फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Shahjehanpur-Roja again tracks down, trains passed overnight

शाहजहांपुर-रोजा के बीच फिर चटकी पटरी, रातभर गुजरी ट्रेनें

Sat, 17 Oct 2020 06:38 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2020 06:38 PM IST
विज्ञापन
Shahjehanpur-Roja again tracks down, trains passed overnight
शाहजहांपुर। डाउनलाइन पर शाहजहांपुर-रोजा के बीच एक बार फिर पटरी चटक गई। एक महीने के अंदर यह पांचवीं घटना है। हर बार रातभर चटकी पटरी से ही ट्रेनों का संचालन होता रहा, सुबह चाबीमैन द्वारा देखे जाने पर जानकारी हुई और जॉगल प्लेट बंधवाई गई। बृहस्पतिवार रात को पटरी चटकने वाली घटना शुक्रवार सुबह चॉबीमैन द्वारा रेल अधिकारियों को दी गई। तब इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर जॉगल प्लेट बंधवाया। इस दौरान बरेली की ओर से आने वाली ट्रेनों को शाहजहांपुर स्टेशन पर रोका गया।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार रात शाहजहांपुर-रोजा के बीच कैलाश नगर कॉलोनी के पास पटरी चटक गई। रातभर चटकी पटरी से ही ट्रेनें गुजरती रहीं। इनमें मालगाड़ी, लखनऊ मेल, सत्याग्रह, दिल्ली-लखनऊ सुपरफास्ट शामिल रहीं। शुक्रवार सुबह 5:30 बजे जब चाबीमैन ने देखा तब जानकारी उच्चाधिकारियों व कंट्रोल को दी गई। आदेश पर रेल पथ निरीक्षक के नेतृत्व में इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और जॉगल बांधने का काम किया। इसके बाद ट्रेनों को 30 किलोमीटर की स्पीड से निकाला गया। बताया जाता है कि जिस जगह पर पटरी चटकी वहां पर 52 किलोग्राम की पटरी पड़ी हुई है, जिस कारण लगातार फैक्चर हो रहे हैं। जॉगल बांधने से पहले बरेली की ओर से आने वाली गाड़ियों को कंट्रोल के आदेश पर शाहजहांपुर स्टेशन पर रोका गया। इस बीच एक मालगाड़ी खड़ी रही। करीब आधे घंटे के बाद जॉगल बंधने पर ट्रेन को रवाना किया गया।
विज्ञापन

इन तारीखों में चटकी थी पटरी
शाहजहांपुर-रोजा के बीच पिछले एक महीने में पांच बार पटरी चटक चुकी है। पहली घटना तीन अक्तूबर को मोहम्मदी फाटक के पास हुई थी। चटकी पटरी से ही रातभर ट्रेनें दौड़ती रहीं। सुबह चाबीमैन ने देखा और अपनी सूझबूझ से पटाखा दगाने के साथ ही लाल झंडा लगाकर आ रही किसान एक्सप्रेस को रोका था। इसके बाद दूसरे दिन ही चार अक्तूबर को उसी स्थान के आसपास पटरी चटकी और अगले दिन भी फैक्चर मिला। इस तरह तीन दिन लगातार रेलवे ट्रैक फैक्चर हुए। चौथी घटना 13 अक्तूबर को रात 2.30 बजे हुआ था। बृहस्पतिवार रात को एक बार फिर से शाहजहांपुर-रोजा के बीच पटरी चटक गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

भार कम होने की वजह से चटक रही पटरी
सेक्शन इंजीनियर अनिल कुमार नीरज ने बताया कि भारतीय रेल में कई प्रकार की पटरी होती हैं। पहली 72, दूसरी 60, तीसरी 52, चौथी 39 और पांचवीं 19 किलोग्राम की पटरियां रहती हैं। जिस जगह रेल फैक्चर हो रहे हैं, वहां पर 52 केजी की पटरी पड़ी हुई है और रूट पर ट्रैफिक अधिक रहता है। इसकी वजह से आए दिन फैक्चर हो रहा है। रेल पटरी का जीवन मेन लाइन पर 20 और ब्रांच लाइन पर 25 साल होता है। ट्रॅफिक और लोड अधिक होने पर निर्धारित अवधि से पहले भी पटरी बदली जाती है।

सुबह 5.30 बजे पटरी चटकने की सूचना मिली थी, जिस पर डाउनलाइन की गाड़ियों को कॉशन देकर निकाला गया। जब तक पटरी नहीं बदली जाती, तब तक 30 किमी की स्पीड से ट्रेनों का संचालन होगा। फैक्चर रोकने के लिए 52 की जगह 60 केजी की रेल पटरी डालने का काम किया जाना है। इसके लिए रेल लाइन के किनारे पटरी के टुकड़ों को डाला जा रहा है। इन पटरी को बिछाने का काम ब्लॉक मिलने पर किया जाएगा। - एके गौतम, स्टेशन अधीक्षक शाहजहांपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed