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श्रीमद्भागवत कथा : श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया
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पुवायां में कथा सुनाते आचार्य रासबिहारी कौशिक। संवाद
पुवायां। जसवंत पैलेस में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चाैथे दिन आचार्य रासबिहारी कौशिक ने श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया। आचार्य ने कहा कि जब पृथ्वी पापियों का बोझ सहन नहीं कर पा रही थी, तब सभी देवता ब्रह्माजी व शिवजी के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने पहुंचे। भगवान विष्णु ने देवताओं से कहा कि वह वासुदेव और देवकी के घर कृष्ण के रूप में जन्म लेंगे।
कंस के अत्याचारों से लोग परेशान हो उठे। कंस ने बहन देवकी और बहनोई वासुदेव को भी कारागार में डाल दिया। तब भगवान कारागृह में प्रकट हुए। उस समय कारागृह के ताले टूट गए और दरवाजे खुल गए। बाद में वासुदेव ने श्रीकृष्ण को नंदबाबा के यहां पहुंचा दिया।
इसके बाद भगवान कृष्ण ने राक्षसों का वध कर धरा का बोझ हर लिया। महाभारत के समय उन्होंने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। कथा के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। 21 नवंबर को कथा को विश्राम दिया जाएगा। आयोजन में जसवंत सिंह, जसप्रीत सिंह सहित कई लोगों का योगदान रहा।
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श्रद्धा और उल्लास से हुआ श्री श्याम संकीर्तन
रोजा। आदर्श नगर कॉलोनी के एक बरातघर परिसर में रविवार की रात श्री खाटू श्याम मित्र मंडल की ओर से श्री श्याम संकीर्तन का आयोजन श्रद्धा और उल्लास से किया गया। भजन गायक कपिल बाबरा ने गणेशजी और मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। इसके साथ ही बाबा श्याम के भजनों का सिलसिला शुरू हुआ। कानपुर से आई भजन गायिका रुचि किंकर, रोहित हलचल, शुभी सरगम आदि कलाकारों ने भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। अंत में बाबा श्याम की आरती कर प्रसाद बांटा गया। व्यवस्था में अमित गुप्ता, रंजीत कुमार, नीरज गुप्ता, विवेक कुमार, अमन गुप्ता, राजीव गुप्ता आदि का सहयोग रहा। संवाद
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रासलीला में भगवान श्रीकृष्ण के मयूर नृत्य ने मोह लिया मन
कुर्रियाकलां। भमौली गांव में आयोजित रासलीला में वृंदावन धाम से आए कलाकारों ने सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण के हाथों कंस के वध का मंचन किया। इस बीच भगवान श्रीकृष्ण के वेश में सजे कलाकार ने मयूर नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालु दर्शकों का मन मोह लिया। अंत में जिला पंचायत के पूर्व सदस्य नीरज मिश्रा ने श्रीराधा-कृष्ण की आरती उतारी और कलाकारों को फूलमालाएं पहनाने के साथ अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। व्यवस्था में चमन शुक्ला, कमलेश वर्मा, प्रदीप शुक्ला, रामसागर कश्यप, मृदुल शुक्ला आदि का सहयोग रहा। संवाद
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कंस के अत्याचारों से लोग परेशान हो उठे। कंस ने बहन देवकी और बहनोई वासुदेव को भी कारागार में डाल दिया। तब भगवान कारागृह में प्रकट हुए। उस समय कारागृह के ताले टूट गए और दरवाजे खुल गए। बाद में वासुदेव ने श्रीकृष्ण को नंदबाबा के यहां पहुंचा दिया।
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इसके बाद भगवान कृष्ण ने राक्षसों का वध कर धरा का बोझ हर लिया। महाभारत के समय उन्होंने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। कथा के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। 21 नवंबर को कथा को विश्राम दिया जाएगा। आयोजन में जसवंत सिंह, जसप्रीत सिंह सहित कई लोगों का योगदान रहा।
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श्रद्धा और उल्लास से हुआ श्री श्याम संकीर्तन
रोजा। आदर्श नगर कॉलोनी के एक बरातघर परिसर में रविवार की रात श्री खाटू श्याम मित्र मंडल की ओर से श्री श्याम संकीर्तन का आयोजन श्रद्धा और उल्लास से किया गया। भजन गायक कपिल बाबरा ने गणेशजी और मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। इसके साथ ही बाबा श्याम के भजनों का सिलसिला शुरू हुआ। कानपुर से आई भजन गायिका रुचि किंकर, रोहित हलचल, शुभी सरगम आदि कलाकारों ने भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। अंत में बाबा श्याम की आरती कर प्रसाद बांटा गया। व्यवस्था में अमित गुप्ता, रंजीत कुमार, नीरज गुप्ता, विवेक कुमार, अमन गुप्ता, राजीव गुप्ता आदि का सहयोग रहा। संवाद
रासलीला में भगवान श्रीकृष्ण के मयूर नृत्य ने मोह लिया मन
कुर्रियाकलां। भमौली गांव में आयोजित रासलीला में वृंदावन धाम से आए कलाकारों ने सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण के हाथों कंस के वध का मंचन किया। इस बीच भगवान श्रीकृष्ण के वेश में सजे कलाकार ने मयूर नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालु दर्शकों का मन मोह लिया। अंत में जिला पंचायत के पूर्व सदस्य नीरज मिश्रा ने श्रीराधा-कृष्ण की आरती उतारी और कलाकारों को फूलमालाएं पहनाने के साथ अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। व्यवस्था में चमन शुक्ला, कमलेश वर्मा, प्रदीप शुक्ला, रामसागर कश्यप, मृदुल शुक्ला आदि का सहयोग रहा। संवाद

पुवायां में कथा सुनाते आचार्य रासबिहारी कौशिक। संवाद

पुवायां में कथा सुनाते आचार्य रासबिहारी कौशिक। संवाद