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शाहजहांपुर : भाजपा में जाएंगे शरदवीर, बोले- सपा प्रत्याशी को हराने में झोंकेंगे ताकत
Thu, 20 Jan 2022 02:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 20 Jan 2022 02:06 AM IST
सार
कल लखनऊ में भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं शरदवीर। उनका कहना कि वह चुनाव लड़ने की बजाय अपने समर्थकों के साथ सपा का खेल बिगाड़ने के लिए मैदान में उतर सकते हैं।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सपा से त्यागपत्र देने वाले जलालाबाद से विधायक शरदवीर सिंह जल्द ही भाजपा का दामन थामेंगे। उनका कहना कि वह चुनाव लड़ने की बजाय अपने समर्थकों के साथ सपा का खेल बिगाड़ने के लिए मैदान में उतर सकते हैं। बताया जा रहा है कि वह भाजपा के नेताओं के संपर्क में हैं और जल्द ही नई पार्टी में शामिल होंगे।
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समाजवादी पार्टी ने जलालाबाद से तीन बार विधायक रहे शरदवीर का टिकट काटकर स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ भाजपा से आने वाले पूर्व विधायक नीरज मौर्य को प्रत्याशी बनाया है। पार्टी के निर्णय से नाराज शरदवीर सिंह ने मंगलवार शाम राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र भेजकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद लोग शरदवीर सिंह के अगले कदम का इंतजार कर रहे थे।
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करीबियों के मुताबिक समर्थकों से राय मशवरे के बाद अब शरदवीर भाजपा में जाने का निर्णय ले चुके हैं। वह शुक्रवार को लखनऊ जाकर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। शरदवीर सिंह ने बताया कि वह भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह किसी शर्त के साथ भाजपा में शामिल नहीं होंगे। चुनाव लड़ने के बजाय वह अपनी ताकत सपा प्रत्याशी को हरवाने में लगाएंगे।
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जलालाबाद में बनेंगे नए समीकरण
विधायक शरदवीर सिंह के भाजपा में शामिल होने के बाद जातीय समीकरणों के लिहाज से इस विधानसभा क्षेत्र में बड़ा उलटफेर तय माना जा रहा है। क्षत्रिय बिरादरी शरदवीर सिंह के साथ रही। शरदवीर सिंह को राजनीति विरासत में मिली। उनके पिता उदयवीर सिंह कांग्रेस से दो बार विधायक रहे।
शरदवीर सिंह महज 25 साल की उम्र में ही पहली बार विधायक बन गए थे। शरदवीर सिंह के पिता उदयवीर सिंह ने 1980 में कांग्रेस से चुनाव जीता और अगली बार 1984 में भी इस सीट पर काबिज रहे। शरदवीर 1996, 2002 और 2017 को तीन बार विधायक बने। जिले के एकमात्र सपा विधायक का टिकट कटने से शरदवीर के समर्थक काफी नाराज हैं।
अभी भाजपा का प्रत्याशी घोषित नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि यहां से भाजपा पिछड़ी जाति के किसी व्यक्ति को टिकट दे सकती है। ऐसे में शरदवीर की सपा से नाराजगी और भाजपा की ओर झुकाव नए समीकरण पैदा करेगा।