यूपी: शाहजहांपुर में मंदिर के दो सेवादारों की निर्मम हत्या, परिसर में जलाए शव, आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर खुदागंज क्षेत्र में मंदिर परिसर में दो साधुओं की हत्या कर दी गई। उनके शवों को परिसर में जला दिया गया। बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो मंजर देख सन्न रह गए।
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शाहजहांपुर के खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में पुराने शिव मंदिर परिसर में दो साधुओं की हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार सुबह दोनों के शव जली अवस्था मिले। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद गांव के ही सुमित सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक सुमित ने लोहे की रॉड से प्रहार कर साधुओं की हत्या की थी। उसकी निशानदेही पर रॉड को बरामद कर लिया गया।
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि गांव में बने शिव मंदिर में मूलरूप से शहर के अजीजगंज मोहल्ले के रहने वाले गोपालदास (75 वर्ष) करीब 40 वर्षों से सेवा कर रहे थे। उनके साथ उनके चेले गांव के ही रहने वाले बिहारी दास (60) भी सेवा करते थे। गांव का रहने वाला सुमित सिंह पिछले कई दिनों से दोनों साधुओं के पास जाकर बैठता था और उन्हें मंदिर छोड़कर जाने के लिए कहता था।
बुधवार रात करीब दस बजे सुमित घर से लोहे का पाइप लेकर निकल गया। रात करीब 12 बजे वह मंदिर पहुंचा और तख्त पर सो रहे गोपालदास पर ताबड़तोड़ पाइप मारे। उनकी मौत के बाद पास में सो रहे बिहारीदास की भी हत्या कर दी। मंदिर में रखे घी-तेल आदि को डालकर दोनों के शव जला दिए। सुबह करीब छह बजे वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने अंदर से धुआं उठते देखा तो मंदिर के सर्वेसर्वा शिवकुमार सिंह को फोन किया।
उन्होंने अपने बेटे को मौके पर भेजा तो दोनों साधुओं के शव बुरी तरह से जले मिले। वारदात के बाद सुमित घर जाकर सो गया। उसे पुलिस ने घर से ही गिरफ्तार कर लिया। सूचना पर एसपी सौरभ दीक्षित मौके पर पहुंचे और जांच की। एसपी ने बताया कि परिजनों ने सुमित का बरेली से मानसिक इलाज चलने की बात बताई है। शिवशंकर की तहरीर पर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।।
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बुधवार को ही लौटे थे गोपालदास
गोपालदास कुछ समय पहले खुटार में ब्याही अपनी बेटी सरस्वती के पास गए थे। वहां से वह बुधवार को ही लौटे थे। उनकी हत्या की सूचना पर बृहस्पतिवार दोपहर पहुंची बेटी पिता को याद कर बिलख पड़ी। साथ में आए लोगों ने उन्हें संभाला।
विसरा सुरक्षित
दोनों साधुओं का शव पूरी तरह से जल गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण विसरा सुरक्षित कर लिया गया है।
- बुधवार शाम करीब सात बजे सुमित मंदिर पहुंचा और तकरीबन आधे घंटे तक दोनों साधुओं के पास बैठा।
- रात करीब आठ बजे वह घर पहुंचा और परिजनों से मारपीट शुरू कर दी।
- रात दस बजे वह घर से फोल्डिंग पलंग को लोहे का पाइप लेकर घर से निकला।
- 10 से 12 बजे के बीच हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पहले वह करीब 40 मिनट तक दोनों लोगों के साथ सोने का नाटक करता रहा।
- रात 12:30 वह घर आकर नहाने-धोने के बाद सो गया।
- बृहस्पतिवार सुबह छह बजे ग्रामीणों की घटना की जानकारी हुई।
- सुबह सात बजे पुलिस मौके पर पहुंची।
- सुबह आठ बजे आरोपी सुमित को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।
- सुबह नौ बजे एसपी सौरभ दीक्षित और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
- दोपहर करीब एक बजे एडीजी बरेली रमित शर्मा, डीआईजी बरेली रेंज अजय साहनी मौके पर पहुंचे।