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Sukhjeet Murder Case: अज मेरे पिता दी आत्मा नू शांति अते न्याय मिलया, कोर्ट के फैसले पर बेटा खुश, जज साहब

Mon, 09 Oct 2023 11:45 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 09 Oct 2023 11:45 AM IST
सार

बहुचर्चित सुखजीत सिंह हत्याकांड में शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने एनआरआई पत्नी रमनदीप कौर को फांसी और उसके प्रेमी गुरुप्रीत सिंह उर्फ मिट्ठू को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने मामले की विवेचना में लापरवाही बरतने पर डीजीपी से विवेचक राजेश कुमार सिंह के खिलाफ एक सप्ताह में कार्रवाई की अनुशंसा की।

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Shahjahanpur Sukhjeet Murder Case Son Arjun expressed happiness over death sentence to mother Ramandeep Kaur
Sukhjeet Murder Case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मां रमनदीप कौर को फांसी और गुर्रपीत सिंह उर्फ मिट्ठू सिंह को आजीवन कारावास की सजा की जानकारी पर पुत्र अर्जुन ने खुशी जताई है। बसंतापुर में फार्म हाउस पर मौजूद सुखजीत सिंह के बहनोई हरविंदर सिंह ने बताया सुखजीत का पुत्र अर्जुन और अर्जुन का भाई एमन इंग्लैंड में रहकर पढ़ाई कर रहा है। 
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अर्जुन कोर्ट की हर पेशी पर दादी वंश कौर से बात कर मुकदमें की जानकारी लेता था। रमनदीप कौर को फांसी की सजा की होने पर दादी वंश कौर ने अर्जुन को कोर्ट के फैसले की जानकारी मोबाइल पर दी। जानकारी होने पर अर्जुन ने खुशी जताते हुए कहा कि मैं कोर्ट दा धन्यवाद करदा हां, ते जज साहब अते एसपी नू धन्यवाद दिंदा हां। 
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ओना ने आ बहुत ही बदिया फैसला कीता। अज मेरे पिता दी आत्मा नू शांति अते न्याय मिलया है, जो जिद्दा दा करेगा,ओददां दा ही भरेगा। (आज मेरे पिता की आत्मा को शांति और न्याय मिला है, जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा। मैं कोर्ट को धन्यवाद देता हूं, जज साहब को धन्यवाद देता हूं, एसपी साहब को धन्यवाद देता हूं। यह फैसला बहुत अच्छा किया है)।
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घटना के समय अर्जुन दस साल का था और पिता की हत्या का चश्मदीद था। उसने कोर्ट में घटना की रात की सच्चाई बयान की थी। अर्जुन की गवाही मामले में बेहद महत्वपूर्ण रही। घटना के अगले दिन वह छोटे भाई एमन के परेशान होने के कारण बिल्कुल नहीं रोया था और भाई को सांत्वना देता रहा था।
 

बहुचर्चित सुखजीत सिंह हत्याकांड में शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने एनआरआई पत्नी रमनदीप कौर को फांसी और उसके प्रेमी गुरुप्रीत सिंह उर्फ मिट्ठू को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने मामले की विवेचना में लापरवाही बरतने पर डीजीपी से विवेचक राजेश कुमार सिंह के खिलाफ एक सप्ताह में कार्रवाई की अनुशंसा की।

 

बंडा के बसंतापुर के मूल निवासी सुखजीत इंग्लैंड के डर्बी शहर में रहते थे। उनका फार्म हाउस बसंतापुर में है। सुखजीत की पंजाब के कपूरथला की तहसील सुल्तानपुर लोधी के गांव जैनपुर के मूल निवासी और दुबई में रहने वाले गुरुप्रीत सिंह उर्फ मिट्ठू सिंह से स्कूल के समय से मित्रता थी। सुखजीत ने जालंधर की मूल निवासी और इंग्लैंड के डर्बी शहर निवासी रमनदीप कौर से सन 2000 में शादी की थी। 

 

ये भी पढ़ें- Sukhjeet Murder: इंग्लैंड में बना रिश्ता, दुबई में साजिश, शाहजहांपुर में कत्ल; लव मैरिज से मर्डर तक पूरी कहानी

इसके बाद मिट्ठू और सुखजीत की पत्नी रमनदीप कौर के बीच प्रेम संबंध हो गए। 28 जुलाई, 2016 को सुखजीत पत्नी, बच्चों और अपने दोस्त मिट्ठू के साथ भारत आए थे। देश में कई जगह घूमने के बाद वह 15 अगस्त को अपने बसंतापुर स्थित फार्म हाउस पहुंचे। एक सितंबर की रात सुखजीत की गला काटकर हत्या कर दी गई। 
 


इस मामले में पुलिस ने मिट्ठू और रमनदीप को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था। पुलिस के अनुसार प्रेम संबंध में रोड़ा बनने पर रमनदीप ने प्रेमी मिट्ठू के साथ मिलकर सुखजीत की हत्या की थी। 
 

एक साल बाद रमनदीप और मिट्ठू जमानत पर बाहर आ गए थे। मुकदमा चलने के दौरान अदालत में घटना के चश्मदीद बेटे अर्जुन समेत 16 गवाह पेश किए गए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीपाल वर्मा ने बताया कि पांच अक्तूबर को अदालत ने गवाहों के बयान और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद रमनदीप और मिट्ठू को दोषी माना था। 

 

शनिवार को अदालत ने दोनों की सजा का एलान किया। रमनदीप कौर को फांसी और मिट्ठू को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने रमनदीप पर पांच लाख और मिट्ठू पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

सुखजीत के घर इंग्लैंड और कनाडा से आए रिश्तेदार
सुखजीत सिंह हत्याकांड का फैसला आने के इंग्लैंड के डर्बी से आए से आए सुखजीत के बहनोई कुलदीप सिंह टुरना के छोटे भाई तरसेम सिंह अपने फुफेरे भई कनाडा के देवेंद्र सिंह के साथ सुखजीत सिंह के बसंतापुर स्थित फार्म हाउस पर पहुंचे हैं। दोनों लोगों ने कहा कि कोर्ट ने बहुत सही फैसला दिया है। इससे साफ है कि भारत में न्यायपालिका कितनी सुदृढ़ है। रमनदीप कौर को फांसी और मिट्ठू को आजीवन कारावास से लोगों को न्यापालिका पर विश्वास और भी बढ़ेगा।

तरसेम सिंह ने बताया कि उनके भाई कुलदीप सिंह ने सुखजीत सिंह को पुत्र की तरह पाला और इंग्लैड में उच्च शिक्षा दिलाई। सुखजीत के हत्यारों को सजा दिलाने में उनके भाई कुलदीप सिंह का भी बहुत योगदान रहा है। वह लगातार मुकदमें में जानकारी रखते रहे। इसके अलावा गांव बसंतपुर के ही दलजीत सिंह भी लगातर मदद में लगे रहे। उन्होंने पुलिस, कोर्ट और मुसीबत में मदद करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद भी दिया है।

 

तरसेम सिंह ने बताया कि इंग्लैंड में अर्जुन डर्बी में ही इंटर और एमन हाईस्कूल का छात्र है। दोनों पुरानी बातें भुलाकर उच्च शिक्षा ग्रहण करने में लगे हुए हैं। सुखजीत के दूसरे बहनोई हरविंदर सिंह ने कहा कि रमनदीप की फांसी और मिट्ठू की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखवाने के लिए वह लोग आगे भी कोर्ट में पैरवी करेंगे और पूरी नजर रखेंगे।

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