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चकबंदी प्रक्रिया में खामियों को लेकर भड़के ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Thu, 24 Nov 2016 11:33 PM IST
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जांच कराए जाने की मांग
- फोटो : अमर उजाला
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कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया, ढाई दशक पहले हुई चकबंदी से संतुष्ट हैं किसान
सदर तहसील के गांव रामपुर अजीजगंज में चकबंदी प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी किए जाने पर ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया। बाद में एसडीएम सदर के नाम ज्ञापन देकर चकबंदी प्रक्रिया रोककर जांच कराए जाने की मांग की।
धरना- प्रदर्शन में शामिल रामसनेही, लेखराम, दशरथ लाल, रघुवीर, अनिरुद्ध, जेबराम आदि ने बताया कि गांव में 25 साल पहले चकबंदी हो चुकी है। ग्रामीणों के मौजूदा खेत मौके पर बिल्कुल सही हैं। अधिकांश लोगों के पास थोड़ी जमीन है और वे स्वयं खेती करते हैं। जमीन को लेकर विवाद भी थम चुके हैं, लेकिन दोबारा चकबंदी कराए जाने पर गांव में वाद- विवाद और झगड़ा होने की आशंका बढ़ जाएगी। ग्रामीण डीएम राम गणेश से अपनी बात कहने जिला मुख्यालय तक आए, लेकिन उनसे भेंट नहीं हो सकी। बाद में एसडीएम के नाम ज्ञापन देकर शांति व्यवस्था बनाए रखने को चकबंदी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाए जाने की मांग की। इस मौके पर अनूप कुमार, अहिबरन लाल, रामसरन, रामभरोसे, राजाराम, करमजीत, रामसनेही वर्मा, नन्हें अली, सुबोध कुमार आदि शामिल रहे।
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सदर तहसील के गांव रामपुर अजीजगंज में चकबंदी प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी किए जाने पर ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया। बाद में एसडीएम सदर के नाम ज्ञापन देकर चकबंदी प्रक्रिया रोककर जांच कराए जाने की मांग की।
धरना- प्रदर्शन में शामिल रामसनेही, लेखराम, दशरथ लाल, रघुवीर, अनिरुद्ध, जेबराम आदि ने बताया कि गांव में 25 साल पहले चकबंदी हो चुकी है। ग्रामीणों के मौजूदा खेत मौके पर बिल्कुल सही हैं। अधिकांश लोगों के पास थोड़ी जमीन है और वे स्वयं खेती करते हैं। जमीन को लेकर विवाद भी थम चुके हैं, लेकिन दोबारा चकबंदी कराए जाने पर गांव में वाद- विवाद और झगड़ा होने की आशंका बढ़ जाएगी। ग्रामीण डीएम राम गणेश से अपनी बात कहने जिला मुख्यालय तक आए, लेकिन उनसे भेंट नहीं हो सकी। बाद में एसडीएम के नाम ज्ञापन देकर शांति व्यवस्था बनाए रखने को चकबंदी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाए जाने की मांग की। इस मौके पर अनूप कुमार, अहिबरन लाल, रामसरन, रामभरोसे, राजाराम, करमजीत, रामसनेही वर्मा, नन्हें अली, सुबोध कुमार आदि शामिल रहे।
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