
सदर बाजार के आभूषण प्रतिष्ठानों पर रोजाना की तरह रौनक रही। दरअसल, सदर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मुन्ना लाल चंदेल और महामंत्री विनोद सर्राफ से चौक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कोई सहयोग नहीं मांगा। दोनों पदाधिकारियों के अनुसार उन्हें प्रांतीय नेतृत्व से भी बाजार बंद रखने के बारे में कोई दिशा निर्देश नहीं मिले। अपवाद के तौर पर बंदी को समर्थन देने वाले अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सतीश सर्राफ के प्रभाव क्षेत्र में शामिल चूड़ी वाली गली में आभूषणों की कुछ दुकानें बंद रहीं।
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जलालनगर में रोजाना की तरह हुआ कारोबार
जलालनगर की सर्राफा मार्केट भी बाजार बंदी से पूरी तरह अछूती रही। बता दें कि जलालनगर की सर्राफा यूनियन सदर इकई से संबद्घ होने के कारण वहां रोजाना की तरह जेवरों की खरीद-बिक्री और गिरवीं गांठ का काम हुआ। जलालनगर सर्राफा इकाई के अध्यक्ष पंकज वर्मा सर्राफ के मुताबिक चौक सर्राफा यूनियन ने बंदी दिवस के दिन बाजार बंदी करके अपनी पीठ खुद थपथपाने का काम किया। जलालनगर इकाई के महामंत्री जितेंद्र रस्तोगी और कोषाध्यक्ष विनोद वर्मा ने बाजार का भ्रमण करके क्षेत्र के सर्राफा व्यापारियों से संपर्क किया और उन्हें कारोबार के लिए बेखौफ माहौल उपलब्ध कराया।
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चौक सर्राफा बाजार को मिला बंदी दिवस का लाभ
शुक्रवार को चौक क्षेत्र में पहले से बंदी दिवस लागू होने के कारण सरकार विरोधी बाजार बंदी को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिला। इसलिए वहां के सर्राफा व्यवसायी सुबह से रिलैक्स मूड में दिखे। दोपहर को चौक सर्राफा एसोसिएशन अध्यक्ष जवाहर रस्तोगी और महामंत्री राजीव खन्ना के नेतृत्व में वहां के आभूषण व्यवसायी मार्केट के चौराहे पर पहुंचे और केंद्र सरकार विरोधी नारेबाजी की। इस मौके पर सांसद को दिए ज्ञापन में केंद्र सरकार के फैसले को जन विरोधी बताते हुए कहा गया कि सरकार के इस फैसले से जेवरों की बिक्री-खरीद के व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। प्रदर्शन में राजीव सिंह, रामजी टंडन, अरविंद रस्तोगी, शरद मेहरोत्रा, शेखर रस्तोगी, ओम बाबू, शिवमोहन टंडन, एएस सेठ आदि शामिल रहे।
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सदर में चूड़ी वाली गली तक सीमित रही बंदी
सदर बाजार के आभूषण प्रतिष्ठानों पर रोजाना की तरह रौनक रही। दरअसल, सदर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मुन्ना लाल चंदेल और महामंत्री विनोद सर्राफ से चौक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कोई सहयोग नहीं मांगा। दोनों पदाधिकारियों के अनुसार उन्हें प्रांतीय नेतृत्व से भी बाजार बंद रखने के बारे में कोई दिशा निर्देश नहीं मिले। अपवाद के तौर पर बंदी को समर्थन देने वाले अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सतीश सर्राफ के प्रभाव क्षेत्र में शामिल चूड़ी वाली गली में आभूषणों की कुछ दुकानें बंद रहीं।
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जलालनगर में रोजाना की तरह हुआ कारोबार
जलालनगर की सर्राफा मार्केट भी बाजार बंदी से पूरी तरह अछूती रही। बता दें कि जलालनगर की सर्राफा यूनियन सदर इकई से संबद्घ होने के कारण वहां रोजाना की तरह जेवरों की खरीद-बिक्री और गिरवीं गांठ का काम हुआ। जलालनगर सर्राफा इकाई के अध्यक्ष पंकज वर्मा सर्राफ के मुताबिक चौक सर्राफा यूनियन ने बंदी दिवस के दिन बाजार बंदी करके अपनी पीठ खुद थपथपाने का काम किया। जलालनगर इकाई के महामंत्री जितेंद्र रस्तोगी और कोषाध्यक्ष विनोद वर्मा ने बाजार का भ्रमण करके क्षेत्र के सर्राफा व्यापारियों से संपर्क किया और उन्हें कारोबार के लिए बेखौफ माहौल उपलब्ध कराया।